
SMART-PDS की नई व्यवस्था में Silent और Duplicate राशन कार्ड की पहचान होगी। (फोटो: CHatGPT )
देशभर के राशन कार्ड धारकों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी Public Distribution System (PDS) को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने नई प्रक्रिया तैयार की है। इसके तहत ऐसे राशन कार्ड जिनकी गतिविधियां लंबे समय से दर्ज नहीं हुई हैं या जिनकी पात्रता की पुष्टि नहीं हो पाई है, उन्हें अब डिजिटल सिस्टम में Silent Category के रूप में चिन्हित किया जा सकेगा।
केंद्रीय खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग ने SMART-PDS व्यवस्था के तहत Silent और Duplicate राशन कार्ड से निपटने के लिए नई Standard Operating Procedure (SOP) तैयार की है। यह सुविधा 1 अक्टूबर 2026 से SMART-PDS में लागू होने की तैयारी है।'
Silent राशन कार्ड ऐसे कार्ड को कहा जाएगा जिनमें लंबे समय से कोई राशन लेन-देन दर्ज नहीं हुआ है या जिनकी जानकारी का सत्यापन आवश्यक है।
आधार आधारित e-KYC अधूरा होना।
लंबे समय से राशन का उठाव नहीं होना।
परिवार के सदस्यों की जानकारी अपडेट नहीं होना।
राशन कार्ड रिकॉर्ड में किसी प्रकार की असंगति मिलना।
हालांकि Silent कार्ड का अर्थ यह नहीं है कि राशन कार्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था में पहले कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है और लाभार्थी को अपनी पहचान दोबारा सत्यापित करने का अवसर दिया जाएगा।
सरकार लंबे समय से राशन वितरण प्रणाली में फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
SMART-PDS के माध्यम से राशन कार्ड डेटा, आधार सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे। इसका उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और गलत लाभ लेने वाले मामलों को रोकना है।
राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें लाभार्थी की पहचान आधार के माध्यम से सत्यापित की जाती है।
लाभार्थी की पहचान प्रमाणित होती है।
राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ती है।
गलत नाम और डुप्लीकेट रिकॉर्ड हटाने में मदद मिलती है।
सरकारी समीक्षा के अनुसार जुलाई 2026 तक राशन कार्ड लाभार्थियों की e-KYC प्रक्रिया में बड़ी प्रगति हुई थी।
अगर किसी राशन कार्ड को Silent श्रेणी में रखा जाता है तो लाभार्थी को तीन महीने की e-KYC Re-validation Window दी जाएगी।
आधार आधारित e-KYC पूरा कराना होगा।
परिवार के सदस्यों की जानकारी जांचनी होगी।
राशन कार्ड की सक्रियता की पुष्टि करानी होगी।
मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी विवरण अपडेट कराने होंगे।
सत्यापन पूरा होने के बाद कार्ड को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है।
नई व्यवस्था लागू होने से पहले लाभार्थियों को कुछ जरूरी कदम उठा लेने चाहिए—
मोबाइल नंबर अपडेट रखें।
अपने राशन कार्ड की स्थिति जांचें।
सभी सदस्यों का e-KYC पूरा कराएं।
राशन वितरण की रसीद और रिकॉर्ड संभालकर रखें।
आधार और राशन कार्ड में नाम की जानकारी मिलाएं।
SMART-PDS का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित बनाना है। इसमें डिजिटल रिकॉर्ड, आधार सत्यापन और बेहतर निगरानी के जरिए खाद्यान्न वितरण को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
यानी नई व्यवस्था में राशन कार्ड धारकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने कार्ड को सक्रिय रखें, समय पर e-KYC पूरा करें और किसी भी सत्यापन प्रक्रिया को नजरअंदाज न करें।
Updated on:
03 Sept 2026 12:09 pm
Published on:
03 Sept 2026 12:09 pm
