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Ramayana: रणबीर कपूर की दो-पार्ट वाली फिल्म ‘रामायण’ का ₹4,000 करोड़ बजट, जानिए पूरी कहानी

Ramayana:रणबीर कपूर की दो-भाग वाली रामायण का कुल अनुमानित बजट करीब ₹4,000 करोड़ बताया जा रहा है। जानिए यह आंकड़ा कैसे बना और रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक रामायण से इसकी तुलना क्यों चर्चा में है।
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Aug 28, 2026
Ramayana Film and Serial News.
रामानंद सागर के सीरियल रामायण और रणबीर कपूर की भव्य दो-भाग वाली फिल्म—चार दशक में भारतीय सिनेमा का बदला पैमाना। (फोटो:AI )

Ramayana अब सिर्फ एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक बन चुकी है। निर्देशक नितेश तिवारी की दो-भाग वाली रामायण का कुल अनुमानित बजट करीब ₹4,000 करोड़ बताया जा रहा है। वहीं, सन 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित रामानंद सागर की रामायण लगभग ₹7 करोड़ की कुल लागत में बनी थी। दोनों परियोजनाओं के बीच करीब चार दशक का अंतर भारतीय फिल्म उद्योग की तकनीक, बाज़ार और महत्वाकांक्षा में आया बदलाव दिखाता है।

₹4,000 करोड़ का बजट: इसमें क्या-क्या शामिल है?

निर्माता और अभिनेता यश ने स्पष्ट किया है कि चर्चा में रहने वाला ₹4,000 करोड़ का आंकड़ा केवल शूटिंग की लागत नहीं है। इसमें दोनों भागों का निर्माण, वैश्विक रिलीज़, प्रचार-प्रसार और वितरण जैसे बड़े खर्च शामिल हैं।

उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, दोनों फिल्मों की संयुक्त निर्माण लागत लगभग ₹1,600 करोड़ के आसपास मानी जा रही है। इसके अलावा IMAX फॉर्मेट, अत्याधुनिक विज़ुअल इफेक्ट्स, वैश्विक मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय रिलीज़ की लागत जोड़ने पर कुल निवेश करीब ₹4,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

ध्यान दें: फिल्म के निर्माताओं ने अभी अंतिम आधिकारिक बजट सार्वजनिक नहीं किया है। ₹4,000 करोड़ का आंकड़ा व्यापक मीडिया रिपोर्टों और यश के बयानों के आधार पर चर्चा में है।

क्या है इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत?

दो भागों में रिलीज़: कहानी को दो फिल्मों में पेश किया जाएगा।

रणबीर कपूर राम की भूमिका में: फिल्म में बड़े कलाकारों की मौजूदगी इसे चर्चित बना रही है।

DNEG का VFX: ऑस्कर विजेता VFX स्टूडियो DNEG इस परियोजना से जुड़ा है।

हंस ज़िमर और ए.आर. रहमान: संगीत को भी इस परियोजना की बड़ी ताकत माना जा रहा है।

ग्लोबल रिलीज़: सोनी पिक्चर्स सहित अंतरराष्ट्रीय वितरण नेटवर्क इसे दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी में है।

इन सभी पहलुओं के कारण यह फिल्म सिर्फ भारतीय बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

रामानंद सागर की ‘रामायण’: कम बजट, ऐतिहासिक सफलता

25 जनवरी 1987 को दूरदर्शन पर प्रसारित रामानंद सागर की रामायण भारतीय टेलीविज़न इतिहास की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में गिनी जाती है।

राम – अरुण गोविल

सीता – दीपिका चिखलिया

रावण – अरविंद त्रिवेदी

कुल एपिसोड – 78

प्रति एपिसोड लागत – लगभग ₹9 लाख

कुल अनुमानित लागत – करीब ₹7 करोड़

यह धारावाहिक उस दौर में सांस्कृतिक घटना बन गया था। 2020 के लॉकडाउन के दौरान इसके पुनः प्रसारण ने भी रिकॉर्ड दर्शक संख्या हासिल की थी। प्रसार भारती के अनुसार, 16 अप्रैल 2020 को इसके एक एपिसोड को लगभग 7.7 करोड़ (77 मिलियन) दर्शकों ने देखा था, जो उस समय वैश्विक स्तर पर एक रिकॉर्ड माना गया।

रामायण फिल्म और सीरियल: दोनों की तुलना

पहलूरणबीर कपूर की रामायणरामानंद सागर की रामायण
प्रारूपदो-भाग वाली फिल्मटीवी धारावाहिक
समय2026–27 (प्रस्तावित रिलीज़)1987
कुल बजटकरीब ₹4,000 करोड़ (रिपोर्टेड कुल निवेश)करीब ₹7 करोड़
निर्माण लागतकरीब ₹1,600 करोड़ (रिपोर्टेड)लगभग ₹9 लाख प्रति एपिसोड
तकनीकIMAX, हाई-एंड VFXसीमित संसाधन
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वैश्विक रिलीज़हांनहीं

भारतीय सिनेमा के लिए इसका क्या मतलब है?

यह परियोजना बताती है कि भारतीय फिल्म उद्योग अब वैश्विक स्तर पर बड़े बजट वाली फिल्मों की दौड़ में उतर चुका है। पहले जहां सफलता का पैमाना घरेलू बॉक्स ऑफिस था, वहीं अब अंतरराष्ट्रीय वितरण, IMAX रिलीज़, डिजिटल अधिकार और वैश्विक मार्केटिंग भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।

दूसरी ओर, रामानंद सागर की रामायण यह याद दिलाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कहानी, अभिनय और भावनात्मक जुड़ाव किसी भी प्रस्तुति की सबसे बड़ी ताकत हो सकते हैं।

आगे क्या रहेगा सबसे दिलचस्प?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रणबीर कपूर की रामायण तकनीकी भव्यता के साथ-साथ दर्शकों के दिलों में भी वैसी ही जगह बना पाएगी जैसी रामानंद सागर की रामायण ने बनाई थी। फिल्म की रिलीज़ के बाद इसकी असली परीक्षा बॉक्स ऑफिस, वैश्विक कमाई और दर्शकों की प्रतिक्रिया से तय होगी।

Updated on:
28 Aug 2026 11:51 am
Published on:
28 Aug 2026 11:51 am