NEET Exam: अक्टूबर में करवाए गए रजिस्ट्रेशन में महज 4 छात्र आए, लेकिन सभी न बीडीएस के बजाय एमबीबीएस च्वाइस फिलिंग कर दी थी...
NEET Exam: नीट में 582 स्कोर वाली छात्रा को निजी डेंटल कॉलेज में बीडीएस की सीट आवंटित की गई है। वहीं 595 स्कोर वाले को नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिली है। ये छात्र प्रदेश में सबसे कम स्कोर वाला है। छात्र की किस्मत चमकी और वह सेंट्रल पुल से कन्वर्ट सीट के लिए चुन लिया गया था। प्रदेश के सरकारी व निजी डेंटल कॉलेजों में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) की खाली 270 से ज्यादा सीटों के लिए 94 छात्रों का आवंटन किया गया है।
NEET Exam: नए रजिस्ट्रेशन में 90 छात्रों ने पंजीयन कराया था। वहीं पुराने रजिस्ट्रेशन वाले छात्रों को भी च्वाइस फिलिंग के अनुसार सीटें आवंटित की गई हैं। छात्रों को 2 दिसंबर की शाम 5 बजे तक हर हाल में एडमिशन लेना होगा। 5 निजी कॉलेजों के लिए एडमिशन की प्रक्रिया व दस्तावेज सत्यापन सरकारी डेंटल कॉलेज रायपुर में होगा।
चौथे राउंड की काउंसलिंग के बाद भी बीडीएस की सीटें भरने में दिक्कत हो रही है। यही कारण है कि दूसरी बार नीट क्वालीफाइड छात्रों से 23 से 25 नवंबर तक ऑनलाइन पंजीयन व च्वाइस फिलिंग करवाया गया। हालांकि अक्टूबर में करवाए गए रजिस्ट्रेशन में महज 4 छात्र आए, लेकिन सभी न बीडीएस के बजाय एमबीबीएस च्वाइस फिलिंग कर दी थी। इसलिए सभी छात्रों के पंजीयन रद्द कर दिया गया। पिछले 7-8 साल से बीडीएस की सीटें नहीं भर पा रही हैं।
प्रदेश में 100 सरकारी समेत 500 सीटें निजी कॉलेजों की हैं। अभी सरकारी कॉलेज की सीटें भी नहीं भरी हैं। इसका मतलब ये है कि छात्र डेंटिस्ट बनने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं होना व निजी अस्पतालों में बहुत कम वेतन के कारण नीट क्वालिफाइड छात्र बीडीएस नहीं करना चाह रहे हैं। इसलिए हर साल 40 से 50 फीसदी सीटें खाली रह रही हैं।