
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर एनडीए में दरार पड़ती दिख रही है है। मामले की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि सरकार से अलग होने की खबर मिलते चंद्रबाबू सरकार से बीजेपी कोटे के दो मंत्रियों कामिनेनी श्रीनिवास और पायदिकोंडला मणिक्याला राव ने इस्तीफा भी दे दिया है। अब मोदी कैबिनेट में शामिल तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के दो मंत्री भी इस्तीफा दे सकते हैं। इसी बीच कांग्रेस ने अपना दांव खेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी।
कांग्रेस ने टीडीपी की तरफ बढ़ा दिया है दोस्ती का हाथ!
एक तरफ तो आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर एनडीए में फूट पड़ती दिख रही है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस फूट का फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। टीडीपी के एनडीए से अलग होने की खबरों के बीच कांग्रेस पार्टी ने टीडीपी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने 13 मार्च को होनी वाली विपक्ष की मीटिंग में टीडीपी को न्यौता भेजा है। ये मीटिंग सोनिया गांधी की तरफ से बुलाई गई है।
चंद्रबाबू ने कहा- केंद्र ने वादा नहीं निभाया
आपको बता दें कि केंद्र सरकार और टीडीपी के बीच आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर विवाद था, जिसको लेकर बुधवार को मोदी सरकार ने ये साफ कर दिया है कि आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाएगा। जिसके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के शीर्ष नेता चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके राज्य के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा नहीं निभाया है, जिसके चलते हमने केंद्र सरकार से अलग होने का फैसला किया है। नायूड ने ये भी कहा कि वो सत्ता के भूखे नहीं हैं।
इस्तीफों से पहले सुलह की होगी आखिरी कोशिश
मोदी सरकार से जिन 2 मंत्रियों के इस्तीफे देने की खबरें सामने आ रही हैं, उनमें अशोक गजपति और वाईएस चौधरी का नाम शामिल है। हालांकि इस विवाद में इस्तीफों का दौर न आए, इसको लेकर एक आखिरी पहल जरूर की जाएगी। दरअसल, गुरुवार को टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि पीएम से बात होने के बाद ही नायडू अपने मंत्रियों को फाइनल आदेश देंगे। यानी प्रधानमंत्री से नायडू की बात होने के बाद ही दोनों मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं।
मोदी सरकार इस वजह से नहीं मान रही टीडीपी की मांग
वहीं केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की टीडीपी की मांग को इसलिए नहीं पूरी कर रही है, क्योंकि किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नियमों में बदलाव करने पड़ेंगे। अगर नियमों में बदलाव करके टीडीपी की मांग को मान लिया तो बिहार, झारखंड जैसे अन्य राज्य भी इस तरह की मांग कर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।