
आपके स्मार्टफोन पर प्राइवेसी सेटिंग्स की समझ और नियंत्रण आपके डिजिटल जीवन की सुरक्षा की नींव है। चाहे आप स्टूडेंट हों, नौकरीपेशा हों या टेक-रुचि वाले पाठक…यह लेख आपको बताएगा कि आपके फोन में कौन-कौन से विकल्प हैं, उन्हें कैसे सेट करें और क्यों यह आपके लिए जरूरी है?
आज के स्मार्टफोन कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच रखते हैं। Android में Privacy Dashboard से पता चलता है कि कौन-सी ऐप्स ने पिछले 24 घंटे में कैमरा, माइक्रोफोन या लोकेशन का इस्तेमाल किया। वहीं, iPhone में जब कोई ऐप कैमरा या माइक्रोफोन का उपयोग करता है, तो स्क्रीन पर एक छोटा इंडिकेटर दिखता है। ये संकेत आपको बताने का काम करते हैं कि आपका डेटा कब और कैसे उपयोग हो रहा है।
Android (विशेषकर Android 13 और उससे ऊपर): 'Settings > Security & privacy' यहां से आप ऐप परमिशन, Google Play Protect, सिस्टम अपडेट और अन्य सुरक्षा विकल्प देख सकते हैं।
Privacy Dashboard: ऐप्स की गतिविधि पर नजर रखें और Permission Manager से कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन जैसी परमिशन को 'जब ऐप इस्तेमाल हो रहा हो', एक बार, या नहीं जैसे विकल्पों से नियंत्रित करें।
Auto-reset permissions: लंबे समय तक न इस्तेमाल हुई ऐप्स की परमिशन अपने आप रीसेट हो जाती है।
Android 16 में Advanced Protection और Theft Protection फीचर्स फोन चोरी या अनधिकृत उपयोग की स्थिति में अतिरिक्त सुरक्षा देते हैं।
iOS (iOS 14.5 और बाद के मॉडल): 'App Tracking Transparency' ऐप्स को आपके डेटा को ट्रैक करने से पहले अनुमति लेनी होती है।
App Privacy Report: आप देख सकते हैं कि आपने जो परमिशन दी हैं, उनका ऐप्स कैसे उपयोग कर रहे हैं।
Safety Check (iOS 16 और बाद में): आप यह देख सकते हैं कि कौन-सी ऐप्स और लोग आपके डेटा तक पहुंच रखते हैं, और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत रोक सकते हैं।
Mail Privacy Protection: आपके ईमेल खोलने पर आपका IP पता और लोकेशन छुपाता है, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।
भारत सरकार ने दिसंबर 2025 में Sanchar Saathi नामक साइबर सुरक्षा ऐप की घोषणा की थी, जिसे सभी नए स्मार्टफोन में प्री‑इंस्टॉल करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, बाद में सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं बनाया और उपयोगकर्ता इसे डिलीट कर सकते हैं। डिजिटल अधिकार समूहों ने इस कदम पर चिंता जताई कि इससे यूजर की सहमति और निजता प्रभावित हो सकती है।