
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस में वापसी की इच्छा जताई है। शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए तैयार हैं। वाघेला की यह घोषणा 86 वर्ष की उम्र में आई है और वह 2027 के विधानसभा चुनाव को अपना अंतिम राजनीतिक अवसर मानते हैं।
शंकर सिंह वाघेला ने बताया कि उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी के साथ बातचीत की है। वाघेला ने कहा कि उनकी वापसी का निर्णय राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लिया जाएगा। वाघेला ने बिना किसी पद की शर्त के कांग्रेस में शामिल होने की पेशकश की है।
गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में शामिल होकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उनका यह बयान गुजरात की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है, जहां वाघेला की वापसी से कांग्रेस को एक नई ऊर्जा मिल सकती है।
शंकर सिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी की चर्चा के बीच, 2017 में उनकी बगावत को याद किया जा रहा है। उस समय वाघेला ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई थी। अब उनकी घर वापसी की इच्छा पर सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस इस बगावत को भुला पाएगी? वाघेला के इस कदम से कांग्रेस में एक नई राजनीतिक हलचल पैदा हो सकती है, जो आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
वाघेला ने अपने राजनीतिक सफर को देखते हुए कहा कि वह अब कांग्रेस में लौटकर पार्टी को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर ही कांग्रेस को सफलता मिल सकती है।
वाघेला की वापसी से कांग्रेस को एक अनुभवी नेता का साथ मिलेगा, जो पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। शंकर सिंह वाघेला की इस घोषणा ने गुजरात की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजर राहुल गांधी से वाघेला की संभावित मुलाकात पर है, जो उनकी कांग्रेस में वापसी का अंतिम निर्णय लेगी।