
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
अमेरिका-ईरान के बीच जंग और होर्मुज बंदी से तनाव है। ईरान के साथ जारी तनाव के बीच परमाणु समझौते पर अमेरिकी रुख को लेकर बात उलझ गई है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई खबरों में कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ठोस परमाणु प्रगति के बदले ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने को तैयार हैं, लेकिन बाद में ट्रंप ने इस दावे से इनकार कर दिया। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जो सौदेबाजी का बड़ा मुद्दा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ट्रंप अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में प्रतिबंध हटाने और रोके गए फंड जारी करने को तैयार हैं, बशर्ते ईरान परमाणु मुद्दे पर "ठोस प्रगति" दिखाए। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेलफॉर्म Truth Social पर इन खबरों को खारिज कर दिया। ट्रंप ने Truth Social पर सार्वजनिक रूप से लिखा कि उन्होंने ईरान को कुछ भी ऑफर नहीं किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ही होर्मुज खोलने का ईरानी प्रस्ताव ठुकरा दिया था। रविवार को उन्होंने कहा कि ईरान सौदा चाहता है, लेकिन वह सौदा नहीं जो वे करना चाहते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, प्रस्ताव में 7 दिन के भीतर होर्मुज खोलने और परमाणु वार्ता दोबारा शुरू करने की बात थी। इसके बदले में अमेरिका को नाकेबंदी हटानी थी, ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध में छूट देनी थी और लेबनान समेत युद्धविराम मानना था। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज का आरोप था कि तेहरान ने परमाणु बातचीत से पहले प्रतिबंधों में राहत और "अरबों डॉलर" के फ्रीज फंड तक पहुंच मांगी। अराघची ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वॉल्ट्ज ने योजना देखी ही नहीं।
अराघची संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में हैं और उन्होंने मंगलवार तक अमेरिका के औपचारिक जवाब की उम्मीद जताई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ इस हफ्ते फिर सौदे की कोशिश कर रहे हैं और न्यूयॉर्क में अराघची से कतर के प्रस्ताव पर बात कर रहे हैं।
ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस हफ्ते आगे बातचीत हो सकती है। हालांकि, एक अमेरिकी सूत्र ने कहा कि व्हाइट हाउस को ईरान के वादों पर संदेह है। उसने जुलाई में होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर फायरिंग करके पिछला समझौता तोड़ने का आरोप लगाया।
सोमवार को ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का संदेश आया, जो "सेक्रेड डिफेंस वीक" और हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या की दूसरी बरसी पर जारी हुआ। खामेनेई ने कहा- दुश्मन की सेनाएं अरब सागर से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं करतीं और वह दिन जल्द आएगा, जब अरब सागर भी उनसे मुक्त होगा। बता दें मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के बाद सुप्रीम लीडर बने हैं। उन्हें असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 8 मार्च को चुना था।
Updated on:
29 Sept 2026 06:57 pm
Published on:
29 Sept 2026 06:57 pm
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