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बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं 5 तरह के योगासन: तेज होगा दिमाग और बूस्ट होगी इम्यूनिटी, बच्चे रहेंगे फिट

योग के जरिए इम्यूनिटी बूस्ट करना सबसे सेफ और नेचुरल तरीका है। मौसम बदलने के साथ बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में योगासन बेस्ट तरीका है।
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Updated: 6 Nov 2026, 7:39 PM IST
Essential yoga poses for children
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

मौसम बदलने के साथ ही बच्चों को अक्सर सर्दी-जुकाम, खांसी और कई तरह के इंफेक्शन होने लगते हैं। इसका कारण है बच्चों की कमजोर इम्यूनिटी और बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने के लिए शरीर में कम ताकत का होना। ऐसे में बच्चों को बैलेंस डाइट, स्लीप के साथ फिजिकल एक्टिव रहना जरूरी है। योग इस काम में मदद करता है और बच्चों की इम्यूनिटी बूस्ट करता है। योग केवल फिजिकल वर्क नहीं है बल्कि ये माइंड, बॉडी, सांसों पर कंट्रोल, फ्लैक्सिबिलिटी, शरीर की मजबूती बनाने साथ ही साथ बॉडी के बारे में जागरुक करने में भी मदद करता है।

बच्चों को सिखाएं 5 योगासन

1- उत्तानपादासन (लेग रेज): जमीन पर सीधा लेटकर दोनों पैरों को साथ में 60 डिग्री पर उठाना और फिर कुछ ऊपर तक बिल्कुल पैरों को सीधा बगैर घुटना मोड़े ले जाना और फिर 3-5 सेकेंड तक रोक के रखना और फिर रिलैक्स होता। ये आसन डाइजेशन इंप्रूव करता है, साथ ही गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है।

2- धनुरासन: पेट के बल लेटें और दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाकर हाथों से पकड़ें। पैरों को पकड़ते वक्त ध्यान में रखें कि एड़ी हिप को टच हो रही हो। पैर के एंकल को पकड़ें और चेहरे को ऊपर की तरफ उठाएं। बच्चों से जितनी देर हो सके उतनी देर इस आसन को करवाएं। फिर धीरे से लेग मसल्स को रिलैक्स करें। ये आसन डाइजेशन में मदद करता है और जमा गैस को बाहर निकालता है। साथ ही शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के फ्लो को बढ़ाता है।

3- चक्रासन: चक्रासन करने से नर्वस सिस्टम एक्टिवेट होता है, डाइजेशन, श्वसन तंत्र मजबूत होता है और साथ ही कॉर्डियोवस्कुलर सिस्टम भी स्ट्रांग होता है। बच्चों को खेल-खेल में चक्रासन करने की प्रैक्टिस करवाएं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि गर्दन, कलाई या कंधे में मोच ना आए।

4- मत्स्यासन: योग के ये आसन बच्चों के शरीर को फ्लैक्सिबल बनाते हैं। जिससे ना केवल मसल्स स्ट्रांग होती है, उनमे पुरानी सेल्स की जगह नई सेल्स बनती हैं बल्कि उनके बॉडी के हर एक अंग की ग्रोथ में भी मदद होती है। मत्स्यासन करने के लिए दोनों पैरों को कमलासन में रखकर बच्चे को बैठाएं और फिर कमर से पीछे की तरफ लिटाएं। सिर को जमीन पर टिकाएं लेकिन चेस्ट और कमर जमीन से ऊपर ही रहेंगे। हाथों की मदद से पैरों के अंगूठे को पकड़कर सपोर्ट दें।

5- शवासन: ऊपर बताए गए सभी 4 आसन को करने के बाद बच्चों को शवासन सिखाएं। इससे ना केवल शरीर को रिलैक्स मिलता है, बल्कि ये माइंड को भी रिलैक्स करता है। शवासन के लिए जमीन पर लेटकर हाथ और पैरों को शरीर से कुछ इंच की दूरी पर रखें। आंखों को बंद करें और धीमे सांस लें। इस आसन को करने से फिजिकल और मेंटल थकान दूर होती है। सांसों पर कंट्रोल होता है और लंग फंक्शन इंप्रूव होता है। ऑक्सीजन इनटेक की क्षमता बढ़ती है।

(डिस्क्लेमर: खबर में दी गई जानकारी जागरुकता के लिए है, व्यक्तिगत सलाह नहीं है। अगर बच्चों को कोई बीमारी या हड्डी संबंधी दिक्कत है तो योग करने से पहले डॉक्टर राय अवश्य लें।

Updated on:
6 Nov 2026, 7:39 PM IST
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