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बुजुर्गों के लिए व्यायाम करना उचित है? जानें बढ़ती उम्र में फिट रहने के टिप्स और समाज में फैले मिथक

बढ़ती उम्र और फिटनेस को लेकर समाज में कई प्रकार की धारणाएं हैं। लेकिन सही जानकारी और सावधानी से आप किसी भी उम्र में खुद को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 13, 2026

staying fit for elder people

सांकेतिक इमेज (फोटो सोर्स- Chatgpt)

बढ़ती उम्र बढ़ने के साथ फिटनेस को लेकर कई मिथक फैल गए हैं, जैसे- अब बहुत देर हो चुकी है। ज्यादा वजन उठाना खतरनाक है या बुढ़ापे में व्यायाम से चोट लग सकती है, असलियत में ये धारणा गलत हैं। इस लेख में हम ऐसे कई मिथकों को वैज्ञानिक और विशेषज्ञ प्रमाणों के आधार पर साफ करेंगे, ताकि आप उम्र के साथ भी स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बने रहें। फिटनेस एक्सपर्ट बताते हैं कि 60 की उम्र के बाद भी जिम जाना सुरक्षित है, बशर्ते व्यायाम क्रम, तकनीक और आराम का ध्यान रखा जाए।

छोटी शुरुआत, बड़ा असर

अक्सर लोग सोचते हैं कि उम्र बढ़ने पर व्यायाम बेकार है या अब बहुत देर हो चुकी है। लेकिन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन एजिंग (NIA) के अनुसार, व्यायाम किसी भी उम्र में फायदेमंद होता है और निष्क्रिय जीवनशैली की तुलना में सक्रिय रहना कहीं ज्यादा लाभदायक है। अन्य कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, आप कभी भी व्यायाम शुरू कर सकते हैं और इससे स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। चाहे शुरुआत कितनी भी देर से क्यों न हो। इसका मतलब साफ है, देर से व्यायाम की शुरुआत करने में भी बहुत फायदा है।

वजन उठाना खतरनाक नहीं, बल्कि जरूरी है

कई लोग मानते हैं कि उम्र बढ़ने पर वजन उठाना जोड़ों को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ फिटनेस की समीक्षा बताती है कि प्रतिरोधी व्यायाम (जैसे वजन उठाना) उम्र बढ़ने से होने वाली मांसपेशियों और हड्डियों की कमजोरी को उलट सकता है। एक अध्ययन में 80 के अधिक उम्र के बुजुर्गों में सिर्फ 8 हफ्ते की उच्च-तीव्रता वाली ट्रेनिंग से मांसपेशियों की ताकत में 100% से अधिक सुधार देखा गया। इसी तरह, एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि मांसपेशियों का नुकसान 30 की उम्र से शुरू होता है और 60 से 75 की उम्र तक यह तेजी से बढ़ता है, लेकिन वजन उठाने से इसे धीमा या उल्टा किया जा सकता है।

व्यायाम से गिरने का डर

बुढ़ापे में व्यायाम से गिरने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक आम डर है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम, खासकर संतुलन और ताकत बढ़ाने वाले अभ्यास, गिरने की संभावना को घटाते हैं। नियमित व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाता है और संतुलन सुधारता है, जिससे गिरने का जोखिम कम होता है।

क्या 90 की उम्र में व्यायाम कर सकते हैं?


बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने पहले व्यायाम नहीं किया, तो अब फायदा नहीं होगा। लेकिन WebMD में क्लिनिकल जेरॉन्टोलॉजी शाखा की प्रमुख चंदा दत्ता कहती हैं कि यह बिल्कुल गलत है। यहां तक कि 90 की उम्र में भी व्यायाम शुरू करने से मांसपेशियों की ताकत बढ़ सकती है और स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। helpguide.org भी कहता है कि बाद में सक्रिय होने वाले वयस्कों में शारीरिक और मानसिक सुधार अक्सर युवा लोगों से ज्यादा होता है।

कुछ लोग सोचते हैं कि उम्र बढ़ने पर व्यायाम से चोट लग सकती है। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि सही तकनीक, धीरे-धीरे बढ़ती तीव्रता और व्यक्तिगत सीमा का ध्यान रखकर व्यायाम सुरक्षित हो सकता है। उदाहरण के लिए, फिटनेस एक्सपर्ट सुमित दुबे बताते हैं कि 60 के बाद भी जिम जाना सुरक्षित है, बशर्ते व्यायाम क्रम, तकनीक और आराम का ध्यान रखा जाए।

क्य हर दिन 10,000 कदम चलना जरूरी?

यह धारणा कि रोजाना 10,000 कदम चलना जरूरी है। वैज्ञानिक आधार पर यह बात खरी नहीं उतरती है। हर दिन 10 हजार कदम चलने की बात 1965 में जापान में पेडोमीटर बेचने के लिए बनाई गई मार्केटिंग रणनीति थी। हाल के अध्ययन बताते हैं कि 4,400 कदम भी जीवनकाल बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके लाभ लगभग 7,500 कदम पर स्थिर हो जाते हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि वे सिर्फ पेट या जांघ से फैट घटा सकते हैं। लेकिन यह स्पॉट रिडक्शन मिथक है। फैट पूरे शरीर से घटता है, न कि किसी एक जगह से।

बुढ़ापे को लेकर कई धारणाएं गलत

अक्सर कहा जाता है कि डिप्रेशन या अकेलापन उम्र का हिस्सा हैं। यह धारणा भी गलत है कि उम्र बढ़ने पर डिप्रेशन या अकेलापन सामान्य हैं। NIA स्पष्ट करता है कि ये सामान्य नहीं हैं। यदि लंबे समय तक महसूस हों, तो डॉक्टर से बात करनी चाहिए। एक धारणा यह भी प्रचलित है कि बुढ़ापे में सीखना बंद हो जाता है। लेकिन आधुनिक शोध बताते हैं कि मस्तिष्क जीवनभर लचीला रहता है। सही प्रशिक्षण से उम्र बढ़ने के साथ होने वाले मानसिक गिरावट को भी उलटा जा सकता है। सकारात्मक सोच से स्वस्थ जीवनकाल में आठ साल तक का अंतर आ सकता है।

उम्र के हिसाब से फिटनेस: क्या करें?

  • डॉक्टर से सलाह लें: खासकर अगर कोई पुरानी बीमारी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। धारणाओं पर ध्यान न दें।
  • धीरे-धीरे व्यायाम की शुरुआत करें: हल्के स्ट्रेच, वॉक, रेजिस्टेंस बैंड से व्यायाम की शुरुआत करें।
  • संतुलन और ताकत पर ध्यान दें: जैसे टाई ची, कुर्सी पर व्यायाम, आदि पर ध्यान दें।
  • वजन उठाने से न डरें: हल्के वजन से शुरुआत करें और धीरे बढ़ाएं।
  • कदमों की संख्या से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान दें: नियमित हल्की चाल भी अच्छा व्यायाम साबित हो सकती है।
  • मानसिक सक्रियता बनाए रखें: पढ़ना, सीखना और सामाजिक जुड़ाव बनाए रखें।
  • सकारात्मक सोच रखें: यह आपके स्वास्थ्य और जीवनकाल पर बड़ा असर डालती है।