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आयुर्वेदिक टच: दादी-नानी का नुस्खा + आधुनिक विज्ञान; मुलतानी मिट्टी से निखारें अपनी खूबसूरती

क्या मुलतानी मिट्टी सच में दे सकती है Oil-Free ग्लोइंग स्किन? जानिए आधुनिक विज्ञान, आयुर्वेदिक गुण और इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने के असरदार घरेलू नुस्खे।
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भारत

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Chitra Badoliya

Aug 27, 2026

oily

Oil-Free ग्लोइंग स्किन का सीक्रेट फॉर्मूला (AI)

प्राकृतिक सौंदर्य और त्वचा की देखभाल की जब भी बात आती है, 'मुलतानी मिट्टी' (Fuller’s Earth) का नाम सबसे पहले आता है। भारतीय घरों में सदियों से दादी-नानी के नुस्खों से लेकर पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा तक, मुलतानी मिट्टी को निखरी और बेदाग त्वचा का आधार माना गया है। आधुनिक कॉस्मेटिक युग में जहां बाजार केमिकल युक्त महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स से भरा पड़ा है, वहीं मुलतानी मिट्टी एक किफायती, प्राकृतिक और प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है।

लेकिन क्या मुलतानी मिट्टी केवल एक पारंपरिक नुस्खा है, या आधुनिक विज्ञान भी इसके गुणों की पुष्टि करता है? आइए जानते हैं मुलतानी मिट्टी के बारे में-

मुलतानी मिट्टी क्या है और यह कैसे काम करती है?

मुलतानी मिट्टी एक विशेष प्रकार की चिकनी मिट्टी (Sedimentary Clay) है। ऐतिहासिक रूप से इसका नाम पाकिस्तान के 'मुल्तान' शहर से जुड़ा हुआ है, जहां से इसका बड़े पैमाने पर व्यापार होता था।

खनिज संरचना (Mineral Composition): मुलतानी मिट्टी में मुख्य रूप से हाइड्रेटेड एल्युमिनियम सिलिकेट्स (Hydrated Aluminium Silicates), मैग्नीशियम क्लोराइड, कैल्शियम, आयरन और सिलिका पाए जाते हैं।

कार्यप्रणाली: इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी उच्च अवशोषण क्षमता (Absorbing Capacity) है। जब इसे पानी या किसी तरल के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह सतह पर मौजूद अतिरिक्त सीबम (तेल), पसीने, विषाक्त तत्वों और रोमछिद्रों (Pores) में फंसी अशुद्धियों को चुंबक की तरह खींचकर बाहर निकाल देती है।

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का दृष्टिकोण

आयुर्वेद में मुलतानी मिट्टी को इसके त्रिदोष-शामक गुणों के लिए सराहा गया है:

  • गुण: यह प्रकृति में 'शीत' (ठंडी), 'रूक्ष' (सूखी) और 'कषाय' (कसैली) होती है।
  • दोष संतुलन: यह शरीर और त्वचा में बढ़े हुए 'पित्त' (गर्मी, जलन, मुंहासे) और 'कफ' (अत्यधिक तेल और चिपचिपापन) को शांत करने में बेहद असरदार मानी जाती है।

हालिया डर्मेटोलॉजिकल अध्ययनों ने मुलतानी मिट्टी के पारंपरिक दावों को गहराई से परखा है।

  • एंटी-एजिंग और एंजाइम इनहिबिशन: शोधों में पाया गया है कि मुलतानी मिट्टी त्वचा की उम्र बढ़ाने वाले प्रमुख एंजाइमों—जैसे हायलूरोनिडेज (Hyaluronidase), टायरोसिनेज (Tyrosinase), इलास्टेज (Elastase) और कोलेजनाज (Collagenase) की सक्रियता को रोकने में मदद करती है। विशेष रूप से हायलूरोनिडेज और टायरोसिनेज को धीमा करने में इसका प्रभाव मानक अवरोधकों के समान प्रभावी देखा गया है, जिससे त्वचा का लचीलापन बना रहता है और पिगमेंटेशन कम होता है।
  • वैज्ञानिक सीमाएं: अध्ययनों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि मुलतानी मिट्टी में मध्यम स्तर के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और इसका एंटीबैक्टीरियल प्रभाव सीमित होता है। इसलिए यह गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण को सीधे खत्म नहीं कर सकती, बल्कि त्वचा को साफ रखकर मुंहासों को पनपने से रोकती है।

मुलतानी मिट्टी के लाभ

अतिरिक्त तेल का प्रभावी नियंत्रण: तैलीय त्वचा वाले लोगों के लिए यह सीबम उत्पादन को संतुलित कर त्वचा को मैट और फ्रेश लुक देती है।

  • रोमछिद्रों की गहरी सफाई (Deep Pore Cleansing): यह पोर्स में जमी धूल और डेड स्किन सेल्स को हटाकर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या को कम करती है।
  • प्राकृतिक एक्सफोलिएशन: इसका बारीक टेक्सचर त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए मृत कोशिकाओं को हटाता है, जिससे त्वचा की रंगत में प्राकृतिक चमक आती है।
  • त्वचा को ठंडक और राहत: गर्मियों में घमौरियों, सनबर्न और त्वचा की जलन को शांत करने में इसका शीत प्रभाव तुरंत आराम पहुंचाता है।
  • दाग-धब्बों और टैनिंग में सुधार: नियमित इस्तेमाल से यह धूप से हुई टैनिंग को हल्का करने और त्वचा की असमान रंगत को एकसार बनाने में मदद करती है।

