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राष्ट्रपति के ADC शादी क्यों नहीं कर सकते? मेजर ऋषभ सांब्याल ने बताया पद से जुड़ा खास नियम

राष्ट्रपति के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया कि ADC के कार्यकाल के दौरान शादी नहीं करने का क्लॉज होता है। आइए जानते हैं, उन्होंने क्या कुछ कहा?
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Sep 12, 2026
President ADC Marriage Rules
इमेज क्रेडिटः ChatGPT

राष्ट्रपति के साथ हर समय नजर आने वाला सैन्य अधिकारी बेहद जिम्मेदारी और प्रोटोकॉल वाली भूमिका निभाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही इस पद से जुड़ी अपनी जिंदगी के ऐसे पहलू का खुलासा किया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के रूप में सेवा के दौरान शादी करने की अनुमति नहीं होती। उनके मुताबिक, परिवार से दूर रहना और सामान्य निजी जिंदगी न जी पाना इस जिम्मेदारी की सबसे बड़ी कीमतों में शामिल था।

मेजर ऋषभ ने शादी को लेकर क्या बताया?

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने एक पॉडकास्ट बातचीत में बताया कि वह शादीशुदा नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि राष्ट्रपति के ADC के तौर पर उन्होंने सबसे बड़ा त्याग क्या किया, तो उन्होंने कहा कि ADC (Aide-de-Camp) के लिए ऐसा क्लॉज है, जिसके तहत वह सेवा के दौरान शादी नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी बताया कि इस भूमिका में परिवार से दूर रहना पड़ता है और निजी जिंदगी के लिए बहुत कम समय मिलता है।

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है कि यह सभी भारतीय सेना अधिकारियों के लिए शादी पर सामान्य रोक नहीं है। ऋषभ के बयान में खास तौर पर राष्ट्रपति के ADC पद से जुड़े क्लॉज की बात कही गई है। इसलिए इसे सामान्य सैन्य सेवा का विवाह प्रतिबंध समझना सही नहीं होगा।

राष्ट्रपति के ADC की जिम्मेदारी क्या होती है?

ADC यानी Aide-de-Camp राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ADC राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, आधिकारिक यात्राओं, समारोहों और संबंधित समन्वय में सहायता करता है। इस पद पर अधिकारी को हर समय अनुशासन, सतर्कता और गोपनीयता बनाए रखनी होती है। राष्ट्रपति के ADC विभिन्न सशस्त्र सेनाओं से आते हैं और राष्ट्रपति के साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं।

ADC के लिए शादी से जुड़े क्या नियम हैं?

मेजर ऋषभ के बयान के आधार पर राष्ट्रपति के ADC की शादी से जुड़े प्रमुख बिंदु इस तरह समझे जा सकते हैं:

1. कार्यकाल के दौरान शादी पर रोक
ऋषभ के मुताबिक राष्ट्रपति के ADC के लिए ऐसा क्लॉज है, जिसके तहत पद पर रहते हुए शादी नहीं की जा सकती।

2. यह नियम खास पद से जुड़ा बताया गया है
इसे भारतीय सेना के हर अधिकारी पर लागू सामान्य नियम नहीं माना जाना चाहिए। यह राष्ट्रपति के ADC की विशेष जिम्मेदारियों और पद की प्रकृति से जुड़ा बताया गया है।

3. परिवार और निजी जीवन सीमित रहता है
ADC को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों और आधिकारिक जिम्मेदारियों के अनुसार हमेशा तैयार रहना पड़ता है। ऋषभ ने बताया कि इस वजह से सामान्य सामाजिक और पारिवारिक जीवन काफी सीमित हो जाता है।

4. कार्यकाल खत्म होने के बाद स्थिति अलग हो सकती है
ADC का पद छोड़ने के बाद अधिकारी की स्थिति सामान्य सैन्य सेवा के नियमों के अनुसार होती है। इसलिए इसे जीवनभर शादी न करने की शर्त नहीं समझना चाहिए।

क्यों इतना कठिन है यह पद?

राष्ट्रपति का कार्यक्रम कई बार लगातार बदल सकता है। आधिकारिक यात्राएं, राष्ट्रीय समारोह, विदेशी मेहमानों से मुलाकात और विभिन्न संवैधानिक कार्यक्रमों में ADC की मौजूदगी जरूरी होती है। ऐसे में अधिकारी को व्यक्तिगत योजनाओं से ज्यादा ड्यूटी को प्राथमिकता देनी पड़ती है।

ऋषभ ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ काम करते हुए वह सामान्य व्यक्ति की तरह बाहर जाकर जिंदगी का आनंद नहीं ले सकते थे। उन्होंने अकेलेपन को भी अपनी जिंदगी का हिस्सा बताया, हालांकि उनके लिए यह आत्मचिंतन का अवसर भी बना।

लिया समय से पहले रिटायरमेंट

मेजर ऋषभ सांब्याल ने करीब 12 साल सेना में सेवा देने के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लिया। वह 2023 में राष्ट्रपति की ADC टीम से जुड़े थे और करीब तीन साल इस जिम्मेदारी में रहे। इससे पहले वह 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज से भी जुड़े रहे और 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व कर चुके थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना छोड़ने का फैसला शादी की वजह से नहीं था। उनके मुताबिक परिवार और माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों ने इस फैसले में बड़ी भूमिका निभाई।

ऋषभ की कहानी बताती है कि राष्ट्रपति के साथ दिखाई देने वाली चमकदार वर्दी के पीछे अनुशासन, निजी त्याग और बेहद सीमित निजी जीवन भी जुड़ा होता है। ADC की जिम्मेदारी सिर्फ राष्ट्रपति के साथ खड़े रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐसा पद है जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था की गरिमा और प्रोटोकॉल को हर समय प्राथमिकता देनी होती है।

Updated on:
12 Sept 2026 10:09 am
Published on:
12 Sept 2026 10:09 am