1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नो कैफीन, नो क्रैश: एनर्जी लेवल को तुरंत बूस्ट करेंगे किचन में बनने वाले ये 3 नेचुरल ड्रिंक्स

कैफीन छोड़कर अपनाएं नेचुरल एनर्जी। जानिए सत्तू, नारियल पानी और पालक-गाजर के जूस से बनने वाले 3 बेहतरीन होममेड एनर्जी ड्रिंक्स की आसान रेसिपी।
4 min read
Google source verification

भारत

image

Chitra Badoliya

Sep 01, 2026

super energy

इंस्टेंट ताजगी और एनर्जी के लिए 3 बेस्ट देसी ड्रिंक्स (AI)

दिनभर की भागदौड़, काम का तनाव, स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल और असंतुलित खान-पान के कारण दोपहर या शाम होते-होते शरीर की ऊर्जा पूरी तरह खत्म महसूस होने लगती है। जब सुस्ती छाने लगती है, तो अधिकांश लोगों का पहला सहारा चाय, कॉफी या पैकेज्ड एनर्जी ड्रिंक्स बनते हैं। कैफीन और रिफाइंड शुगर से भरपूर ये ड्रिंक्स शुरुआत में तुरंत ऊर्जा का अहसास तो कराते हैं, लेकिन कुछ ही देर में 'शुगर क्रैश' की वजह बनते हैं, जिससे थकान पहले से ज्यादा बढ़ जाती है।

मेडिकल साइंस के अनुसार, शरीर को टिकाऊ ऊर्जा देने के लिए कृत्रिम सप्लीमेंट्स नहीं, बल्कि प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की जरूरत होती है। घर पर आसानी से तैयार होने वाले प्राकृतिक पेय न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि पाचन को सुधारकर कोशिकाओं तक सही पोषण पहुंचाते हैं।

सत्तू-पुदीना छाछ: देसी सुपरफूड और प्रोटीन का पावरहाउस

सत्तू को भारतीय पारंपरिक आहार में 'एनर्जी पावरहाउस' माना जाता है। भुने हुए चने से तैयार सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और आयरन होता है। जब इसे ठंडी छाछ (छाछ/मट्ठा) और ताजे पुदीने के साथ मिलाया जाता है, तो यह शरीर के लिए संपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस का काम करता है।

पोषण लाभ:

  • सत्तू का कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) रक्त शर्करा को अचानक बढ़ाए बिना लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है।
  • छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के स्वास्थ्य (गट हेल्थ) को दुरुस्त करते हैं, जिससे भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
  • पुदीना और जीरा शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ब्लोटिंग और भारीपन को दूर करते हैं।

आवश्यक सामग्री:

  • भुना हुआ सत्तू: 2 बड़े चम्मच
  • ताजा दही या पतली छाछ: 1 गिलास
  • पुदीने के पत्ते: 6-8 (बारीक कटे या कुचले हुए)
  • भुना जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच
  • काला नमक: स्वादानुसार
  • नींबू का रस: आधा चम्मच

बनाने की विधि:

एक बर्तन या ब्लेंडर में सत्तू और छाछ को अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न रहे। अब इसमें भुना जीरा, काला नमक, कुचला हुआ पुदीना और नींबू का रस डालकर फेंट लें। इसे ठंडा परोसें। दोपहर के भोजन के दो घंटे बाद इसका सेवन दिनभर की सुस्ती को जड़ से मिटा देता है।

नारियल पानी-चिया 'हाइड्रेशन इलिक्सिर': इलेक्ट्रोलाइट्स का प्राकृतिक स्रोत

शारीरिक थकान का सबसे बड़ा और अनदेखा कारण 'माइल्ड डिहाइड्रेशन' यानी पानी और खनिजों की सूक्ष्म कमी होती है। नारियल पानी प्रकृति का सबसे शुद्ध आइसोटोनिक पेय है, जिसमें पोटेशियम, सोडियम और मैग्नीशियम का आदर्श संतुलन पाया जाता है। इसमें चिया सीड्स (सब्जा या चिया) और अदरक मिलाने से यह एक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनर्जी-बूस्टिंग ड्रिंक बन जाता है।

