
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चेन्नई में MGR विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित किया। इस मौके पर निर्मला सीतारमण ने जेन-जी (Zen-G) और जेन-अल्फा (Zen Alpha) युवाओं को बड़ी सलाह दी है। वित्त मंत्री ने विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जेन-G और जेन-अल्फा छात्रों को विनम्रता और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करनी चाहिए।
वित्त मंत्री ने विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध विद्वान 'सर आइजैक न्यूटन' का उदाहरण दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि न्यूटन ने अपनी सफलता में अन्य विद्वानों के योगदान को स्वीकार किया था। न्यूटन जैसे महान विद्वान ने भी स्वीकार किया था कि अपनी सफलता हासिल करने और खोज करने के लिए उन्हें कई अन्य विद्वानों की सहायता की आवश्यकता थी।
न्यूटन जैसे महान विद्वान ने स्वीकार किया था कि अपनी सफलता हासिल करने के लिए उन्हें विभिन्न विद्वानों की सहायता की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा था कि इसी सहयोग के माध्यम से वह अपनी विभिन्न खोजें कर पाए। उन्होंने इसे बेहद विनम्रता के साथ व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने कहा- इसलिए छात्रों के लिए विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कि न्यूटन द्वारा दूसरों के योगदान को स्वीकार करना उनकी गहरी विनम्रता को दर्शाता है। यह बताता है कि किसी व्यक्ति की उपलब्धियों में दूसरों के योगदान को पहचानना कितना महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री ने इस दृष्टिकोण से प्रेरणा लेने और अपनी शैक्षणिक तथा पेशेवर यात्रा के साथ-साथ विनम्रता विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में जिम्मेदारी की भावना भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहनी चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा- न्यूटन जैसे प्रतिष्ठित विद्वान ने अपने भाषण में कहा था कि उन्हें अपनी सफलता के लिए विभिन्न विद्वानों की मदद की जरूरत पड़ी। इसके माध्यम से उन्होंने बताया कि वह विभिन्न खोजें करने में सक्षम हुए। उन्होंने इसे बेहद विनम्रता के साथ व्यक्त किया। सीतारमण ने स्नातक छात्रों से अपनी पेशेवर यात्रा शुरू करते हुए नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभालने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और मजबूती उसके नागरिकों के स्थिर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी आधार हैं। सीतारमण ने स्नातकों से उत्कृष्टता हासिल करने और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के अनुकूल खुद को ढालने के साथ-साथ विनम्र बने रहने की भी अपील की।
देश को प्राथमिकता: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं से कहा गया कि वे यह न सोचें कि देश ने उनके लिए क्या किया है, बल्कि यह सोचें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं।
नेतृत्व की जिम्मेदारी: वित्त मंत्री ने छात्रों से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने और राष्ट्रीय हितों से कभी समझौता न करने का आह्वान किया।
वैश्विक स्थिति: दुनिया के मौजूदा संघर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक मजबूत और सुरक्षित राष्ट्र ही नागरिकों को सुरक्षित जीवन दे सकता है।
विनम्रता और सीखने की अपील: वित्त मंत्री ने आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए छात्रों को जीवन में विनम्रता और निरंतर सीखने की प्रेरणा दी।