स्किन टाइप के अनुसार DIY फेस पैक्स

मुलतानी मिट्टी का असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे किस तत्व के साथ मिलाकर लगा रहे हैं।

ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए (तेल नियंत्रण पैक)

सामग्री: 1 चम्मच मुलतानी मिट्टी, 1 चुटकी हल्दी, 2 चम्मच गुलाबजल और 2-3 बूंद नीम का तेल।

विधि: सभी चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। चेहरे पर 10-12 मिनट लगाएं और सादे पानी से धो लें। यह अतिरिक्त तेल सोखकर मुंहासों की सूजन को कम करेगा।

ड्राई और डिहाइड्रेटेड स्किन के लिए (मॉइस्चराइजिंग पैक)

सामग्री: 1 चम्मच मुलतानी मिट्टी, 1 चम्मच ताजा कच्चा दूध या दही, आधा चम्मच शहद और 4 बूंद बादाम का तेल।

विधि: मुलतानी मिट्टी स्वाभाविक रूप से रूखी होती है, इसलिए दूध और शहद का फैट त्वचा की नमी को बरकरार रखते हुए गंदगी साफ करता है।

टैनिंग और पिगमेंटेशन हटाने के लिए (ग्लो पैक)

सामग्री: 1 चम्मच मुलतानी मिट्टी, 1 चम्मच टमाटर का रस या खीरे का रस, आधा चम्मच एलोवेरा जेल।

विधि: इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 15 मिनट बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें। यह धूप से झुलसी त्वचा को रिपेयर करता है।

बालों और स्कैल्प के लिए (डैंड्रफ और ग्रीसी स्कैल्प)

सामग्री: 2 चम्मच मुलतानी मिट्टी, 1 चम्मच मेथी दाना पाउडर, 2 चम्मच दही और थोड़ा सा पानी।

विधि: स्कैल्प पर 15-20 मिनट लगाकर रखें और फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें। यह स्कैल्प से अतिरिक्त ग्रीस और डैंड्रफ की परत को साफ करता है।

रेडियोलॉजिकल सुरक्षा और सावधानियां

जियोलॉजिकल अध्ययनों के अनुसार, प्राकृतिक खदानों से निकाली जाने वाली मुलतानी मिट्टी में प्राकृतिक रेडियोन्यूक्लाइड्स (जैसे यूरेनियम‑238, थोरियम‑232 और पोटैशियम‑40) के अंश मौजूद हो सकते हैं।

उपभोक्ता स्तर पर सुरक्षा: सामान्य फेस पैक के रूप में हफ्ते में 1-2 बार चेहरे पर इसका उपयोग सुरक्षित माना जाता है।

भारी इस्तेमाल से बचें: इसे पूरे शरीर पर रोज घंटों लगाकर रखने या लंबे समय तक भारी मात्रा में लेप करने से बचें।

माइनिंग और प्रोसेसिंग: यह जोखिम मुख्य रूप से उन श्रमिकों के लिए अधिक प्रासंगिक है जो बिना सुरक्षा उपकरणों के खदानों या रिफाइनिंग यूनिट्स में इसके संपर्क में रहते हैं।

इस्तेमाल के दौरान बरतें ये जरूरी सावधानियां

पैच टेस्ट अनिवार्य: पहली बार इस्तेमाल करने से पहले अपनी कोहनी या कान के पीछे थोड़ा सा पेस्ट लगाकर 24 घंटे तक देखें कि कोई एलर्जी या रेडनेस तो नहीं हो रही।

पूरी तरह सूखने न दें: मुलतानी मिट्टी को चेहरे पर पत्थर की तरह सूखने (क्रैक्स आने) तक न छोड़ें। अधिक सूखने पर यह त्वचा की आंतरिक नमी को खींच लेती है, जिससे बारीक झुर्रियां पड़ सकती हैं। इसे हमेशा 70-80% सूखने पर ही धो लें।

मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं: पैक हटाने के तुरंत बाद त्वचा के अनुसार एक अच्छा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर या सीरम जरूर लगाएं।

सप्ताह में कितनी बार लगाए: ऑयली स्किन वाले इसे हफ्ते में 2 बार और ड्राई या कॉम्बिनेशन स्किन वाले हफ्ते में केवल एक बार ही इस्तेमाल करें।

डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से कब संपर्क करें?

  • यदि मुलतानी मिट्टी लगाने के बाद त्वचा में तेज जलन, खुजली, छाले या लाल दाने उभर आएं।
  • यदि आप पहले से सोरायसिस, रोजेशिया (Rosacea), एग्जिमा या सिस्टिक एक्ने (Cystic Acne) जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थितियों से पीड़ित हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसका उपयोग न करें।
  • मुलतानी मिट्टी प्रकृति का दिया एक बेहतरीन स्किनकेयर उपहार है, जो सही तरीके से इस्तेमाल करने पर महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से भी बेहतर नतीजे दे सकता है। इसे अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुरूप सही मॉइस्चराइजिंग तत्वों के साथ मिलाएं, संयमित रूप से इस्तेमाल करें और अपनी त्वचा को दें प्राकृतिक, सुरक्षित और बेदाग निखार।