
यह आज के समय की आम सी बात है जहां भागदौड़ भरी वातावरण में काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान का सीधा असर पुरुषों के हृदय स्वास्थ्य पर पड़ता है। आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में हृदय संबंधी जटिलताएं कम उम्र में ही उभरने लगती हैं। दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा बचाव किसी महंगी दवा में नहीं, बल्कि आपकी दैनिक थाली में छिपा है। सही पोषण और संतुलित आहार न केवल धमनियों में रुकावट को रोकते हैं, बल्कि रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दिल को मजबूत और निरोगी रखने के लिए आहार चार स्तंभों पर आधारित होना चाहिए: पर्याप्त पोषण, संतुलन, संयम और विविधता।
ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट का सही स्रोत: दैनिक ऊर्जा का 45–75% हिस्सा जटिल कार्बोहाइड्रेट्स (कॉम्प्लेक्स कार्ब्स) से आना चाहिए। इसके लिए मैदा या प्रोसेस्ड कार्ब्स की जगह साबुत अनाज, मिलेट्स, दालें, फल और सब्जियां मुख्य स्रोत होने चाहिए।
वसा (फैट) का कड़ा नियंत्रण: कुल ऊर्जा में वसा का अनुपात 30% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें भी सैचुरेटेड फैट 10% से कम और ट्रांस फैट 1% से भी कम होना आवश्यक है।
पर्याप्त फल और सब्जियां: शरीर को जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर देने के लिए प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम ताजे फल और मौसमी सब्जियों का सेवन अनिवार्य है।
नमक और चीनी पर अंकुश: प्रति व्यक्ति नमक की दैनिक मात्रा 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) से कम होनी चाहिए। वहीं, अतिरिक्त चीनी (फ्री शुगर) कुल ऊर्जा का 10% से कम और आदर्श रूप से 5% से नीचे होनी चाहिए।
भारत में जीवनशैली और खान-पान को लेकर हुए वैज्ञानिक अध्ययनों ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय खाद्य पदार्थों का सही चुनाव दिल को सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
हरी पत्तेदार सब्जियों की ताकत: दिल्ली और बेंगलुरु में हुए एक केस-कंट्रोल अध्ययन के अनुसार, भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करने से इस्केमिक हार्ट डिजीज (IHD) का खतरा 67% तक घट जाता है (RR: 0.33)। सप्ताह में मात्र 3.5 सर्विंग्स हरी सब्जियां खाने वालों में यह बड़ा अंतर देखा गया।
पारंपरिक सरसों का तेल: इसी शोध में सामने आया कि खाना पकाने व तलने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल दिल के दौरे के जोखिम को काफी हद तक कम करता है (RR: लगभग 0.29)। इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) और ओमेगा-3 धमनियों को स्वस्थ रखते हैं।
डेयरी फैट का जोखिम: एक अन्य अध्ययन में रेखांकित किया गया कि जहां फल और उच्च HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) दिल को सुरक्षित रखते हैं, वहीं फुल-क्रीम दूध और मलाईदार डेयरी उत्पादों का अधिक सेवन हृदय रोग के जोखिम को दोगुना (OR: 2.11) कर देता है।
पुरुषों को अपने आहार में ट्रांस फैट और अत्यधिक संतृप्त वसा को हटाकर फाइबर और असंतृप्त वसा (Unsaturated Fat) को प्राथमिकता देनी चाहिए।
| आहार वर्ग | थाली में क्या शामिल करें | किन चीजों को सीमित या बंद करें |
| अनाज व दालें | ब्राउन राइस, दलिया, ज्वार, बाजरा, रागी, साबुत मूंग, चना | मैदा, सफेद ब्रेड, नान, इंस्टेंट नूडल्स, बेकरी उत्पाद |
| फैट और तेल | कच्ची घानी सरसों का तेल, तिल या मूंगफली का तेल (सीमित मात्रा) | वनस्पति घी, मक्खन, पाम ऑयल, बार-बार तला हुआ तेल |
| प्रोटीन और डेयरी | टोफू, लो-फैट पनीर, टोंड/स्किम्ड दूध, स्प्राउट्स | फुल-क्रीम दूध, खोया, प्रोसेस्ड चीज, रेड मीट |
| स्नैक्स और पेय | भुने चने, मखाना, अखरोट, बादाम, छाछ, नारियल पानी | समोसा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फ्रूट जूस, पेस्ट्री |
| सब्जियां व फल | पालक, मेथी, लौकी, ब्रोकली, सेब, अमरूद, पपीता, संतरा | डिब्बाबंद फल, चाशनी वाली मिठाइयां, नमकीन/भुजिया |
हृदय को स्वस्थ रखना कोई कठिन तपस्या नहीं है; यह केवल रसोई में किए गए छोटे, जागरूक बदलावों का परिणाम है। सही आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर हर पुरुष अपने दिल को मजबूत और सेहतमंद बनाए रख सकता है।