Patrika+

क्या आपके पैसे सुरक्षित हैं? RBI ने शुरू किया नया शिकायत निवारण सिस्टम, जानें कैसे करें शिकायत

क्या आप जानते हैं कि आपकी वित्तीय सुरक्षा को अब और भी मजबूती मिली है। RBI का नया शिकायत निवारण सिस्टम (New Grievance Redressal System) आपके लिए शिकायत करना आसान और तेज बनाता है। आइए जानते हैं RBI की नई सेवा के फायदे और इसमे शिकायत करने की पूरी प्रक्रिया।
3 min read
Jul 31, 2026
RBI Rules
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 जुलाई 2026 से एक नया, बेहतर और सरल शिकायत निवारण सिस्टम लागू किया है। RBI की इस नई सेवा 'Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme 2026' के तहत लागू किया गया है। यह बदलाव आम जन के लिए शिकायत करने का रास्ता आसान, तेज और भरोसेमंद बनाता है। इस नए नियम के लागू होने से आपकी वित्तीय सुरक्षा अब और मजबूत हुई है। यह आपके वित्तीय अधिकारों की रक्षा करता है और आपको बेहतर मुआवजा दिलाने में सक्षम है।

क्या है RBI का नया नियम?

RBI ने 16 जनवरी 2026 को इस नए नियम को जारी किया, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। यह सिस्टम पुराने 2021 के Integrated Ombudsman Scheme को पूरी तरह बदलता है, लेकिन पहले की शिकायतों, अपीलों और निर्णयों को पुराने नियमों के तहत पूरा होने की अनुमति देता है।

कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?

RBI का नया शिकायत निपटान करने का सिस्टम उन सभी संस्थानों को कवर करता है, जो RBI द्वारा नियंत्रित हैं। जिसमे वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक (₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs), प्रीपेड भुगतान उपकरण जारी करने वाले गैर-बैंक और क्रेडिट सूचना कंपनियां शामिल हैं।

आसान हुई शिकायत प्रक्रिया

अब आपको यह नहीं देखना कि किस स्कीम के तहत शिकायत करनी है। अब वित्तीय समस्या से जुड़ी शिकायत के लिए 'One Nation One Ombudsman' की नीति लागू है, यानी पूरे देश में एक ही सिस्टम काम करेगा। शिकायतें ऑनलाइन CMS पोर्टल, ई‑मेल या फिजिकल फॉर्म से की जा सकती हैं। इस नई सेवा के क्रियान्वयन के लिए चंडीगढ़ में CRPC (Centralised Receipt and Processing Centre) स्थापित किया गया है। RBI ने शिकायत निवारण को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट समय सीमा और प्रक्रिया तय की है। अब शिकायतों के निपटारे में देरी कम होगी और प्रक्रिया सरल होगी।

मुआवजे की सीमा बढ़ी

अब Ombudsman आपके लिए दो तरह का मुआवजा दे सकता है। अब वित्तीय नुकसान (Consequential Loss) के लिए ₹30 लाख तक और मानसिक पीड़ा या परेशानियों के लिए ₹3 लाख तक क मुआवजा देने का प्रावधान है। नए नियम के आधिकारिक दस्तावेज में यही सीमा स्पष्ट की गई है।

अपील का अधिकार बना हुआ

अगर Ombudsman का निर्णय आपको या संस्था को संतोषजनक नहीं लगता, तो दोनों पक्षों को अपील करने का अधिकार है। पहले शिकायत प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली होती थी। अब यह सरल, तेज और एकीकृत हो गई है। आपको अलग-अलग स्कीमों में उलझने की जरूरत नहीं। शिकायत को ऑनलाइन ट्रैक किया सकता है। इस नियम के तहत मुआवजा सीमा बढ़ने से आपकी वित्तीय सुरक्षा मजबूत होती है।

स्टेप-बाय-स्टेप समझें पूरी प्रक्रिया

  1. सबसे पहले संबंधित बैंक या संस्था से शिकायत करें।
  2. अगर 30 दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो RBI Ombudsman के पास जाएं।
  3. CMS पोर्टल, ई‑मेल या CRPC, चंडीगढ़ (फिजिकल) के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
  4. अपनी शिकायत का ट्रैकिंग नंबर संभाल कर रखें।
  5. अगर निर्णय से असंतुष्ट हों, तो अपील करें।

सावधानियां और सामान्य गलतियां

  • शिकायत करने से पहले संस्था को मौका देना जरूरी है।
  • शिकायत फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी (जैसे मोबाइल, ई‑मेल, विवरण) सही भरें, नहीं तो रिजेक्शन हो सकता है।
  • शिकायत बंद होने पर कारण समझें—कुछ मामलों में ‘Non‑maintainable’ या ‘settled’ कहकर बंद किया जा सकता है।
  • अगर बैंक ने समय पर जवाब नहीं दिया, तब भी Ombudsman कार्रवाई कर सकता है।
Updated on:
31 Jul 2026 10:37 pm
Published on:
31 Jul 2026 10:34 pm