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Telegram Fraud से कैसे बचें? जानिए 2-Step Verification और जरूरी सुरक्षा टिप्स

Telegram पर वर्क-फ्रॉम-होम और ट्रेडिंग के नाम पर हो रही ठगी से कैसे बचें? जानिए टेलीग्राम फ्रॉड के आम संकेत, सुरक्षा सेटिंग्स और बचाव के आसान तरीके।
5 min read
Aug 13, 2026
Telegram web
नया Telegram फ्रॉड (AI)

ऑनलाइन फ्रॉड के इस दौर में टेलीग्राम (Telegram) साइबर ठगों का एक प्रमुख गढ़ बन चुका है। अपनी गोपनीयता, विशाल ग्रुप क्षमता और गुमनामी (Anonymity) के कारण यह प्लेटफॉर्म जालसाजों के लिए शिकार ढूंढने का एक आसान माध्यम बन गया है। वर्क-फ्रॉम-होम जॉब्स, पार्ट-टाइम टास्क, फर्जी क्रिप्टो और स्टॉक ट्रेडिंग से लेकर परीक्षा के लीक पेपर्स तक ठगी का जाल बेहद ही चालाकी से बुना जाता है। अक्सर एक गलत क्लिक या थोड़े से लालच के कारण लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवा बैठते हैं। आइए विस्तार से समझें कि टेलीग्राम पर यह ठगी कैसे होती है, इसके प्रमुख रूप क्या हैं, इन्हें कैसे पहचानें और खुद को पूरी तरह सुरक्षित कैसे रखें।

टेलीग्राम पर ठगी का खेल कैसे शुरू होता है?

टेलीग्राम पर ठगी सीधे तौर पर शुरू नहीं होती। यह एक सोची-समझी प्रक्रिया के तहत होती है, जिसे मुख्य रूप से तीन चरणों में समझा जा सकता है:

चरण 1: पहला संपर्क (The Bait) : ठग अक्सर आपका नंबर व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी लीक हुए डेटाबेस से हासिल करते हैं। वे आपको एक टेक्स्ट मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जिसमें लुभावने ऑफर होते हैं—जैसे "रोजाना ₹2,000-₹5,000 कमाएं, यूट्यूब वीडियो लाइक करके" या "शेयर बाजार के गारंटीड 100% सटीक सिग्नल्स"\।

चरण2. टेलीग्राम पर ट्रांसफर : एक बार जब आप उनके झांसे में आ जाते हैं, तो वे कहते हैं: "आगे की प्रक्रिया और टास्क के लिए हमारे टेलीग्राम मैनेजर/ग्रुप से जुड़ें।" टेलीग्राम का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि वहां उनका असली नाम, फोन नंबर और लोकेशन पूरी तरह छिपी रहती है।

चरण 3: विश्वास जीतना (Social Proofing) : जब आप उनके टेलीग्राम ग्रुप या चैनल में शामिल होते हैं, तो वहां हजारों सदस्य दिखते हैं। ग्रुप में लगातार मैसेज आते रहते हैं: "मुझे आज ₹50,000 का प्रॉफिट हुआ!", "मैनेजर साहब को धन्यवाद, मेरी पेमेंट आ गई।

सच्चाई: ये सभी सदस्य और चैट फर्जी होते हैं। इन्हें चलाने के लिए स्वचलित बॉट्स (Automated Bots) और ठगों की अपनी ही टीम के अन्य फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया जाता है।

टेलीग्राम ठगी के प्रमुख रूप (Common Telegram Scams)

साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। इनमें से सबसे आम तरीके निम्नलिखित हैं:

पार्ट-टाइम जॉब और 'लाइक-एंड-सब्स्क्राइब' फ्रॉड

कैसे होता है: आपको गूगल मैप्स पर रिव्यू देने, यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रेटिंग देने का काम दिया जाता है।

  • शुरुआती लालच: शुरुआत में आपको 3-4 छोटे टास्क पूरे करने पर ₹150 से ₹500 तक आपके बैंक खाते में वास्तव में भेज दिए जाते हैं। इससे आपका विश्वास बन जाता है।
  • असली ठगी: इसके बाद वे आपको 'प्राइम टास्क' या 'इन्वेस्टमेंट टास्क' के नाम पर एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ते हैं। वहां कहा जाता है कि ₹5,000 जमा करने पर ₹7,000 मिलेंगे। जब आप पैसे जमा कर देते हैं, तो वे सिस्टम एरर या टैक्स का बहाना बनाकर और अधिक पैसों (₹50,000 या ₹1 लाख) की मांग करने लगते हैं।

फर्जी स्टॉक मार्केट और क्रिप्टो ट्रेडिंग (SEBI/SEC Unregistered)

  • फर्जी डैशबोर्ड: ठग आपको एक फर्जी वेबसाइट या टेलीग्राम इन-ऐप ब्राउजर पर अकाउंट बनाने को कहते हैं।
  • दिखावटी मुनाफा: जब आप ₹10,000 निवेश करते हैं, तो उस फर्जी डैशबोर्ड पर आपका बैलेंस बढ़कर ₹50,000 दिखने लगता है।
  • विड्रॉल ट्रैप (Withdrawal Trap): जब आप अपने पैसे निकालने की कोशिश करते हैं, तो वे कहते हैं कि "आपको 20% सर्विस टैक्स या GST जमा करना होगा।" आप टैक्स भी जमा कर देते हैं, लेकिन पैसे कभी नहीं मिलते।
  • एडमिन इम्पर्सोनेशन (Admin Impersonation) : ठग किसी जाने-माने क्रिप्टो इन्फ्लुएंसर, फाइनेंशियल एडवाइजर या क्रिप्टो एक्सचेंज के ऑफिशियल सपोर्ट एडमिन का फर्जी अकाउंट बनाते हैं। वे डिस्प्ले नेम और प्रोफाइल पिक्चर बिल्कुल असली एडमिन जैसी रखते हैं। वे आपको पर्सनल मैसेज (DM) करके मदद की पेशकश करते हैं और बदले में आपकी संवेदनशील जानकारी या पैसे ऐंठ लेते हैं।

