महाराष्ट्र के पुणे से एक अनोखे शादी की खबर सामने आ रही है। रूपा और प्रेम दोनों पिंपरी-चिंचवड शहर के महनगरपालिका अंतर्गत सुरक्षा रक्षक और ग्रीन मार्शल के तौर पर काम करते हैं। इसके साथ ही रूपा और प्रेम हाल ही में शादी के बंधन में बंधे हैं। यह महाराष्ट्र की पहली ऐसे शादी है।
समाज में आज भी ट्रांसजेंडर महिलाएं और पुरुषों को बड़े ही हीन भावना से देखा जाता था। लेकिन अब लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। शादी कर घर बसाने का सपना हर किसी का होता है। महाराष्ट्र के पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड के ट्रांस मेन और ट्रांस वुमन ने ऐसे ही एक सपने को हकीकत में बदल कर दिखाया है। पिंपरी-चिंचवड की रूपा टाकसाल और प्रेम लोटलीकर हाल ही में शादी के बंधन में बंधे हैं। इन दोनों ने हिन्दू रितिरिवाज के मुताबिक और कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर शादी रचा ली है। रूपा और प्रेम दोनों ही ट्रांस वुमन और ट्रांस मैन हैं।
बता दें कि यह महाराष्ट्र की पहली ऐसे शादी है। पिंपरी-चिंचवड समेत राज्य भर में इस विवाह की चर्चा हो रही है। रूपा और प्रेम दोनों पिंपरी-चिंचवड शहर के महनगरपालिका अंतर्गत सुरक्षा रक्षक और ग्रीन मार्शल के तौर पर काम करते हैं। पिछले दिनों पहले महानगरपालिका आयुक्त राजेश पाटिल ने यह फैसला किया था की महानगरपालिका में अब ट्रांसजेंडर भी काम कर सकते है। यही कारण है कि रूपा और प्रेम एक ही शहर में काम कर रहे थे। यह भी पढ़ें: Mumbai: 19 साल के शातिर ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर बनाया पॉर्न जाल, 22 महिलाओं को बना चुका है अपना शिकार
रूपा ट्रांस वुमन है और प्रेम ट्रांस मेन हैं। इन दोनों को जान-पहचान एक साल पहले हुई थी फिर दोनों के बीच दोस्ती हुई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। हालांकि, दोनों के घर वालों ने इस शादी के खिलाफ थे लेकिन दोनों अपने बात पर डटे रहे और शादी कर अपना नया गृहस्त-जीवन शुरू किया।
प्रेम और रूपा ने कहा की हम दोनों पढ़े लिखे हैं और अपना मुकाम हासिल कर रहे है। समाज दूसरों को सम्मान देगा तो हमे क्यों नहीं मिलेगा? हमें प्यार मिलेगा तभी हम जैसे प्यार बाटेंगे। आपको बता दें कि पिंपरी-चिंचवड देश की पहली ऐसे महानगरपालिका है जो ट्रांसजेंडर को नौकरी देकर उनका जीवन सुधार रही है।पिंपरी चिंचवड़ के नगर आयुक्त राजेश पाटिल ने किन्नर समुदाय के सदस्यों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें सम्मानजनक जिंदगी जीने में मदद करने का फैसला किया। पाटिल ने कहा कि सब जानते हैं कि ट्रांसजेंडर समुदाय को बहुत दिक्कतों का सामना पड़ता है और दुर्व्यवहार और शोषण का शिकार होता है।