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जैकलीन फर्नांडिस पर लटकी ‘मकोका’ की तलवार? राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका केस में जैकलीन को आरोपी बनाए जाने की मांग वाली अर्जी पर दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली है।
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भारत

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Vinay Shakya

Sep 15, 2026

Actress Jacqueline Fernandez

एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस (इमेज सोर्स- IANS)

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के कथित जबरन वसूली मामले में जैकलीन को मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत आरोपी बनाए जाने की मांग वाली याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई।

कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

मकोका के विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका दुबई से प्रत्यर्पित आरोपी नवास कक्कट की ओर से दाखिल की गई थी, जिस पर एडवोकेट नवीन मल्होत्रा और रितविक मल्होत्रा ने बहस की। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह पेश हुए। गौरतलब है कि इसी मामले में कक्कट के खिलाफ दाखिल पूरक आरोपपत्र पर आरोप तय करने का आदेश भी अदालत को आज ही सुनाना है।

अहम बात यह है कि यह याचिका सिर्फ जैकलीन तक सीमित नहीं है। 7 सितंबर को अदालत ने जैकलीन फर्नांडिस के साथ-साथ लीपाक्षी एल्लावाड़ी को भी मकोका मामले में आरोपी बनाए जाने की मांग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब मांगा था। जैकलीन इस मकोका केस में आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के तौर पर दर्ज हैं।

कहां से शुरू हुआ मामला?

यह पूरा प्रकरण रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से जुड़ी शिकायत से शुरू हुआ था। आरोप है कि जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर अदिति सिंह से उनके पति को जेल से छुड़ाने के नाम पर बड़ी रकम ऐंठी। जांच में सामने आया कि सुकेश जेल के भीतर से ही एक संगठित नेटवर्क चला रहा था, जिसके बाद मामले में मकोका की धाराएं जोड़ी गईं।

इसी कथित अपराध से मिली रकम के दुरुपयोग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलग से मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की, जिसमें जैकलीन का नाम सामने आया। ईडी का आरोप है कि जैकलीन को सुकेश से करीब 7.12 करोड़ रुपए के गिफ्ट मिले, जबकि श्रीलंका में उनकी बहन को भी करीब 1.12 करोड़ रुपए के तोहफे भेजे गए। जैकलीन लगातार कहती रही हैं कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और वह खुद भी छली गईं।

अदालती कार्यवाही में अब तक क्या हुआ?

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल ने 3 जुलाई 2025 को जैकलीन की उस याचिका खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ED की FIR और मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी। इसके खिलाफ जैकलीन सुप्रीम कोर्ट भी गईं, लेकिन जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उन्हें उचित समय पर अदालत आने की छूट दी। इसके बाद वकील ने याचिका वापस ले ली।

इसके बाद 30 मई 2026 को दिल्ली की अदालत ने जैकलीन, सुकेश चंद्रशेखर सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। जैकलीन ने इसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने 25 जून 2026 को उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी, जिसके बाद अब मामला निचली अदालत में ट्रायल के लिए आगे बढ़ेगा।

अब मकोका में भी आरोपी बनाने की मांग

अब सवाल यह है कि क्या जैकलीन को मनी लॉन्ड्रिंग केस के अलावा मकोका के सख्त प्रावधानों के तहत भी आरोपी बनाया जाएगा। याचिकाकर्ता पक्ष की दलील है कि कक्कट सुकेश के लिए पैसों की लेयरिंग और सेलिब्रिटीज को महंगे तोहफे दिलाने में मददगार था। वहीं, पुलिस पक्ष का कहना है कि यह मुद्दा पहले ही आरोप तय करते वक्त उठाया जा चुका है और यह याचिका ही टिकाऊ नहीं है। मंगलवार की सुनवाई के बाद अब सबकी निगाहें अदालत के सुरक्षित रखे गए आदेश पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि जैकलीन फर्नांडिस का नाम मकोका जैसे कड़े कानून की आरोपी सूची में जुड़ेगा या नहीं।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी हैं जैकलीन

दरअसल, 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन पहले से आरोपी हैं और मई 2026 में दिल्ली की अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। वहीं, इसी से जुड़े जबरन वसूली और मकोका मामले में सुकेश और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। उस समय उपलब्ध अदालत संबंधी रिपोर्टों में जैकलीन को मामले में आरोपी नहीं बताया गया था।