
स्ट्रेस बस्टर: लाफ्टर योग (AI)
आज की रफ्तार भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और बर्नआउट आम समस्याएं सी बनती जा रही हैं। काम का दबाव, पारिवारिक
जिम्मेदारियां और डिजिटल थकान मानसिक स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। ऐसे में तनाव घटाने का सबसे सुलभ, प्राकृतिक और मनोरंजक उपाय है - लाफ्टर योग (हंसी योग)।
लाफ्टर योग क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
लाफ्टर योग की शुरुआत 1995 में मुंबई के एक चिकित्सक डॉ. मदन कटारिया ने की थी। इसका मूल सिद्धांत यह है कि मानव मस्तिष्क और शरीर बनावटी (ऐच्छिक) हंसी और स्वाभाविक हंसी के बीच अंतर नहीं कर पाते। दोनों ही स्थितियों में शरीर समान न्यूरोकेमिकल लाभ पैदा करता है।
इस योग में समूह के भीतर आंखों के संपर्क (eye contact), बचकानी चंचलता, तालियों की लय और प्राणायाम (योगिक गहरी सांस) का उपयोग किया जाता है, जो कुछ ही मिनटों में बनावटी हंसी को वास्तविक, संक्रामक हंसी में बदल देता है।
जब हम तनाव में होते हैं, तो अधिवृक्क ग्रंथियां (Adrenal Glands) कॉर्टिसॉल और एपिनेफ्रिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्राव बढ़ा देती हैं। लंबे समय तक बढ़ा हुआ कॉर्टिसॉल स्तर हृदय रोग, कमजोर इम्युनिटी और अवसाद का कारण बनता है।
कॉर्टिसॉल में 32% से 37% तक की गिरावट: नैदानिक अध्ययनों और मेटा-विश्लेषणों से साबित हुआ है कि एक संपूर्ण हंसी सत्र शरीर में तनाव हार्मोन कॉर्टिसॉल को औसतन 32% से लेकर 37% तक कम कर देता है।
हार्मोनल संतुलन: हंसी के दौरान तनाव-प्रतिरोधी हार्मोन (जैसे DHEA) का संतुलन सुधरता है और 'फील-गुड' न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होते हैं।
एंडोर्फिन का स्राव: खुलकर हंसने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन का स्तर बढ़ता है, जो शरीर का प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड-बूस्टर है।
संवहनी स्वास्थ्य (Vascular Health): हंसी से रक्त वाहिकाओं की परत में नाइट्रिक ऑक्साइड निकलता है, जिससे नसें चौड़ी होती हैं और रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
लाफ्टर योग की प्रभावशीलता को दुनिया भर के विभिन्न कार्यक्षेत्रों पर परखा गया है।
स्वास्थ्यकर्मी (नर्सें): महामारी और उच्च दबाव वाले माहौल में काम करने वाली नर्सों पर किए गए शोध में 4 हफ्तों के लाफ्टर योग ने उनके तनाव, मानसिक थकान (burnout) को काफी कम किया और जीवन संतुष्टि को बढ़ाया।
शिक्षक वर्ग: प्राथमिक शिक्षकों पर किए गए भारतीय अध्ययन दर्शाते हैं कि हंसी चिकित्सा ने उनके तनाव के स्तर को 'गंभीर/मध्यम' श्रेणी से घटाकर 'हल्के' स्तर पर ला दिया।
कॉर्पोरेट व आईटी पेशेवर: भारत के आईटी प्रोफेशनल्स पर हुए 7-दिवसीय सत्रों के अध्ययन में सिस्टोलिक रक्तचाप में औसतन 7.5 mm Hg की स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई, जबकि गैर-सक्रिय समूह में यह केवल 3 mm Hg थी।
छात्र: कॉलेज छात्रों के अध्ययन में पाया गया कि हास्य सत्रों ने परीक्षा और करियर से जुड़े मानसिक तनाव को कम कर एकाग्रता में वृद्धि की।
| स्वास्थ्य क्षेत्र | मुख्य प्रभाव व लाभ |
| हार्मोनल नियंत्रण | कॉर्टिसॉल और एपिनेफ्रिन में भारी कमी, ग्रोथ हार्मोन में अनुकूल सुधार |
| कार्डियोवैस्कुलर लाभ | रक्त वाहिकाओं का लचीलापन बढ़ना, सिस्टोलिक BP में ~7.5 mm Hg सुधार |
| फेफड़ों की क्षमता | प्राणायाम आधारित गहरी सांसों से ऑक्सीजन का बेहतर प्रवाह और स्टैमिना |
| प्रतिरक्षा प्रणाली | एंटीबॉडी-उत्पादक कोशिकाओं की सक्रियता, संक्रमणों से बेहतर सुरक्षा |
| सामाजिक व मानसिक स्वास्थ्य | अकेलापन दूर होना, सामाजिक जुड़ाव, मूड और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी |
लाफ्टर योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। इसे सप्ताह में 2 से 3 बार, 20-30 मिनट के लिए इन सरल चरणों के साथ शुरू किया जा सकता है:
वार्म-अप और क्लैपिंग: 'हो-हो, हा-हा-हा' की लयबद्ध आवाज के साथ दोनों हथेलियों के एक्यूप्रेशर बिंदुओं को दबाते हुए ताली बजाएं।
गहरी सांस (प्राणायाम): हंसी के दौरों के बीच फेफड़ों को पूरी तरह खाली करें और नाक से गहरी सांस लेकर पेट तक हवा भरें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें।
लाफ्टर एक्सरसाइज:
यद्यपि हंसी योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित अभ्यास है, फिर भी जिन व्यक्तियों की हाल ही में कोई पेट या आंख की सर्जरी हुई हो, हर्निया की समस्या हो, या अनियंत्रित उच्च रक्तचाप/हृदय रोग हो, उन्हें अत्यधिक जोर से हंसने से बचना चाहिए और पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
लाफ्टर योग बिना किसी लागत के तनाव से मुक्ति पाने, ऊर्जावान महसूस करने और जीवन में आनंद का संचार करने की सबसे शक्तिशाली औषधि है।
Updated on:
27 Aug 2026 05:31 pm
Published on:
27 Aug 2026 05:31 pm
