
आजकल की भारतीय सिनेमा में रोमांस सिर्फ पारंपरिक प्रेम कहानियों तक सीमित नहीं रहा यह अब नए रूपों, नए सवालों और नए अनुभवों के साथ सामने आ रहा है। अगर आप भी कुछ ऐसी आधुनिक भारतीय रोमांटिक फिल्में देखना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं, तो ये पांच चुनिंदा फिल्में आपके वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
यह 2024 की फिल्म है, जिसे पायल कापड़िया ने निर्देशित किया है। कहानी मुंबई में काम करने वाली दो मलयाली नर्सों और एक अस्पताल के कर्मचारी के इर्द‑गिर्द घूमती है। इसमें एक नर्स, अनु, एक मुस्लिम युवक से प्रेम संबंध में है - यह प्रेम कहानी पारंपरिक नहीं, बल्कि शहर की असलियत और सामाजिक प्रतिबंधों के बीच पनपती है। फिल्म की सौम्य लेकिन स्पष्ट भाषा और संवेदनशील दृष्टिकोण ने इसे आलोचकों की सराहना दिलाई है।
2023 में रिलीज हुई यह फिल्म करण जौहर द्वारा निर्देशित एक पारिवारिक रोमांटिक कॉमेडी‑ड्रामा है। इसमें पारंपरिक और आधुनिक मूल्यों के बीच टकराव और मेल‑जोल को खूबसूरती से दिखाया गया है। फिल्म को ‘बेस्ट पॉपुलर फिल्म’ का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जो दर्शाता है कि यह कहानी कितनी व्यापक दर्शकों तक पहुंची।
यह फिल्म 2026 की है और आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं को एक नए नजरिए से पेश करती है। यह ‘लव ट्रायंगल’ की शैली में है, जिसमें प्रेम, दोस्ती और आत्म‑खोज का मिश्रण है। हाल ही में इस शैली के पुनरुत्थान की चर्चा हो रही है, और यह फिल्म उसी प्रवृत्ति का हिस्सा है।
जुलाई 2026 में रिलीज हुई यह हिंदी‑भाषा की रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें भावनात्मक जुड़ाव और आधुनिक प्रेम की चुनौतियों को दर्शाया गया है। इसे दर्शकों और आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन इसे आधुनिक रोमांस के रूप में देखा जा सकता है।
ये तीनों फिल्में 2025–2026 के दौरान रिलीज हुईं और रोमांटिक शैली में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही हैं। ट्रेड विशेषज्ञों और निर्देशकों ने माना है कि इन फिल्मों ने दर्शकों को फिर से प्रेम‑कहानी के लिए थिएटर तक खींचा है। यह संकेत है कि रोमांस अब फिर से मुख्यधारा में लौट रहा है।
ये सभी फिल्में सिर्फ प्रेम‑कहानी नहीं हैं, बल्कि आधुनिक भारतीय समाज, पहचान, पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत आजादी के बीच की जटिलताओं को भी उजागर करती हैं।
भारतीय सिनेमा में रोमांस का स्वरूप बदल रहा है। अब यह सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका की कहानी नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को भी छूता है। यह बदलाव दर्शकों की बदलती पसंद और समाज में हो रहे परिवर्तनों को दर्शाता है।
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, यह स्पष्ट है कि भारतीय सिनेमा में रोमांस का नया युग शुरू हो चुका है।