लीक परीक्षा पेपर और सरकारी नौकरी फ्रॉड

छात्रों को निशाना बनाने के लिए 'NEET Leak Paper', 'UPSC Leaked Questions' या 'SSC Job Confirmation' जैसे चैनल बनाए जाते हैं।

क्यूआर कोड (QR Code) या यूपीआई के जरिए पैसे ले लिए जाते हैं और पैसे मिलते ही छात्र को ग्रुप से ब्लॉक कर दिया जाता है।

टेलीग्राम ही ठगों की पहली पसंद क्यों है?

टेलीग्राम की विशेषताठग इसका फायदा कैसे उठाते हैं?
गुमनामी (Anonymity)यूजरनेम के पीछे अपना असली फोन नंबर और पहचान छिपाना बेहद आसान है।
बड़े ग्रुप की क्षमताएक ही टेलीग्राम ग्रुप में 2,00,000 (2 लाख) तक मेंबर्स जोड़े जा सकते हैं।
ब्रॉडकास्ट चैनल्सवन-वे कम्युनिकेशन चैनल्स के जरिए लाखों लोगों तक एक साथ फर्जी खबरें और ऑफर्स भेजे जा सकते हैं।
टेलीग्राम बॉट्स (Bots)फर्जी ऑटोमेटेड पेमेंट स्लिप और ऑटो-रिप्लाई उत्पन्न करने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल होता है।
कंटेंट डिलीट करनाठग पूरी चैट को 'Both Sides' (दोनों तरफ से) एक क्लिक में मिटा सकते हैं, जिससे सबूत गायब हो जाते हैं।

टेलीग्राम ठगी के रेड फ्लैग्स

यदि आपको टेलीग्राम पर निम्नलिखित में से कुछ भी दिखाई दे, तो तुरंत समझ जाएं कि यह एक फ्रॉड है:

  • अनियंत्रित या गारंटीड रिटर्न का दावा: वित्तीय बाजार में कोई भी 100% गारंटीड रिटर्न नहीं दे सकता। यदि कोई निवेश पर रोजाना या महीने में पैसे दोगुना करने का वादा करे, तो वह शत-प्रतिशत ठग है।
  • पैसे निकालने (Withdrawal) के लिए अतिरिक्त शुल्क: कोई भी वैध ब्रोकर या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पैसे निकालने के लिए आपसे अलग से यूपीआई या क्रिप्टो में टैक्स/फीस जमा करने को नहीं कहता।
  • गैर-पंजीकृत सलाहकार: स्टॉक मार्केट टिप्स देने वाले लोग SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) से पंजीकृत नहीं होते।
  • यूजरनेम और डिस्प्ले नेम में अंतर: असली प्रोफाइल का यूजरनेम हमेशा यूनिक होता है। अगर डिस्प्ले नाम Official Support है लेकिन यूजरनेम @supp0rt xyz12 जैसा अटपटा है, तो वह फर्जी है।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें

  • SEBI रजिस्ट्रेशन की जांच करें: यदि कोई आपको शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह दे रहा है, तो SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उनका SEBI Registration Number जरूर सत्यापित करें।
  • केवल ऑफिशियल स्टोर्स से ऐप डाउनलोड करें: किसी टेलीग्राम ग्रुप में भेजे गए APK फाइल या अनजान लिंक से कोई भी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store या Apple App Store का ही उपयोग करें।
  • व्यक्तिगत चैट (DM) करने वालों पर भरोसा न करें: कोई भी आधिकारिक कंपनी का एडमिन आपको पहले पर्सनल मैसेज (Direct Message) नहीं करता।

यदि आपके साथ ठगी हो जाए तो क्या करें?

  • साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें: वित्तीय धोखाधड़ी होने के शुरुआती 1 से 2 घंटे (Golden Hours) के भीतर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। यदि समय रहते रिपोर्ट दर्ज होती है, तो पुलिस ठगों के बैंक खाते में आपके पैसे को होल्ड (Freeze) करा सकती है।
  • आधिकारिक पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  • डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें: ठगों के साथ हुई चैट के स्क्रीनशॉट, उनके टेलीग्राम यूजरनेम, चैनल लिंक, बैंक ट्रांजेक्शन आईडी (UTR Number) और पेमेंट स्लिप का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि आपका खाता या कार्ड पूरी तरह सुरक्षित (Block) किया जा सके।

डिजिटल क्रांति के इस दौर में टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म संचार के लिए जितने उपयोगी हैं, उतने ही वे असावधान लोगों के लिए खतरनाक भी सिद्ध हो सकते हैं। साइबर ठग लगातार अपनी रणनीतियां बदलते रहते हैं, लेकिन उनकी हर चाल की बुनियाद मनुष्य के 'लालच' और 'जल्दबाजी' पर टिकी होती है। याद रखें, इंटरनेट की दुनिया में बिना मेहनत के रातों-रात अमीर बनने का कोई वैध रास्ता नहीं है। किसी भी वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय को लेने से पहले "जांचें, समझें और तभी कदम उठाएं"। आपकी सतर्कता ही साइबर फ्रॉड के खिलाफ आपकी सबसे मजबूत ढाल है।

Updated on:
13 Aug 2026 05:02 pm
Published on:
13 Aug 2026 05:02 pm