
Biometric Update: जानिए बायोमेट्रिक अपडेट क्यों जरूरी? कितनी लगती है फीस? (AI Creative)
Biometric Update: क्या आपने कभी सोचा है कि आपके बच्चे के आधार में बायोमेट्रिक जानकारी का सही होना कितना जरूरी है? जानिए कैसे एक आसान प्रक्रिया आपके बच्चे के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है?
बच्चों के आधार (Aadhaar) में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट कराने की प्रक्रिया और इसके पीछे का महत्व अब और स्पष्ट हो गया है। माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि कब, क्यों और कैसे यह करना है? और क्या यह मुफ्त है या फिर किसी तरह का शुल्क भी लगेगा। यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप तरीका और उस हर सवाल का जवाब जो आप जानना चाहते हैं।
बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक जानकारी, यानी फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन, दो बार अनिवार्य रूप से अपडेट करनी होती है। एक बार तब जब बच्चा पांच साल का होता है और दूसरी बार तब, जब वह पंद्रह साल का होता है।
यह प्रक्रिया भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा निर्धारित है ताकि आधार में दर्ज जानकारी सटीक और विश्वसनीय बनी रहे। यदि यह अपडेट नहीं कराया जाता, तो आधार अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो सकता है, जिससे कई सेवाओं में बाधा आ सकती है।
UIDAI ने 5 से 17 साल के बच्चों के लिए आधार का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट 30 सितंबर 2026 तक मुफ्त कर दिया है। इसका मतलब है कि यदि यह अपडेट 5-7 साल या 15-17 साल की उम्र में कराया जाए, तो यह पूरी तरह मुफ्त है। इसके बाद, यदि किसी कारण से यह अवधि निकल जाए, तो शुल्क लागू हो सकता है।
UIDAI ने स्कूलों के माध्यम से भी इस प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल की है। UDISE+ (Unified District Information System for Education Plus) सिस्टम के जरिए स्कूलों को यह पता चल सकता है कि किन बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इससे स्कूलों में शिविर लगाकर यह काम तेजी से पूरा किया जा सकता है। साथ ही, UIDAI ने जागरुकता बढ़ाने और व्यवहार संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए रणनीतियां भी तैयार की हैं।
यदि आपका बच्चा 5 या 15 साल का हो चुका है और आपने अभी तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया है, तो जल्द से जल्द नजदीकी आधार केंद्र पर जाएं। स्कूलों से भी संपर्क करें। कई बार स्कूलों में ही शिविर लगते हैं। यदि कोई जानकारी या सहायता चाहिए, तो UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर कॉल कर सकते हैं।
बायोमेट्रिक अपडेट न केवल पहचान की सटीकता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच को भी सरल बनाता है। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से, लाभार्थियों को सब्सिडी, पेंशन और अन्य सरकारी लाभ सीधे प्राप्त होते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सही व्यक्ति को सही लाभ मिले, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।
UIDAI लगातार आधार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। हाल ही में, उन्होंने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कई ऑनलाइन टूल्स और सुविधाएं पेश की हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपने घर से ही कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को साकार करने की
दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Updated on:
27 Aug 2026 10:07 am
Published on:
27 Aug 2026 10:07 am
