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नकली बीजों से कैसे बचें? किसानों के लिए 5 असरदार उपाय, जो बचाएंगे मेहनत और पैसा

Fake Seeds Identification : खेती में नुकसान से बचने के लिए जानें नकली बीजों की पहचान करने के 5 आसान और असरदार उपाय। सही बीज खरीदें, अपनी मेहनत और पैसा बचाएं।
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fake seeds identification : कैसे करें सही बीजों की पहचान, PC- Chatgpt

खेती में नकली बीजों से बचना केवल फसल की पैदावार बचाने का सवाल नहीं है, बल्कि किसान की मेहनत, समय और निवेश की सुरक्षा का भी विषय है। आज हम जानते हैं पांच असरदार उपाय, जो आपको नकली या घटिया बीजों से बचने में मदद करेंगे — पूरी तरह विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित, सरल भाषा में।

नकली बीज कितना बड़ा खतरा हैं?

2024–25 में 2.53 लाख बीज नमूनों में से 32,525 नमूने घटिया पाए गए। यानी लगभग 13% नमूनों में गुणवत्ता की कमी थी। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मामले (24,460), फिर तमिलनाडु (1,565) और मध्य प्रदेश (1,438) में मिले। यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि किसान की मेहनत और भरोसे को भी चोट पहुंचाते हैं।

केवल सत्यापित स्रोत से ही बीज खरीदें

सरकारी मान्यता प्राप्त डीलर, लाइसेंसधारी कृषि केंद्र या अधिकृत बीज कंपनी से ही बीज खरीदें। सड़क किनारे अस्थायी दुकानों या बिना पहचान वाले विक्रेताओं से बचें। खरीदारी के बाद पक्का बिल या रसीद अवश्य लें, जिसमें किस्म, लॉट नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी दर्ज हो।

पैकेट पर सुरक्षा चिन्ह और लेबल जरूर जांचें

असली बीज के पैकेट पर सरकारी टैग, होलोग्राम, बारकोड या क्यूआर कोड जैसे सुरक्षा चिन्ह होते हैं। पैकेट की सील पूरी होनी चाहिए और उस पर निर्माता का नाम, बैच नंबर, शुद्धता प्रतिशत, अंकुरण क्षमता, पैकिंग व एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।

घर पर करें बीज की आसान जांच

पानी में बीज डालकर देखें। जो बीज ऊपर तैरते हैं, वे हल्के या कमजोर हो सकते हैं, जबकि नीचे बैठने वाले बीज बेहतर गुणवत्ता के हो सकते हैं। अंकुरण परीक्षण भी किया जा सकता है। गीले कपड़े पर 10–20 बीज रखकर 2–3 दिन तक रखें। यदि अधिकांश बीज अंकुरित हो जाएं, तो उनकी गुणवत्ता अच्छी मानी जा सकती है।

‘साथी’ पोर्टल से बीज की जानकारी सत्यापित करें

सरकार ने ‘साथी’ (SATHI) पोर्टल लॉन्च किया है, जो बीजों की सप्लाई चेन में एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करता है। इसके तहत बीज पैकेट पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करके किसान बीज की उत्पत्ति, निर्माता और वितरण संबंधी जानकारी देख सकते हैं। इससे नकली या घटिया बीजों की पहचान और रोकथाम आसान होती है।

बीज परीक्षण और निरीक्षण व्यवस्था का लाभ उठाएं

बीज अधिनियम, 1966 और संबंधित नियम राज्यों को बीज निरीक्षक नियुक्त करने का अधिकार देते हैं, जो बीज केंद्रों का निरीक्षण, नमूना परीक्षण और उल्लंघन पर कार्रवाई कर सकते हैं। किसान स्वयं भी बीज का नमूना मात्र ₹30 में बीज परीक्षण प्रयोगशाला में भेज सकते हैं और लगभग 30 दिनों में परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

सही बीज ही सफल खेती की नींव

इन उपायों को अपनाकर किसान नकली बीजों से बच सकते हैं और अपनी फसल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही, यह खेती में भरोसे और मुनाफे दोनों को बढ़ाने में मदद करता है।

बुआई से पहले अपने क्षेत्र के कृषि विभाग या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करें। वे आपको प्रमाणित बीज विक्रेताओं की सूची, ‘साथी’ पोर्टल के उपयोग और बीज परीक्षण की प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं। सही बीज का चुनाव आपकी खेती की सफलता की नींव है इसे मजबूत बनाएं।