
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में उठी राजनीतिक बवंडर शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। उपराज्यपाल और दिल्ली राज्य सरकार के बीच बीते सोमवार से राजनीतिक लड़ाई चल रही है। सीएम केजरीवाल और उनके तीन मंत्री उपराज्यपाल के घर में धरने पर बैठे हुए हैं। लेकिन अब नई रणनीति के तहत आप नेता रविवार को प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेंगें। लेकिन इससे पहले शुक्रवार शाम को आम आदमी पार्टी के विधायक और सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राशन के पैकेट भेजेंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता अपनी मांगो को लेकर उपराज्यपाल के घर पर धरने पर बैठे हैं। आप नेता राशन की डोर टू डोर डिलीवरी, आईएएस अधिकारियों की हड़ताल और दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर प्रदर्शन कर रही है। शुक्रवार की शाम आप के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
डोर टू डोर कैंपने करेंगे आप कार्यकर्ता
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता अब इस राजनीतिक लड़ाई को सड़क पर लड़ेगे। आम जनता का समर्थन मांगने के लिए आप नेता सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। जहां एक ओर सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री उपराज्यपाल के कार्यालय में धरना दे रहे हैं तो वहीं दूसरी और 18 जून से डोर टू डोर कैंपेन की शुरूआत करेंगे। आप नेताओं की मानें तो डोर-टू-डोर कैंपेन के दौरान अधिकारियों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए 10 लाख लोगों के खत जमा किए जाएंगे और फिर वो सभी खत पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे जाएंगे।
आप नेताओं की मांगे
आपको बता दें कि आप नेता अपनी तीन महत्वपूर्ण मांगों को लेकर उपराज्यपाल के आवास पर धरने में बैठे हैं। आप नेताओं की पहली मांग है कि उपराज्यपाल स्वयं आईएएस अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल को तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि वे सर्विस विभाग के मुखिया हैं। दूसरी मांग में आप नेता चाहते हैं कि काम रोकने वाले आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अपनी तीसरी मांग में आप नेता चाहते हैं कि राशन की डोर-स्टेप डिलीवरी की योजना को मंजूरी दी जाए।