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Education Planning: बच्चों की पढ़ाई के लिए म्यूचुअल फंड कितना उपयोगी? जानें फायदे और सावधानियां

Mutual Fund:बच्चों की उच्च शिक्षा के बढ़ते खर्च को देखते हुए लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड के जरिए शिक्षा कोष तैयार किया जा सकता है। जानें SIP, Children’s Fund, जोखिम, लॉक-इन और लक्ष्य के करीब पोर्टफोलियो बदलने की सही रणनीति।
4 min read
Aug 29, 2026
Education Planning News.

बच्चों की पढ़ाई के लिए Education Planning करते समय सबसे पहले यह तय करें कि भविष्य में कितनी राशि की जरूरत होगी और लक्ष्य कितने साल दूर है। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक खर्च में समय के साथ बदलाव हो सकता है, इसलिए केवल आज की फीस को आधार बनाकर निवेश करना पर्याप्त नहीं है। महंगाई को ध्यान में रखकर लक्ष्य राशि तय करना बेहतर होता है।

इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती

म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाने का विकल्प दे सकते हैं, लेकिन इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती। SEBI और AMFI के अनुसार म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

SIP से शुरू कर सकते हैं निवेश

शिक्षा जैसे लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए SIP एक व्यवस्थित तरीका हो सकता है। इसमें हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड योजना में निवेश की जाती है। इससे निवेश में अनुशासन बना रहता है और बाजार के अलग-अलग स्तरों पर निवेश होता रहता है। AMFI के अनुसार SIP नियमित निवेश की सुविधा देता है और लंबे समय में निवेश की आदत विकसित करने में मदद कर सकता है।

अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी आधारित फंडों पर विचार

यदि लक्ष्य 15-18 साल दूर है तो निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी आधारित फंडों पर विचार कर सकता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे की पढ़ाई का समय नजदीक आए, बाजार में अचानक गिरावट के जोखिम को कम करने के लिए धीरे-धीरे कम जोखिम वाले विकल्पों की ओर पोर्टफोलियो को स्थानांतरित करने पर विचार किया जा सकता है।

बच्चों के फंड की लॉक-इन समझें

म्यूचुअल फंड में बच्चों के लिए विशेष Children’s Fund भी उपलब्ध हैं। इन योजनाओं में आम तौर पर कम-से-कम पांच साल या बच्चे के वयस्क होने तक, जो भी पहले हो, लॉक-इन जैसी शर्तें हो सकती हैं। किसी योजना की वास्तविक शर्तें उसके Scheme Information Document में देखना जरूरी है।

मार्च 2026 के SEBI मास्टर सर्कुलर में Children's Fund को लेकर महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई AMC Children's Fund जारी रखता है, तो वह 20 साल वाली Life Cycle Fund लॉन्च नहीं कर सकता। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी बच्चों के म्यूचुअल फंड बंद हो गए हैं।

फायदे के साथ जोखिम भी समझें

म्यूचुअल फंड का एक बड़ा फायदा पेशेवर प्रबंधन और विविधीकरण है। निवेशक को अलग-अलग प्रतिभूतियों में सीधे निवेश करने के बजाय एक फंड के जरिए विविध पोर्टफोलियो में भागीदारी मिलती है। कई ओपन-एंडेड योजनाओं में जरूरत के अनुसार यूनिट्स भुनाने की सुविधा भी होती है, हालांकि कुछ योजनाओं में लॉक-इन या एग्जिट लोड लागू हो सकता है।

लेकिन बाजार गिरने पर निवेश का मूल्य भी घट सकता है। इसलिए बच्चे की फीस जमा करने के ठीक पहले पूरी राशि इक्विटी जैसे अधिक उतार-चढ़ाव वाले विकल्प में रखना जोखिम भरा हो सकता है।

18 साल की योजना का एक उदाहरण

Value Research के एक उदाहरण में जुड़वां बच्चों की शिक्षा के लिए ₹2 लाख की शुरुआती राशि और कुल ₹20,000 मासिक SIP का मॉडल दिया गया है। इसमें पहले 15 साल इक्विटी में 12% अनुमानित रिटर्न और अंतिम तीन साल अपेक्षाकृत सुरक्षित डेट फंडों में शिफ्ट करने का अनुमान लगाया गया। इस गणना के अनुसार बिना SIP बढ़ाए करीब ₹1.31 करोड़ और 10% सालाना SIP बढ़ाने पर करीब ₹2.14 करोड़ का अनुमानित कोष बन सकता है। यह केवल गणितीय प्रक्षेपण है, वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं।

PPF, SSY और NPS वात्सल्य से तुलना

शिक्षा के लिए केवल एक ही निवेश साधन पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। परिवार अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार म्यूचुअल फंड के साथ अन्य बचत विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

NPS वात्सल्य नाबालिगों के लिए दीर्घकालिक बचत और वित्तीय सुरक्षा की योजना है। इसमें निर्धारित शर्तों के तहत बच्चे की शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा भी है। इसलिए इसे शिक्षा कोष के विकल्प के रूप में देखने से पहले इसके उद्देश्य और निकासी नियम समझना जरूरी है।

निवेश से पहले इन गलतियों से बचें

सबसे बड़ी गलती लक्ष्य तय किए बिना फंड चुनना है। पहले यह तय करें कि बच्चे की पढ़ाई के लिए कितनी राशि और कब चाहिए। इसके बाद जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश विकल्प चुनें।

दूसरी गलती है लक्ष्य नजदीक आने के बावजूद पोर्टफोलियो की समीक्षा न करना। बाजार में बड़ी गिरावट की स्थिति में शिक्षा के लिए जरूरी रकम प्रभावित हो सकती है। इसलिए लक्ष्य से कुछ साल पहले जोखिम घटाने की रणनीति पर विचार करना समझदारी है।

तीन हिस्सों में समझें शिक्षा निवेश

│ पार्ट 1 — लक्ष्य तय करें
│ शिक्षा की अनुमानित लागत + महंगाई + समय-सीमा
│ ↓
│ पार्ट 2 — निवेश शुरू करें
│ लंबी अवधि में SIP + जोखिम क्षमता के अनुसार फंड
│ ↓
│ पार्ट 3 — लक्ष्य सुरक्षित करें
│ पढ़ाई नजदीक आने पर जोखिम घटाएं + नियमित समीक्षा करें

म्यूचुअल फंड एक उपयोगी दीर्घकालिक निवेश विकल्प हो सकता है

बहरहाल,बच्चों की पढ़ाई के लिए म्यूचुअल फंड एक उपयोगी दीर्घकालिक निवेश विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे निश्चित रिटर्न देने वाली योजना नहीं समझना चाहिए। सही लक्ष्य, पर्याप्त समय, नियमित निवेश और समय पर जोखिम कम करने की रणनीति शिक्षा कोष तैयार करने में मदद कर सकती है। निवेश से पहले संबंधित योजना के दस्तावेज, खर्च, लॉक-इन और टैक्स नियम जरूर जांचें। जरूरत होने पर SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लेना बेहतर है।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य वित्तीय जानकारी के उद्देश्य से है। यह व्यक्तिगत निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं और रिटर्न की गारंटी नहीं होती।)

Updated on:
29 Aug 2026 01:14 pm
Published on:
29 Aug 2026 01:11 pm