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अमरूद की खेती से हो रही है लाखों की कमाई; किसान अनूप सिंह से प्रेरणा लेकर आप भी कमा सकते हैं मुनाफा

क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ 5 बीघा जमीन पर लाखों की आमदनी कैसे हो सकती है? किसान अनूप सिंह की अनोखी कहानी पढ़िए, जिसने पारंपरिक खेती की परिभाषा ही बदल दी। अनूप सिंह ने अपनी मेहनत और समझदारी से बड़ा मुनाफा कमाया है।
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Aug 13, 2026
Guava cultivation
सांकेतिक इमेज (फोटो सोर्स- Chatgpt)

राजस्थान में दौसा जिले के गनिपुर गांव निवासी किसान अनूप सिंह पुजारी अपनी मेहनत और समझदारी से खेती करने बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। अनूप सिंह, अमरूद की खेती करके लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से महज 5 बीघा जमीन पर 1,000 अमरूद के पौधे लगाए हैं। अब वह सालाना लाखों रुपये की आमदनी कर रहे हैं। अनूप सिंह की यह कहानी युवा किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।

अमरूद की खेती की शुरुआत

अनूप सिंह ने साल 2020 में अमरूद की खेती शुरू की। वह सवाई माधोपुर में अमरूद की खेती की सफलता देखकर प्रेरित हुए थे। इसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक तरीके अपनाकर 5 बीघा में 1,000 पौधे लगाए। पौधों के बीच उचित दूरी, पोषण और अच्छी देखभाल की वजह से अगले साल से ही अमरूद के फल आने लगे। इसके बाद अनूप सिंह की कमाई शुरू हो गई।

₹50 हजार के खर्च में 5 लाख की कमाई

राजस्थान के अनूप सिंह अमरूद की खेती करके हर साल करीब 5 लाख रुपये की कमाई करते हैं। अनूप का कहना है कि हर साल फसल की देखरेख में करीब 50 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। फसल की लागत के मुकाबले मुनाफा कई गुना है। अमरूद साल में दो बार फल देता है, जिससे आय स्थिर रहती है। जयपुर, दौसा, सिकंदरा, महुआ और सिकराय जैसे शहरों में अमरूद की अच्छी मांग है। कई व्यापारी सीधे किसान के बाग से फल खरीदते हैं।

अनूप की कहानी से सबक

अनूप सिंह की कहानी किसानों के लिए प्रेरक है। यह कहानी बताती है कि कैसे थोड़ी सी जमीन और सही तकनीक से खेती को लाभदायक व्यवसाय में बदला जा सकता है। अनूप सिंह ने जोखिम लिया, नई तकनीक अपनाई और बाजार की समझ बनाई। उनकी मेहनत और प्रयास से बड़ी सफलता मिली। युवा किसान, कृषि छात्र और परिवारों के लिए यह कहानी स्पष्ट संदेश देती है कि पारंपरिक खेती छोड़कर नई तकनीक अपनाना, बाजार की समझ रखना और लागत-लाभ का संतुलन बनाना सफलता की कुंजी है।

अमरूद की खेती कैसे शुरू करें

अगर आप भी अमरूद की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने क्षेत्र में मिट्टी और जलवायु की उपयुक्तता जांचें। इसके बाद वैज्ञानिक पद्धति से पौधे लगाएं। पौधों के बीच उचित दूरी, पोषण और देखभाल पर ध्यान दें। लागत का हिसाब रखें और मंडी भाव या ई-नाम पोर्टल पर ताजा भाव देखकर ही बिक्री करें। बड़े निवेश से पहले स्थानीय कृषि विभाग या किसान सलाह केंद्र से मार्गदर्शन लें।

सीमित संसाधनों में सफलता

अनूप सिंह की तरह अगर आप भी सीमित संसाधनों में समझदारी और मेहनत से खेती को लाभदायक व्यवसाय बना सकते हैं। यह कहानी बताती है कि सफलता के लिए जमीन की मात्रा नहीं, बल्कि सोच और प्रयास मायने रखते हैं। अमरूद की खेती में नवाचार और तकनीकी अपनाने से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि किसानों को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में भी मदद मिलती है।

अनूप सिंह जैसे किसान यह दिखाते हैं कि कैसे सही दृष्टिकोण और तकनीक से कृषि को एक सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषि यंत्र सब्सिडी योजना। इन योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती को और अधिक लाभदायक बना सकते हैं।

Updated on:
13 Aug 2026 06:24 pm
Published on:
13 Aug 2026 06:24 pm