
सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI नंबर की जांच करें। Duplicate या ब्लॉक डिवाइस से बचने के लिए Sanchar Saathi पर फोन सत्यापित करना जरूरी है। (फोटो: Google Gemini )
स्मार्टफोन खरीदना आज आम जरूरत बन चुका है, लेकिन कम कीमत में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कई बार बिना जांच के खरीदा गया पुराना फोन आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है। खासतौर पर अगर मोबाइल का IMEI नंबर बदला हुआ, फर्जी या ब्लॉक है तो उपयोगकर्ता को कानूनी और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल सुरक्षा को लेकर IMEI से जुड़ी गड़बड़ियों पर लोगों को सतर्क किया है। विभाग लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रहा है, जिनमें मोबाइल उपकरणों की पहचान संख्या के साथ छेड़छाड़ की जाती है।
IMEI यानी International Mobile Equipment Identity मोबाइल फोन की एक विशेष पहचान संख्या होती है। आमतौर पर हर मोबाइल डिवाइस का अलग IMEI नंबर होता है।
यह नंबर मोबाइल नेटवर्क पर डिवाइस की पहचान करने में मदद करता है।
चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक करने में सहायता मिलती है।
ब्लॉक किए गए फोन की पहचान की जा सकती है।
डिवाइस की वास्तविकता जांची जा सकती है।
पुराना फोन खरीदते समय केवल बाहरी स्थिति और फीचर्स देखना पर्याप्त नहीं है। कई बार डिवाइस का IMEI नंबर बदल दिया जाता है या किसी अन्य डिवाइस का IMEI इस्तेमाल किया जाता है।
फोन ब्लॉक हो सकता है।
सुरक्षा जांच में समस्या हो सकती है। नेटवर्क संबंधी परेशानी आ सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले IMEI सत्यापन जरूरी है।
सरकार की Sanchar Saathi सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता मोबाइल की जानकारी जांच सकते हैं।
मोबाइल का IMEI नंबर देखें।
फोन चोरी या ब्लॉक सूची में है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर डिवाइस की जानकारी जांचें।
IMEI नंबर जानने के लिए मोबाइल में *#06# डायल किया जा सकता है। कई डिवाइस में यह जानकारी सेटिंग्स या मोबाइल बॉक्स पर भी उपलब्ध होती है।
सेकेंड हैंड मोबाइल लेते समय इन बातों का ध्यान रखें—
फोन और बॉक्स पर लिखा IMEI नंबर समान हो।
बहुत कम कीमत वाले संदिग्ध ऑफर से बचें।
मोबाइल की नेटवर्क कनेक्टिविटी जांचें।
बिल और खरीद दस्तावेज उपलब्ध हों।
अगर IMEI नंबर बार-बार बदलता दिखे या जानकारी मेल न खाए तो सावधान हो जाएं।
IMEI के साथ छेड़छाड़ करना कानून के तहत गंभीर मामला माना जाता है। ऐसा मोबाइल खरीदना उपयोगकर्ता के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
डिवाइस नेटवर्क से बाहर हो सकता है।
जांच एजेंसियां मोबाइल की जानकारी मांग सकती हैं।
उपयोगकर्ता को खरीद का प्रमाण देना पड़ सकता है।
खरीद से पहले IMEI सत्यापन करें।
बिल और पहचान संबंधी रिकॉर्ड रखें।
हमेशा विश्वसनीय विक्रेता से फोन खरीदें।
फोन रीसेट और डेटा सुरक्षा की जांच करें।
बहरहाल,आज जब मोबाइल में बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और निजी जानकारी मौजूद रहती है, तब केवल कम कीमत देख कर फोन खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। कुछ मिनट की IMEI जांच भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
Updated on:
03 Sept 2026 01:50 pm
Published on:
03 Sept 2026 01:50 pm