पोषण लाभ:

  • नारियल पानी का पोटेशियम मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सक्रिय करता है और थकान दूर करता है।
  • चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड और सॉल्युबल फाइबर होता है, जो पेट में पानी को सोखकर हाइड्रेशन को लंबे समय तक लॉक रखता है।
  • अदरक का हल्का सा रस रक्त संचार को तेज करता है, जिससे मस्तिष्क और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू होती है।

आवश्यक सामग्री:

  • ताजा नारियल पानी: 1 गिलास
  • चिया सीड्स: 1 छोटा चम्मच (15 मिनट पानी में भीगे हुए)
  • ताजा अदरक का रस: 1/4 छोटा चम्मच
  • नींबू का रस: 1 चम्मच
  • शहद या सेंधा नमक: स्वादानुसार (वैकल्पिक)

बनाने की विधि:

एक गिलास में भीगे हुए चिया सीड्स डालें। ऊपर से ताजा नारियल पानी, अदरक का रस और नींबू का रस मिलाएं। चम्मच से अच्छी तरह हिलाएं। वर्कआउट के बाद या दोपहर 3 से 4 बजे के बीच जब शरीर पूरी तरह सुस्त पड़ने लगे, तब यह ड्रिंक तुरंत रिफ्रेशमेंट देती है।

गोल्डन एप्पल-कैरट-स्पिनच 'वाइटैलिटी जूस': सेल्यूलर एनर्जी रीचार्ज

जब शरीर में हीमोग्लोबिन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती है, तो सुस्ती लगातार बनी रहती है। सेब, गाजर और पालक का यह कच्चा कोल्ड-प्रेस्ड जूस शरीर को विटामिन A, C, K, आयरन और फोलेट की सघन खुराक देता है। यह कोशिकाओं के स्तर पर ऊर्जा उत्पादन (ATP प्रॉडक्शन) को तेज करता है।

पोषण लाभ:

  • पालक का प्राकृतिक आयरन और फोलेट लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है।
  • गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स सेलुलर डैमेज को रोकते हैं।
  • सेब की प्राकृतिक फ्रुक्टोज धीमी गति से ऊर्जा रिलीज करती है, जिससे अचानक सुस्ती नहीं आती।
  • एक चुटकी हल्दी और काली मिर्च मिलाने से इसमें करक्यूमिन का अवशोषण बढ़ता है, जो सूजन और थकान को कम करता है।

आवश्यक सामग्री:

  • पालक के पत्ते: 1 कप (अच्छी तरह धुले हुए)
  • गाजर: 1 मध्यम आकार
  • हरा या लाल सेब: 1
  • कच्ची हल्दी का टुकड़ा: आधा इंच (या 1 चुटकी हल्दी पाउडर)
  • नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच
  • ताजी कुटी काली मिर्च: 1 चुटकी

बनाने की विधि:

पालक, गाजर, सेब और हल्दी को एक साथ जूसर या ब्लेंडर में थोड़े से पानी के साथ पीस लें। इसे बिना छाने (फाइबर बरकरार रखने के लिए) एक गिलास में निकालें। ऊपर से नींबू का रस और एक चुटकी काली मिर्च डालकर तुरंत पिएं। सुबह नाश्ते के साथ या दिन की शुरुआत में इसका सेवन पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखता है।

पोषण विशेषज्ञों की अहम सलाह

पैकेटबंद विकल्पों से दूरी: बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद जूस और प्रिजर्वेटिव्स युक्त ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि इनमें केवल 'एम्प्टी कैलोरीज' होती हैं।

ताजगी प्राथमिकता: इन ड्रिंक्स को बनाकर रखने के बजाय ताजा ही पिएं, ताकि इनके सक्रिय एंजाइम्स और विटामिन्स नष्ट न हों।

पर्याप्त नींद और पानी: कोई भी ड्रिंक स्वस्थ नींद का विकल्प नहीं हो सकती। दिन में 8-10 गिलास सादा पानी और 7-8 घंटे की गहरी नींद के साथ जब आप इन प्राकृतिक पेयों को दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे, तो शरीर की ऊर्जा का स्तर हमेशा स्थिर और संतुलित रहेगा।