
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर दुनिया भर में होने वाला खर्च तेजी से नई ऊंचाइयां छू रहा है। रिसर्च और एडवाइजरी फर्म गार्टनर की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में वैश्विक AI खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 49.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य के अनुमानित वर्कलोड को संभालने के लिए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग मजबूत बनी हुई है। साथ ही मेमोरी से जुड़ी कीमतों में बढ़ोतरी के दबाव के बावजूद इसमें कोई खास कमी नहीं दिख रही।
गार्टनर के अनुमानों की तुलना करने पर पता चलता है कि यह आंकड़ा कितनी तेजी से ऊपर खिसक रहा है। जनवरी 2026 में जारी अनुमान में कंपनी ने 2026 के लिए 2.52 ट्रिलियन डॉलर का खर्च (44 प्रतिशत वृद्धि) बताया था, जिसे मई 2026 में बढ़ाकर 2.59 ट्रिलियन डॉलर (47 प्रतिशत वृद्धि) कर दिया गया। अब सितंबर की तिमाही रिपोर्ट में यह 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यानी साल के भीतर ही अनुमान में करीब 180 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।
गार्टनर के विशिष्ट उपाध्यक्ष विश्लेषक जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा कि एआई डेटा सेंटर क्षमता का निर्माण मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। साथ ही हाइपरस्केलर कंपनियों तथा सेवा प्रदाताओं द्वारा एआई-अनुकूलित सर्वर खरीदने पर होने वाला निवेश आगे भी खर्च का सबसे बड़ा एकल क्षेत्र बना रहेगा। गार्टनर के आंकड़े इस दावे की पुष्टि करते हैं।
जनवरी की रिपोर्ट के अनुसार AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च 2025 के करीब 965 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में 1.37 ट्रिलियन डॉलर और 2027 में 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान था, जबकि AI सेवाओं का बाजार इसी दौरान 439 अरब डॉलर से 589 अरब डॉलर तक बढ़ने वाला था।
मई के संशोधित अनुमान में इंफ्रास्ट्रक्चर का आंकड़ा 2026 में 1.43 ट्रिलियन डॉलर और 2027 में लगभग 1.89 ट्रिलियन डॉलर बताया गया, जिसमें कहा गया कि AI-अनुकूलित सर्वर पर खर्च अगले पांच सालों में 3 गुना हो जाएगा। गार्टनर के मुताबिक, AI इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले कई सालों तक बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहेगा और कुल खर्च के 45 प्रतिशत से ज्यादा पर कब्जा रखेगा।
AI एप्लिकेशन डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स का अल्पकालिक आउटलुक भी मजबूत हुआ है। पहले 2026 के लिए इस क्षेत्र में 28 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान था, जिसे अब बढ़ाकर 39 प्रतिशत कर दिया गया है, क्योंकि कंपनियां, सॉफ्टवेयर प्रदाता और सेवा फर्में अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से कस्टम एआई एप्लिकेशन विकसित करने पर जोर दे रही हैं। साथ ही कंपनियां अब अपने प्रदाताओं से लागत नियंत्रण में मदद और वर्कफ्लो में उपयोग ट्रैकिंग जोड़ने की मांग कर रही हैं, ताकि एआई परियोजनाओं की सफलता को मापा जा सके।
मॉडल प्रदाताओं पर एंटरप्राइज जरूरतों के अनुरूप अधिक लागत-कुशल मॉडल पेश करने का दबाव बढ़ रहा है, जिससे डोमेन-स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल्स (DSLM) के लिए एक छोटा लेकिन तेजी से बढ़ता अवसर खुल रहा है। इसी वजह से जनरेटिव एआई मॉडल्स के लिए 2026 की वृद्धि दर का अनुमान पहले के 110 प्रतिशत से बढ़ाकर 117 प्रतिशत कर दिया गया है।
गार्टनर की जुलाई 2026 की अलग रिपोर्ट इस रुझान को आंकड़ों में समझाती है। उसके मुताबिक एआई मॉडल्स और प्लेटफॉर्म्स पर वैश्विक एंड-यूजर खर्च 2025 के 39 अरब डॉलर से 63.4 प्रतिशत बढ़कर 2026 में 64 अरब डॉलर तक पहुंचेगा। इसमें डीएसएलएम व विशिष्ट GenAI मॉडल्स की वृद्धि दर सबसे तेज (करीब 210 प्रतिशत) रहने का अनुमान है, जिससे यह खंड 1.58 अरब डॉलर से 4.91 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
व्यापक तस्वीर देखें तो AI का यह उछाल पूरे IT खर्च को खींच रहा है। गार्टनर के मुताबिक 2026 में वैश्विक आईटी खर्च 6.31 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 से 13.5 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि कुछ चेतावनियां भी हैं। गार्टनर के ही आंकड़े बताते हैं कि अब तक सिर्फ करीब 17 प्रतिशत संगठनों ने एआई एजेंट तैनात किए हैं और अनुमान है कि 2027 के अंत तक 40 प्रतिशत से ज्यादा एजेंटिक एआई प्रोजेक्ट रद्द हो सकते हैं।