जेल से चल रहा खेल, कुम्भ की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा
इलाहाबाद:नैनी सेंट्रल जेल प्रदेश की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है। यहाँ पूर्व सांसद विधायक से लेकर खूंखार आतंकवादी हार्डकोर क्रिमिनल और अंडरवर्ल्ड से तालुकात रखने वाले कैदियों की लम्बी लिस्ट है।बीते दिनों बागपत जेल में ही माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जरायम की दुनिया से लेकर जेल प्रशासन तक में खलबली मच गई।जिसके बाद बड़ा सवाल सामने आया की जेल की चारदीवारी के अंदर क्या क्या होता है।जिस पर सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था चाक.चौबंद करने के निर्देश दिए गए।उसके बावजूद नैनी जेल में सुरक्षा और चौकसी के मद्देनजर लगाए गए जैमर सिर्फ दिखाने के लिए ही साबित हो रहे हैं।और ऐसा तब है जब यह सबसे सेंसटिव जेल है।
4 जी नेटवर्क के लिए बेकार है जैमर
बता दें कि नैनी सेंट्रल जेल में लगा जैमर 4जी नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी रोकने में नाकाम है।जेल में लगे जैमर से सिर्फ 3जी और 2जी नेटवर्क को रोकने में सक्षम है। ऐसे में जेल में लगे जैमर सिर्फ दिखावे के लिए साबित हो रहे है। इन जैमरों के चलने के बावजूद भी 4 जी नेटवर्क के सिम कार्ड को आसानी से प्रयोग में लाया जा रहा हैं। जिसको लेकर कई बार जेल प्रशासन सवालों के घेरे में गिरता रहा है। कुछ दिनों पहले जेल से वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई जिसमें जेल में बंद एक शातिर अपराधी फोन पर बात करते दिखाई दिख रहा था। यही नहीं कुछ अपराधियों ने जेल से अपनी सोशल साइट पर भी एक्टिव रहे इसकी जानकारी के बाद जिले के अधिकारियों ने छापेमारी की कार्यवाही की थी और अपराधियों को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया गया था।
कुम्भ की सुरक्षा के लिए जरुरी है जैमर
गौरतलब है कि जनवरी 2019 में देश का सबसे बड़ा आयोजन कुंभ मेला आयोजित होने वाला है जिस की सुरक्षा व्यवस्था एक प्रश्न है। जिसके लिए सरकार निजी एजेंसियों से लेकर सभी सरकारी तंत्रों का इस्तेमाल कर रही हैं।ऐसे में नैनी जेल में 4जी नेटवर्क का एक्टिव न होना बड़ा सवाल है।जब जेल में आतंकी से लेकर कई खूंखार अपराधी बंद है। तो इतनी बड़ी लापरवाही क्यों की जा रहा रही है। जबकि देश ही नही दुनिया भर के लाखो लोगों के कुम्भ में आने की सम्भावना खुद केंद्र और राज्य सरकार बता रही है। आतंकवादीयों और अपराधियों से भरी नैनी जेल से कई बार बड़ी वारदातों के तार जुड़े है।इसे में प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर जैमर सहित जेल की निगरानी के लिए कदम उठाने होंगे ।
बैरक से कराते है बात
बता दें की जेल में जैमर लगने के बाद कुछ दिनों तक अपराधियों के फोन पर लगाम लगी थी । लेकिन जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि यह 3जी और 2जी नेटवर्क के लिए ही है ।उसके बाद फिर से फोन से बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।जेल से जुड़े सूत्रों की मानें तो जेल में कुछ पक्के कैदी और रसूखदार अपराधी अपनी.अपनी बैरक में पैसे लेकर बंदियों की उनके घर वालों से बात कराते है ।लेकिन इस बात को जेल प्रशासन ने पूरी तरह से नकार दिया।जेल की सलाखों के पीछे से कई बार शातिर अपराधियों ने बड़ी वारदातों को अंजाम दिलाया है।जरायम की दुनिया में जेल से अपराध कराने का बड़ा इतिहास रहा है।
लगे है 19 जैमर फिर भी नाकाम
नैनी सेंट्रल जेल में 24जैमर लगने है।जिनमे से अभी 19 जैमार ही लग पाए है वो भी 3 जी 4 जी नेटवर्क को बाधित करने के लिए ही सफल है। जेल प्रशासन के मुताबिक़ विभागीय तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई है की 4 जी नेटवर्क को बाधित करने वाले उपकरण की आवश्कता है।उम्मीद है की जल्द ही इस पर काम होगा।