
किसान दुर्घटना कल्याण योजना किसानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। खेती के दौरान या अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओं में यदि किसान की मृत्यु हो जाए या स्थायी दिव्यांगता हो जाए, तो यह योजना परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करती है। आइए जानते हैं इस योजना की पात्रता, सहायता राशि, आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण नियम।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के तहत किसान की दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने पर अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों को मिलता है। पात्र लाभार्थियों में शामिल हैं:
योजना के तहत सहायता राशि दुर्घटना से हुई क्षति के आधार पर निर्धारित की जाती है:
योजना के दायरे में कई प्रकार की आकस्मिक दुर्घटनाएं आती हैं, जिनमें शामिल हैं:
दुर्घटना की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। विशेष परिस्थितियों में जिलाधिकारी अधिकतम 75 दिनों तक समय बढ़ा सकते हैं। इसके बाद सामान्यतः आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
यदि किसान या उसके परिवार को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) या प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत पहले से सहायता मिल चुकी है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत केवल देय अंतर राशि का भुगतान किया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 18,145 किसानों को कुल ₹873.58 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। राज्य सरकार आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो सके।
यदि आपके परिवार का कोई सदस्य किसान है, तो इस योजना की पात्रता और नियमों की जानकारी पहले से रखें। दुर्घटना की स्थिति में 45 दिनों की समय सीमा का विशेष ध्यान रखें और आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू करें।
ऑनलाइन आवेदन में सहायता की आवश्यकता होने पर नजदीकी तहसील कार्यालय, कृषि विभाग या जन सेवा केंद्र (CSC) से संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा जाल है। जरूरत पड़ने पर इसका लाभ उठाना और समय पर आवेदन करना आपके अधिकारों में शामिल है।