राजनीति

दिल्ली की देखरेख के लिए बन सकता है अलग विभाग, शहरी विकास विभाग के हो सकते हैं दो हिस्से

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सेंट्रल विस्टा रिडवलपमेंट पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने के लिए केन्द्र में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में अलग विभाग बनाया जा सकते हैं। केन्द्र सरकार दिल्ली के व्यवस्थित विकास को लेकर गंभीर है। दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने भी शुक्रवार शाम को केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर दिल्ली के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में अभी दिल्ली डीविजन के तहत दिल्ली से जुड़े मामले देखे जाते हैं। इस डीविजन को स्वतंत्र विभाग का स्वरूप देकर इसे सचिव स्तर के अधिकारी अधीन किया जा सकता है।

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सेंट्रल विस्टा रिडवलपमेंट पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने के लिए केन्द्र में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में अलग विभाग बनाया जा सकते हैं। केन्द्र सरकार दिल्ली के व्यवस्थित विकास को लेकर गंभीर है। गौरतलब है कि दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने भी शुक्रवार शाम को केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर दिल्ली के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में अभी दिल्ली डीविजन के तहत दिल्ली से जुड़े मामले देखे जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस डीविजन को स्वतंत्र विभाग का स्वरूप देकर इसे सचिव स्तर के अधिकारी अधीन किया जा सकता है। इसे दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) व सेंट्रल विस्टा रिडवपलमेंट के काम दिए जा सकते हैं। जबकि इसी मंत्रालय के अधीन दूसरा विभाग देशभर की शहरी योजनाओं और परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभालेगा। दोनों विभागों के लिए अलग-अलग सचिव नियुक्त किए जाने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि इससे राजधानी क्षेत्र में प्रशासनिक समन्वय और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। इससे आरआरटीएस, यमुना रिजुवेंशन सहित कई परियोजनाओं में भी तेजी आएगी। दिल्ली और एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी, शहरीकरण और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली को विश्व के अन्य राजधानी शहरों के मुकाबले का शहर बनाने की स्पष्ट मंशा जाहिर कर चुके हैं। जिसके चलते दिल्ली में शहरी परिवहन, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को भी तेज करने की दिशा में काम चल रहा है। दिल्ली के एलजी संधु इसके लिए प्रस्ताव तैयार करवा रहे हैं। फिलहाल सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की शुरुआत से जुड़ी रहीं और पूर्व में अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन की कमीश्नर रहीं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी तारा अन्य जिम्मेदारियों के साथ दिल्ली डीविजन को देख रही हैं। वे फरवरी में ही सचिव के रूप में ऐम्पैनल्ड हुई हैं। माना जा रहा है कि उन्हें नए विभाग की स्वतंत्र जिम्मेदारी दी जा सकती है।

दिल्ली के विकास पर हुई चर्चा

एलजी संधु ने आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के दौरान दिल्ली से जुड़े विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, शहरी परिवहन को सुगम करने, शहर के सतत विकास के लिए दिल्ली सरकार और मंत्रालय के बीच सहयोग के बिन्दु शामिल रहे।

अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा असर

एनसीआर में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 24 जिले शामिल हैं। केन्द्र में अलग विभाग के बाद राज्य सरकारों के स्तर पर भी इससे तालमेल के लिए और विकास की गति को एक समान रूप से बनाए रखने के लिए इन सभी राज्यों में विशेष प्रकोष्ठ और विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा सकता है जो केन्द्र इस नए विभाग के साथ समन्वय करेगा।

Published on:
23 May 2026 12:05 pm
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