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द ग्रेट खली का जन्मदिन: कभी तोड़े पत्थर, फिर बने वर्ल्ड चैंपियन… अब राजनीति में बड़ा दांव

'द ग्रेट खली' बर्थडे स्पेशल: पत्थर तोड़ने वाले लड़के से ग्लोबल रेसलिंग स्टार और BJP नेता बनने तक का रोमांचक सफर।
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Aug 27, 2026
Ring
द ग्रेट खली का सियासी दांव (AI)

सपनों की कोई तय सीमा नहीं होती और न ही किसी व्यक्ति का मुकद्दर उसकी शुरुआती परिस्थितियों का मोहताज होता है। हिमाचल प्रदेश के एक सुदूर गांव की पथरीली पगडंडियों से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े रेसलिंग एरीना WWE में तिरंगा लहराने वाले दलीप सिंह राणा उर्फ ‘द ग्रेट खली’ की कहानी इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। 27 अगस्त को जन्मे खली का जीवन संघर्ष, अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय सफलता और अब भारतीय राजनीति के अखाड़े में सक्रिय भागीदारी का एक ऐसा दिलचस्प संगम है, जो हर किसी को प्रेरित करता है।

तंगहाली, पत्थर तोड़ने का काम और पंजाब पुलिस

खली का जन्म 27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के धिराइना गांव में एक बेहद साधारण परिवार में हुआ था। सात भाई-बहनों वाले परिवार में आर्थिक तंगी का आलम यह था कि खली को कम उम्र में ही पढ़ाई छोड़कर परिवार का हाथ बंटाने के लिए दिहाड़ी मजदूरी और पत्थर तोड़ने जैसे कठिन काम करने पड़े।

एक्रोमेगाली (Acromegaly) नामक स्थिति के कारण उनका कद असामान्य रूप से 7 फीट 1 इंच तक बढ़ गया। इस विशालकाय शरीर को जहां शुरुआत में समाज के कौतूहल का सामना करना पड़ा, वहीं यही कद-काठी आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। 1993 में पंजाब पुलिस के एक अधिकारी की नजर उन पर पड़ी और उन्हें पंजाब पुलिस में खेल कोटे के तहत नौकरी मिल गई। जालंधर के जिमों में पसीना बहाते हुए खली ने बॉडीबिल्डिंग और रेसलिंग की बारीकियों को सीखा, जिसने उनके वैश्विक सफर की मजबूत नींव रखी।

WWE का अंतरराष्ट्रीय मंच और ‘द ग्रेट खली’ का उदय

साल 2000 में अमेरिका जाकर पेशेवर रेसलिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद खली ने वर्ष 2006 में वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (WWE) में पदार्पण किया। डेब्यू मैच में ही उस दौर के सबसे खूंखार रेसलर 'द अंडरटेकर' को रिंग में धूल चटाकर उन्होंने रातों-रात वैश्विक स्तर पर तहलका मचा दिया।

  • वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप (2007): वे WWE के इतिहास में वर्ल्ड हैवीवेट टाइटल जीतने वाले पहले भारतीय पेशेवर रेसलर बने।
  • हॉल ऑफ फेम (2021): रेसलिंग की दुनिया में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘WWE हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया।
  • पॉप कल्चर और सिनेमा: खेल के साथ-साथ उन्होंने हॉलीवुड फिल्म द लॉन्गेस्ट यार्ड और बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। टीवी रियलिटी शो बिग बॉस के सीजन 4 में रनर-अप रहकर उन्होंने साबित किया कि विशाल शरीर के पीछे एक बेहद सरल और विनम्र इंसान बसता है।
  • CWE अकादमी: भारत लौटकर उन्होंने पंजाब में ‘कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट’ (CWE) की स्थापना की, जहां वे ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि के युवाओं को निशुल्क और रियायती दरों पर विश्वस्तरीय रेसलिंग ट्रेनिंग दे रहे हैं।

राजनीति की बिसात: सामाजिक मुद्दों से औपचारिक एंट्री तक

अक्सर देखा गया है कि जब कोई हस्ती खेल और मनोरंजन के शिखर पर पहुंच जाती है, तो समाज और जनसेवा के मंच उसे स्वाभाविक रूप से अपनी ओर खींचते हैं। खली के साथ भी ऐसा ही हुआ।

राजनीतिक परिदृश्य में उनका नाम पहली बार 2016 में चर्चा में आया, जब उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व खिलाड़ी साजन सिंह चीमा के समर्थन में प्रचार किया। इसके बाद 2020-21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान खली ने खुलकर किसानों का समर्थन किया और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। टिकरी बॉर्डर पर जाकर किसानों के साथ खड़े होना यह दर्शाता था कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति के बावजूद उनकी जड़ें आज भी मिट्टी और किसानी से गहराई से जुड़ी हैं।

भाजपा की सदस्यता और नया राजनीतिक अध्याय

  • 10 फरवरी 2022 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में द ग्रेट खली ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।
  • पार्टी में शामिल होते हुए खली ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र निर्माण के विजन और नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा, "अगर मुझे सिर्फ पैसा और शोहरत ही कमानी होती, तो मैं अमेरिका में ही आराम की जिंदगी गुजार सकता था मैं अपने वतन लौटा हूं ताकि देश के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए कुछ सार्थक योगदान दे सकूं।"
  • 2024 के लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान खली जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के विभिन्न चुनावी मंचों पर भाजपा उम्मीदवारों के लिए जनसभाएं और रोड शो करते दिखाई दिए। उनकी मौजूदगी रैलियों में भारी भीड़, विशेषकर युवाओं को आकर्षित करने का बड़ा माध्यम बनी।

सियासी भविष्य और चुनावी संभावनाएं

खली ने अब तक कोई प्रत्यक्ष चुनाव नहीं लड़ा है, लेकिन संगठन और प्रचार में उनकी बढ़ती भूमिका यह संकेत देती है कि पार्टी आने वाले समय में उन्हें किसी महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले में उतार सकती है।

ताकत और जनसंपर्कसंभावित प्रभाव
जमीनी जुड़ावग्रामीण और किसान पृष्ठभूमि से आने के कारण आम जनमानस से सीधा संवाद।
युवा आकर्षणफिटनेस, खेल और अनुशासन के प्रतीक के रूप में युवाओं पर मजबूत प्रभाव।
अखिल भारतीय पहचानउत्तर भारत (हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में निर्विवाद लोकप्रियता।

खेल से जनसेवा तक की यात्रा का सार

द ग्रेट खली की यात्रा सिर्फ एक पहलवान के नेता बनने की कहानी नहीं है; यह इस बात का प्रमाण है कि लगन और स्पष्ट उद्देश्य से कोई भी व्यक्ति जीवन के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत कर सकता है।

हिमाचल के धिराइना गांव की तंग गलियों से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर तिरंगा लहराना और फिर देश सेवा के भाव से सार्वजनिक जीवन में उतरना एक असाधारण मिसाल है। रिंग में प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने वाले खली के सामने राजनीति की पिच पर जन समस्याओं के समाधान और विकास की नई चुनौतियां हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि रिंग का यह महाबली आने वाले वर्षों में भारतीय सियासत के अखाड़े में विकास और जनसेवा के कितने नए कीर्तिमान स्थापित करता है।

Updated on:
27 Aug 2026 12:58 pm
Published on:
27 Aug 2026 12:58 pm