
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की ऊंची कीमतों के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री फ्यूल रिलीफ स्कीम में तीन बड़े बदलावों का ऐलान किया है। संघीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्री शाजा फातिमा ख्वाजा ने शनिवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में इन बदलावों की जानकारी दी। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी APP और प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्टों के मुताबिक, यह फैसला नागरिकों और पत्रकारों से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया।
पाकिस्तान की नई योजना का मकसद पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से प्रभावित मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कारों के मालिकों को आर्थिक राहत देना है। शुरुआत में इसके तहत दोपहिया व तिपहिया वाहनों को प्रति टोकन 500 रुपये की छूट के साथ अधिकतम 5 लीटर पेट्रोल पर राहत दी जाती थी, जबकि 800 सीसी तक की कारों को हर 10 दिन में 10 लीटर पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की छूट मिलती रही है। यानी महीने में करीब 30 लीटर पर राहत मिलेगी।
मंत्री शाजा फातिमा के अनुसार, पहला बड़ा बदलाव यह है कि अब दोपहिया और तिपहिया वाहन मालिकों को हर महीने चार टोकन मिलेंगे, और हर टोकन पर 500 रुपये की राहत राशि पहले जैसी ही रहेगी। यानी कुल मिलाकर महीने में अधिकतम 2000 रुपये तक की राहत। इसके साथ ही हर टोकन पर लागू पांच लीटर की सीमा पूरी तरह हटा दी गई है, यानी अब लाभार्थी जरूरत के मुताबिक पेट्रोल खरीदकर भी टोकन की पूरी 500 रुपये की राहत पा सकेंगे।
मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर दो लीटर पेट्रोल की कीमत 780 रुपये है, तो 500 रुपये का टोकन इस्तेमाल करने के बाद लाभार्थी को सिर्फ 280 रुपये चुकाने होंगे। दूसरा बदलाव यह है कि योजना की पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। पहले केवल 2011 या उसके बाद रजिस्टर्ड मोटरसाइकिलें ही इस स्कीम के लिए पात्र थीं, लेकिन अब 1 जनवरी 2006 या उसके बाद रजिस्टर्ड मोटरसाइकिलें भी इसमें शामिल की जा सकेंगी।
तीसरा और अहम बदलाव SMS शुल्क को पूरी तरह खत्म करना है। अब चाहे किसी के पास 800 सीसी तक की कार हो या दोपहिया-तिपहिया वाहन, स्कीम से जुड़ा हर एसएमएस पूरी तरह मुफ्त होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन, एसएमएस या टोकन जारी करने के लिए सरकार किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले रही, और नागरिकों को धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहने की सलाह भी दी।
डॉन और डेली टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार दोपहर 3 बजे तक इस योजना के तहत 17.5 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण करा लिया था, जबकि करीब 15 लाख राहत टोकन जारी किए जा चुके थे, जिनमें से 6 लाख 80 हजार से ज्यादा टोकन पेट्रोल पंपों पर भुनाए भी जा चुके थे। यह आंकड़े दिखाते हैं कि योजना को लोगों से तेज प्रतिक्रिया मिल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उप प्रधानमंत्री इशाक डार की अध्यक्षता वाली नेशनल स्टीयरिंग कमेटी ऑन फ्यूल सब्सिडी की एक बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन इलाकों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहां के पेट्रोल पंपों पर एसएमएस के जरिए ही फ्यूल टोकन इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जाए। बैठक में पेट्रोलियम, आर्थिक मामले, सूचना और आईटी मंत्रालयों के मंत्रियों के अलावा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के डिप्टी गवर्नर, ओजीआरए चेयरमैन, पाकिस्तान डिजिटल अथॉरिटी चेयरमैन और पंजाब-खैबर पख्तूनख्वा सहित आजाद जम्मू-कश्मीर व गिलगित-बाल्टिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
कमेटी ने इन क्षेत्रों से ऐसे पेट्रोल पंपों की सूची मांगी है ताकि उन्हें बिना देरी योजना से जोड़ा जा सके। देशभर में नंबर 9771 पर एसएमएस भेजकर रजिस्ट्रेशन और टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मीडिया विंग ने बताया कि यह बदलाव खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर किया गया, और वे स्कीम के क्रियान्वयन पर व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय ने शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24 घंटे चलने वाला एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
Updated on:
20 Sept 2026 06:33 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:32 pm
