
देश में पासपोर्ट बनवाना अब पहले से आसान हो गया है। अब इस दस्तावेज को बनवाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पासपोर्ट सेवा पोर्टल के जरिए पूरी की जाती है। सही जानकारी न होने पर यह प्रक्रिया लोगों को उलझन भरी लग सकती है। इसके साथ ही हाल ही में सरकार ने पासपोर्ट से जुड़ी फीस में भी बड़ा बदलाव किया है, जिसकी जानकारी होना आवेदकों के लिए बेहद जरूरी है।
भारतीय पासपोर्ट विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) द्वारा पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाता है। पासपोर्ट बनवाने की शुरुआत पोर्टल पर खाता बनाने से होती है, इसके बाद लॉगिन करके 'Apply for Fresh Passport/Re-issue' विकल्प चुना जाता है। खाते की सुरक्षा के लिए पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।
भारत सरकार, साधारण (Ordinary), राजनयिक (Diplomatic), सरकारी (Official), इमरजेंसी सर्टिफिकेट और पहचान पत्र (Certificate of Identity) जैसे कई प्रकार के पासपोर्ट जारी करती है। आम नागरिकों के लिए सामान्य यात्रा हेतु साधारण पासपोर्ट ही पर्याप्त होता है। आवेदन के साथ पहचान प्रमाण (जैसे- आधार कार्ड), जन्मतिथि प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र), पता प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड) और नागरिकता प्रमाण देना जरूरी होता है। ये सभी दस्तावेज पासपोर्ट सेवा केंद्र पर सत्यापन के लिए साथ ले जाने होते हैं।
सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को इसके अतिरिक्त Annexure A (पहचान का प्रमाण), Annexure G (NOC) या Annexure H (Prior Intimation Letter) में से कोई एक दस्तावेज जमा करना होता है। इसका सीधा असर पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पर पड़ता है। कुछ मामलों में यह पूर्व-सत्यापन या पश्चात-सत्यापन (Post Verification) के रूप में होता है।
पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र जाने से पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करना अनिवार्य है। इसके लिए भुगतान भी ऑनलाइन करना होगा। यह भुगतान क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए करना होता है। अपॉइंटमेंट के दिन आवेदक को मूल दस्तावेज और उनकी स्व-प्रमाणित प्रतियां लेकर केंद्र जाना होता है। फोटो पहले से बनवाने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि पासपोर्ट सेवा केंद्र पर ही फोटो और बायोमेट्रिक्स लिए जाते हैं।
दस्तावेज सत्यापन के बाद पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया होती है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को Annexure A जमा करने पर पूर्व पुलिस सत्यापन से छूट मिल सकती है। पासपोर्ट सेवा केंद्रों में स्वयं-सेवा कियोस्क, फोटो कॉपी, ATM और बेबी केयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक कतार प्रबंधन प्रणाली (EQS) के जरिए पहले 'आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर कार्य होता है। आमतौर पर सामान्य प्रक्रिया में पासपोर्ट बनने में 15 से 30 दिन लगते हैं, जबकि अतिरिक्त शुल्क देकर Tatkaal सेवा से यह काम 3 से 7 दिन में हो जाता है।
आवेदकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सरकार ने करीब 14 साल बाद पासपोर्ट से जुड़ी फीस में बदलाव किया है, जो 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो चुका है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम 1980 में संशोधन करते हुए नए शुल्क अधिसूचित किए हैं। नई दरों के अनुसार 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट का शुल्क 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया गया है, जबकि इसी श्रेणी में तत्काल सेवा का शुल्क 3,500 रुपए से बढ़कर 5,000 रुपए हो गया है।
वहीं, 60 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट का शुल्क 2,000 रुपए से बढ़ाकर 3,500 रुपए किया गया है और इसकी तत्काल सेवा 4,000 रुपए की जगह 6,000 रुपए में मिलेगी। यह बढ़ा हुआ शुल्क नए पासपोर्ट आवेदन के साथ-साथ री-इश्यू, रिन्यूअल, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट को दोबारा बनवाने और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) जैसी लगभग सभी सेवाओं पर लागू होता है। पासपोर्ट सेवाएं 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए भी महंगी हो गई हैं।
केंद्र सरकार बार-बार स्पष्ट करती है कि पासपोर्ट बनवाने के दौरान किसी भी एजेंट या दलाल से संपर्क न करें। ऐसे लोग जल्दी पासपोर्ट बनवाने, विशेष अपॉइंटमेंट दिलाने या प्रक्रिया आसान कराने के झूठे वादे कर सकते हैं, लेकिन असल में यह धोखाधड़ी का जरिया बन सकता है। पूरी आवेदन प्रक्रिया पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से खुद पूरी करना ही सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका है।