
Smart electrical appliances: गर्मियों में बिजली बचत का सवाल हर घर में आम हो गया है और स्मार्ट होम उपकरण इस चुनौती का प्रभावी समाधान बनकर उभर रहे हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि कौन-से स्मार्ट उपकरण आपके घर के बिजली बिल को कम कर सकते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है, जानिए वो जो आपके लिए जानना जरूरी।
स्मार्ट प्लग एक साधारण सॉकेट जैसा दिखने वाला उपकरण है, लेकिन इसमें बिजली की खपत को मापने और दूर से नियंत्रित करने की क्षमता होती है। इसे मोबाइल ऐप या वॉयस असिस्टेंट से ऑन/ऑफ किया जा सकता है, जिससे स्टैंडबाय बिजली की बर्बादी रोकी जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप गीजर जैसे भारी उपकरण को केवल आवश्यकता के समय ही चालू करना चाहते हैं, तो स्मार्ट प्लग उपयोगी है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, एक साधारण स्मार्ट प्लग से गीजर पर लगभग 1% ऊर्जा की बचत हो सकती है, और निवेश की वसूली (पे-बैक) लगभग 0.6 वर्ष में हो जाती है। यदि गीजर साल में 6,000 घंटे चलता है, तो यह बचत 8.5% तक पहुंच सकती है और पे-बैक तीन महीने से भी कम हो सकता है।
BLDC (ब्रशलैस डायरेक्ट करंट) पंखे पारंपरिक इंडक्शन पंखों की तुलना में काफी कम बिजली की खपत करते हैं। BEE के आंकड़ों के अनुसार, पारंपरिक पंखे 70-80 वॉट लेते हैं, जबकि BLDC पंखे केवल 25-35 वॉट लेते हैं, जिससे लगभग 65% बिजली की बचत होती है।
EESL द्वारा पेश किए गए 5-स्टार BLDC पंखे केवल 28-35 वॉट बिजली लेते हैं, और इससे सालाना लगभग 1,080 यूनिट बिजली बच सकती है, जिससे लगभग 6,000 की बचत होती है। इसके अलावा, BLDC पंखे शोर कम करते हैं, वोल्टेज उतार-चढ़ाव में स्थिर प्रदर्शन देते हैं और लंबी उम्र के होते हैं।
HEMS एक व्यापक प्रणाली है, जो घर के सभी उपकरणों की ऊर्जा खपत को मॉनिटर और नियंत्रित करती है। एक अध्ययन में पाया गया कि IoT आधारित HEMS से 49% तक ऊर्जा बचत संभव है, और यदि Time-of-Day (ToD) टैरिफ शामिल हो, तो बचत 53% तक पहुंच सकती है।
एक पायलट प्रोजेक्ट में, पुणे के कुछ घरों में स्मार्ट मॉनिटरिंग और ऑटोमेशन से 28-33% तक बिजली की बचत हुई। महीने में औसतन बिजली बिल 4,000-6,000 कम हुआ।
सरकारी ऊर्जा दक्षता पोर्टल के अनुसार, ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियां (EMS) 15-30% तक बचत कर सकती हैं, हालांकि ये आंकड़े उद्योग-स्तर पर आधारित हैं।
IR ब्लास्टर आधारित स्मार्ट कंट्रोलर से आप अपने मौजूदा एसी को स्मार्ट बना सकते हैं, शेड्यूल सेट कर सकते हैं और जब घर खाली हो तो यह स्वयं बंद हो जाता है। इससे बिजली की खपत में कमी आती है, लेकिन इसके लिए सटीक आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसे एक प्रभावी विकल्प के रूप में समझें, लेकिन बचत का अनुमान सामान्य रूप में ही रखें।
राउटर की बिजली खपत आमतौर पर 5–20 वॉट होती है। इसे हर रात बंद करने से थोड़ी बचत हो सकती है, लेकिन बिजली बिल में बड़ा अंतर नहीं आता। इसके अलावा, बार-बार ऑन/ऑफ करने से राउटर के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर दबाव पड़ सकता है और फर्मवेयर अपडेट्स भी रुक सकते हैं। इसलिए यदि आप लंबे समय के लिए घर से बाहर नहीं हैं, तो राउटर को चालू ही रखना बेहतर है।