
Chhattisgarh Veterinary Department Promotion: छत्तीसगढ़ सरकार ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को बड़ी सौगात देते हुए 20 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों को पदोन्नत कर उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं (राजपत्रित प्रथम श्रेणी) के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की अनुशंसा के बाद लिया गया है।
पशुधन विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की उपस्थिति में 6 जुलाई 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। समिति की अनुशंसा के आधार पर पात्र अधिकारियों को शल्यज्ञ (राजपत्रित द्वितीय श्रेणी) से पदोन्नत कर उप संचालक बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नत अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन मैट्रिक्स लेवल-13 के अंतर्गत 67,300 रुपये से 2,13,100 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा।
पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में डॉ. शिशिरकांत पांडे, डॉ. आर.एम. त्रिपाठी, डॉ. अच्छे लाल सिंह, डॉ. राजमणि विश्वकर्मा, डॉ. रामदरष जायसवाल, डॉ. ओंकार प्रसाद तिवारी, डॉ. महेन्द्र कुमार पांडे, डॉ. नदीम शम्स, डॉ. व्ही.एस. अवस्थी, डॉ. एम.बी. सिंह, डॉ. सच्चिदानंद मिश्रा, डॉ. आर.पी. शुक्ला, डॉ. एस.के. खरे, डॉ. आई.पी. सिंह, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, डॉ. अरविन्द्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. विजयराज सिंह बघेल, डॉ. आर.के. तिवारी, डॉ. राजबहोर शर्मा और डॉ. वसीम शम्स शामिल हैं।
विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि पदोन्नत अधिकारियों की नई पदस्थापना के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा। फिलहाल केवल पदोन्नति को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में लंबित संबंधित याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। यदि न्यायालय के आदेश में कोई बदलाव होता है, तो उसका प्रभाव इन पदोन्नतियों पर भी पड़ेगा। इस फैसले से पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को इससे बड़ी राहत मिली है और माना जा रहा है कि इससे विभागीय कार्यों की गति और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।