
बिजली की बढ़ती कीमतों के बीच अधिकांश परिवार ऐसे उपाय तलाश रहे हैं जिनसे बिजली का बिल कम हो और सुविधाओं पर असर भी न पड़े। बाजार में कई तरह के “बिजली बचाने वाले” गैजेट्स उपलब्ध हैं, लेकिन सभी दावे सही नहीं होते। कुछ उपकरण वास्तव में बिजली की खपत कम करने में मदद करते हैं, जबकि कुछ केवल प्रचार तक सीमित होते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन गैजेट्स पर पैसा खर्च करना समझदारी है।
बिजली बचाने की शुरुआत खपत को समझने से होती है। एनर्जी मॉनिटरिंग वाले स्मार्ट प्लग यह बताते हैं कि कौन-सा उपकरण कितनी बिजली खर्च कर रहा है। मोबाइल ऐप के जरिए उपयोगकर्ता दैनिक और मासिक खपत का डेटा देख सकते हैं।
इससे एसी, गीजर, रेफ्रिजरेटर या अन्य उपकरणों की वास्तविक बिजली खपत का अंदाजा लगता है और अनावश्यक उपयोग कम करने में मदद मिलती है।
इन्वर्टर एलईडी बल्ब, इमरजेंसी लाइट और रिचार्जेबल पंखे बिजली बचाने की बजाय बिजली कटौती के दौरान सुविधा बनाए रखने के लिए उपयोगी होते हैं।
इनका मुख्य लाभ निरंतर उपयोग है, न कि सीधे बिजली बिल में कमी।
जो लोग घर से काम करते हैं या ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं, उनके लिए पोर्टेबल पावर स्टेशन और इन्वर्टर सिस्टम उपयोगी विकल्प हैं। ये लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, पंखे और अन्य जरूरी उपकरणों को बैकअप बिजली उपलब्ध कराते हैं।
हालांकि ये उपकरण बिजली की खपत कम नहीं करते, बल्कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सुविधा सुनिश्चित करते हैं।
टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, गेमिंग कंसोल और चार्जर जैसे कई उपकरण बंद होने के बाद भी स्टैंडबाय मोड में बिजली खर्च करते रहते हैं। इसे ‘फैंटम लोड’ या ‘स्टैंडबाय पावर’ कहा जाता है।
स्मार्ट पावर स्ट्रिप्स टाइमर या ऑटो-ऑफ फीचर के जरिए इस अनावश्यक खपत को रोक सकती हैं। घर की कुल बिजली खपत में स्टैंडबाय लोड का हिस्सा सीमित होता है, लेकिन नियमित उपयोग से कुछ बचत संभव है।
ऊर्जा दक्षता के मामले में BLDC (Brushless DC) पंखे सबसे उपयोगी घरेलू विकल्पों में गिने जाते हैं। ये पारंपरिक इंडक्शन पंखों की तुलना में काफी कम बिजली खर्च करते हैं।
इसी तरह एलईडी बल्ब पारंपरिक बल्बों और सीएफएल की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल होते हैं और उनकी उम्र भी लंबी होती है। यदि घर में अभी भी पुराने बल्ब या अधिक बिजली खपत करने वाले पंखे उपयोग हो रहे हैं, तो इन्हें बदलना सबसे प्रभावी कदम हो सकता है।
भारत सरकार का ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) स्टार लेबल उपभोक्ताओं को ऊर्जा-कुशल उपकरण पहचानने में मदद करता है। एसी, रेफ्रिजरेटर, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण खरीदते समय अधिक स्टार रेटिंग वाले मॉडल आमतौर पर कम बिजली खर्च करते हैं। शुरुआती कीमत थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन लंबे समय में बिजली बिल में बचत होती है।
बाजार में कई ऐसे “बिजली बचाने वाले बॉक्स” या प्लग-इन डिवाइस मिलते हैं जो दावा करते हैं कि उन्हें सॉकेट में लगाने मात्र से बिजली का बिल काफी कम हो जाएगा।
विशेषज्ञों और उपभोक्ता संगठनों के अनुसार, ऐसे अधिकांश उत्पाद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई वास्तविक बचत नहीं करते। इसलिए केवल प्रचार या बड़े दावों के आधार पर ऐसे उपकरण खरीदने से बचना चाहिए।
| गैजेट | मुख्य उपयोग |
|---|---|
| स्मार्ट प्लग | बिजली खपत की निगरानी |
| इन्वर्टर बल्ब/इमरजेंसी लाइट | बिजली कटौती में बैकअप |
| रिचार्जेबल पंखा | बिजली न होने पर उपयोग |
| पोर्टेबल पावर स्टेशन/इन्वर्टर | जरूरी उपकरणों को बैकअप |
| स्मार्ट पावर स्ट्रिप | स्टैंडबाय बिजली खपत कम करना |
| BLDC पंखा | कम बिजली में बेहतर प्रदर्शन |
| एलईडी बल्ब | ऊर्जा-कुशल रोशनी |
| BEE स्टार उपकरण | कम बिजली खपत वाले मॉडल |
| तथाकथित “बिजली बचाने वाले बॉक्स” | आमतौर पर प्रभावी नहीं |
यदि लक्ष्य वास्तव में बिजली का बिल कम करना है, तो सबसे पहले बिजली की खपत को समझना और ऊर्जा-कुशल उपकरण अपनाना जरूरी है। BLDC पंखे, एलईडी बल्ब, उच्च BEE स्टार रेटिंग वाले उपकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग टूल्स सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं। वहीं, केवल दावों के आधार पर बिकने वाले “चमत्कारी” बिजली बचाने वाले गैजेट्स से दूरी बनाना ही बेहतर है।