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Instagram New Update: AI इन्फ्लुएंसर्स के लिए बदले नियम, प्रोफाइल पर लेबल न लगाने पर घटेगी रीच

Instagram पर अब AI मॉडल्स और वर्चुअल प्रोफाइल पर दिखेगा ‘AI-Generated Profile’ लेबल। जानिए क्या हैं नए नियम और प्रोफाइल पर लेबल न लगाने पर क्या होगा असर।
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Sep 01, 2026
ai
Instagram का नया AI लेबल (AI)

सोशल मीडिया की दुनिया में तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से वास्तविकता और भ्रम के बीच की लकीर धुंधली होती जा रही है। पिछले कुछ समय में आपने इंस्टाग्राम पर ऐसी कई मॉडल्स, ट्रैवल ब्लॉगर्स या फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स की प्रोफाइल देखी होंगी, जिनकी तस्वीरें और रील्स बेहद आकर्षक होती हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे असली इंसान नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाए गए वर्चुअल चेहरे हैं।

यूजर्स को इस भ्रम से बचाने और प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम ने एक बड़ा कदम उठाया है। इंस्टाग्राम अपने पुराने ‘AI Creator’ लेबल को बदलकर अब सीधे और स्पष्ट तौर पर ‘AI-Generated Profile’ लेबल लागू कर रहा है।

क्या है यह नया लेबल और इसका मकसद?

अब तक इंस्टाग्राम पर सिर्फ चुनिंदा कंटेंट (जैसे फोटो या वीडियो) पर 'Made with AI' का टैग दिखता था। लेकिन नए अपडेट के तहत अब पूरी प्रोफाइल पर ही यह स्पष्ट तौर पर दर्ज होगा कि यह अकाउंट किसी वास्तविक इंसान का नहीं, बल्कि एक AI-जनरेटेड पर्सन/पर्सोना का है।

इसका सीधा उद्देश्य आम यूजर्स को यह स्पष्टता देना है कि वे जिस अकाउंट को फॉलो कर रहे हैं, जिससे चैट कर रहे हैं या जिसके कंटेंट पर कमेंट कर रहे हैं, वह किसी असली व्यक्ति का जीवन नहीं बल्कि कंप्यूटर अल्गोरिदम का कमाल है।

प्लेटफॉर्म पर कहां-कहां दिखेगा यह लेबल?

इंस्टाग्राम इस नए लेबल को केवल बायो तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि इसे यूजर इंटरफेस के कई हिस्सों में इंटीग्रेट कर रहा है।

प्रोफाइल हेडर और सर्च: जब कोई यूजर सर्च बार में किसी AI मॉडल को खोजेगा या उसकी प्रोफाइल खोलेगा, तो नाम के ठीक नीचे यह लेबल दिखाई देगा।

फीड, रील्स और स्टोरीज: अगर किसी पोस्ट पर अलग से AI टैग नहीं भी लगा है, तब भी अकाउंट के नाम के साथ यह स्पष्ट रूप से विजिबल रहेगा।

कमेंट्स और डायरेक्ट मैसेज (DMs): जब कोई AI प्रोफाइल किसी अन्य पोस्ट पर कमेंट करेगी या किसी यूजर को इनबॉक्स में मैसेज भेजेगी, तब भी यूजर को अलर्ट के रूप में यह लेबल दिखाई देगा।

नए नियमों का असर: रीच और पेनल्टी की शर्तें

इंस्टाग्राम ने इस नए फीचर के साथ सख्त गाइडलाइंस भी तय की हैं, जिनका असर सीधे तौर पर कंटेंट की विजिबिलिटी पर पड़ेगा।

स्थितिनियम और असर
ईमानदारी से लेबल लगाने परअकाउंट की ऑर्गेनिक रीच, रिकमेंडेशन या ग्रोथ पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
AI मॉडल होने पर भी लेबल न लगाने परइंस्टाग्राम ऐसे अकाउंट्स की पहचान कर उनकी रीच को सीमित (Shadow/Reach Limit) कर देगा और वे Explore फीड में नहीं दिखेंगे।
सामान्य ह्यूमन क्रिएटर्सजो असली इंसान केवल एडिटिंग, कैप्शन राइटिंग या बैकग्राउंड के लिए AI टूल्स इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह लेबल लगाने की जरूरत नहीं है।

इंस्टाग्राम को यह सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा?

पहचान का भ्रम और डीपफेक की चिंता

आज के जनरेटिव AI टूल्स इतने एडवांस हो चुके हैं कि AI इंसानों की त्वचा के पोर्स, एक्सप्रेशन्स और आवाज तक को हूबहू असली जैसा बना देते हैं। इससे कई बार आम यूजर्स वित्तीय धोखाधड़ी, फेक एंडोर्समेंट या भावनात्मक जुड़ाव के जाल में फंस जाते हैं।

ब्यूटी स्टैंडर्ड्स और मानसिक स्वास्थ्य

AI मॉडल्स की त्वचा, फिगर और लाइफस्टाइल पूरी तरह से ‘परफेक्ट’ दिखाई जाती है, जो असल दुनिया में संभव नहीं है। युवाओं और टीनेजर्स में इस तरह के अवास्तविक ब्यूटी स्टैंडर्ड्स को देखकर इनफिरियोरिटी कॉम्प्लेक्स और मानसिक तनाव बढ़ रहा था। लेबल लगने से यह साफ रहेगा कि यह सौंदर्य प्राकृतिक नहीं, डिजिटल है।

ब्रांड और बिजनेस ट्रांसपेरेंसी

कई ब्रांड्स अब असली इन्फ्लुएंसर्स की जगह सस्ते AI मॉडल्स से डिजिटल कैंपेन करा रहे हैं। ऐसे में स्पॉन्सर्ड पोस्ट्स और ब्रांड डील्स में कंज्यूमर प्रोटेक्शन के नियमों का पालन करने के लिए यह क्लासिफिकेशन जरूरी हो गया था।

डिजिटल स्पेस के लिए आगे की राह

इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया इकोसिस्टम में एक सकारात्मक और जरूरी बदलाव है। यह तकनीक या AI क्रिएटर्स को रोकने की कोशिश नहीं है, बल्कि कंटेंट क्रिएशन में ईमानदारी और स्पष्टता लाने की एक मजबूत पहल है।

आने वाले समय में जब AI और असली इंसानों के बीच का अंतर पहचानना आंखों से लगभग नामुमकिन हो जाएगा, तब ऐसे डिजिटल लेबल्स ही यूजर्स को सजग और सुरक्षित रखने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।

Updated on:
01 Sept 2026 06:22 pm
Published on:
01 Sept 2026 06:22 pm