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फ्रॉड कॉल आए तो 1930 या Chakshu-कहां शिकायत करें? जानिए दोनों में अंतर और सही प्रक्रिया

साइबर ठगी या संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत सही प्लेटफॉर्म पर शिकायत करना बेहद जरूरी है। जानिए 1930 नेशनल हेल्पलाइन और संचार साथी के 'चक्षु' पोर्टल के बीच का सटीक अंतर।
3 min read
Sep 03, 2026
Fraud Call Alert News.

आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी और फर्जी कॉल्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी अनजान नंबर से संदिग्ध कॉल, लॉटरी या जॉब स्कैम का मैसेज आना आम बात हो गई है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि यदि उनके साथ किसी तरह की धोखाधड़ी हो जाए या कोई संदिग्ध संचार (Suspended Fraud Communication) प्राप्त हो, तो वे अपनी शिकायत कहां दर्ज कराएं। दूरसंचार विभाग (DoT) और गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रणाली ने इसके लिए अलग-अलग माध्यम तय किए हैं। आइए जानते हैं कि 1930 हेल्पलाइन और संचार साथी (Sanchar Saathi) के 'चक्षु' (Chakshu) पोर्टल में क्या अंतर है और किस स्थिति में आपको कहां शिकायत करनी चाहिए।

पुराना या सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर जरूर जांच लें, ताकि आप किसी धोखाधड़ी से बच सकें। ( फोटो: Google Gemini.)
  1. 'चक्षु' पोर्टल (Chakshu): संदिग्ध कॉल्स और मैसेज की रोकथाम के लिएसंचार साथी पोर्टल पर उपलब्ध 'चक्षु' सुविधा मुख्य रूप से उन मामलों के लिए है जहां आपको वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आपको किसी प्रकार का धोखाधड़ी वाला संदेश, कॉल या व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ है।

किस प्रकार की शिकायतें दर्ज होती हैं: बैंक खाता अपडेट करने, केवाईसी (KYC), बिजली बिल, सेक्सटोर्शन, लॉटरी जीतने या सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल्स और एसएमएस।

कार्रवाई: दूरसंचार विभाग (DoT) इन रिपोर्ट्स का विश्लेषण करता है। DoT के आंकड़ों के अनुसार, चक्षु पर मिलने वाली शिकायतों के आधार पर देश भर में लाखों संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों और सिम कार्ड्स को ब्लॉक किया गया है जिनका उपयोग साइबर अपराधी कर रहे थे।

उद्देश्य: यह एक निवारक (Preventive) कदम है, जो बड़े पैमाने पर फ्रॉड होने से पहले ही जालसाजों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद करता है।

  1. साइबर हेल्पलाइन '1930': वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) की स्थिति मेंयदि आपके साथ साइबर ठगी हो चुकी है और आपके बैंक खाते से पैसे कट चुके हैं, तो चक्षु पर जाने के बजाय आपको तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

किस प्रकार की शिकायतें दर्ज होती हैं: ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई (UPI) धोखाधड़ी, क्रेडिट-डेबिट कार्ड से अवैध निकासी और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर वित्तीय अपराध।

कार्रवाई: 1930 एक 'गोल्डन ऑवर' (Golden Hour) कॉन्सेप्ट पर काम करती है। घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने पर वित्तीय मध्यस्थों और बैंकों के सहयोग से ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खातों में होल्ड या फ्रीज करा लिया जाता है, जिससे पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

उद्देश्य: यह एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) है जो तुरंत राहत और रिकवरी पर केंद्रित है।


मुख्य अंतर और सही चुनाव कैसे करें?















पैमानाचक्षु पोर्टल (Chakshu)साइबर हेल्पलाइन 1930
स्थितिसंदिग्ध कॉल/मैसेज मिला हो (पैसे नहीं कटे हों)वित्तीय नुकसान हो चुका हो (पैसे कट गए हों)
माध्यमSanchar Saathi App / Web Portalटोल-फ्री नंबर 1930 / Cybercrime.gov.in
मुख्य फोकससंदिग्ध नंबरों को ब्लॉक करना और नेटवर्क रोकनाठगी गई राशि को फ्रीज कराना व रिकवर करना

सतर्कता और सुरक्षा सलाह आवश्यक

यदि आपको केवल फर्जी या डराने वाले कॉल्स आ रहे हैं, तो तुरंत Chakshu पर रिपोर्ट करें ताकि उस नंबर और डिवाइस को ब्लॉक किया जा सके। वहीं, यदि आपके साथ पैसों की धोखाधड़ी हो गई है, तो एक सेकंड गंवाए बिना 1930 पर कॉल करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

Updated on:
03 Sept 2026 02:15 pm
Published on:
03 Sept 2026 02:10 pm