
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने रविवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में अपना 74वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने EPFO की दो नई सेवाओं की घोषणा की।
डॉ. मनसुख मांडविया ने EPFO की व्हाट्सएप सेवा की शुरुआत की। इस सुविधा से EPFO की सत्यापित व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से यूजर PF बैलेंस, हाल की लेनदेन जानकारी और पासबुक संबंधी विवरण प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार सत्यापित और 1,000 रुपए तक की राशि वाले निष्क्रिय EPF खातों का स्वत: निपटारा किया जाएगा, जिससे लगभग 1 लाख खाताधारकों को लाभ मिलने और करीब 5 करोड़ रुपए उनके खातों में पहुंचने की उम्मीद है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि समारोह के दौरान EPFO ने 7 महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया। जिनमें सामाजिक सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार, न्यायिक निर्णयों, हिंदी साहित्य और संवेदनशील प्रशासन से जुड़े विषय शामिल हैं। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय कार्यालयों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य निधि पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
इस दौरान, डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ईपीएफओ पिछले 74 वर्षों में एक साधारण भविष्य निधि संस्था से विकसित होकर देश की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा संस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि संगठन पर करोड़ों श्रमिकों और पेंशनभोगियों का भरोसा इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
डॉ. मांडविया ने कहा कि EPFO आज 8 करोड़ से अधिक अंशधारक सदस्यों और 85 लाख पेंशनभोगियों से जुड़ा हुआ है। लगभग 32 लाख करोड़ रुपए के रिटायरमेंट फंड का प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संगठन के कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और वर्षों की मेहनत का परिणाम है। डॉ. मांडविया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सामाजिक सुरक्षा केवल प्रक्रियाओं से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से संचालित होनी चाहिए। हर श्रमिक की समस्या को सहानुभूति और सम्मान के साथ हल करना जरूरी है क्योंकि श्रमिक ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि ईपीएफओ को अगले वर्ष अपने 75वें स्थापना दिवस की ओर बढ़ते हुए श्रमिक-केंद्रित नवाचारों पर अधिक ध्यान देना होगा। उन्होंने अधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'पंच प्रण' से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलावों के बावजूद अंतिम लक्ष्य श्रमिकों और पेंशनभोगियों को बेहतर सेवाएं देना होना चाहिए।
वहीं, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने कहा कि ईपीएफओ ने सात दशकों से अधिक समय में भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और श्रम सुधारों का लाभ केवल संगठित क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक भी पहुंचना चाहिए। उनके अनुसार, डिजिटल युग में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और संस्थाओं को समय के साथ खुद को लगातार बदलते रहना होगा।