
रायपुर@अजय रघुवंशी। Chhattisgarh News: रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के बाद अब रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरीडोर को एक और नेक्स्ट-लेवल अपग्रेड मिलने जा रहा है। रायपुर से धनबाद तक बनने वाले इस मेगा भारतमाला प्रोजेक्ट (एनएच-130ए) में पुराना बोरिंग तरीका नहीं, बल्कि पूरी तरह मॉडर्न और इको-फ्रेंडली अंदाज देखने को मिल रहा है।
इस हाईवे पर इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों साथ-साथ चलेंगी, ताकि डेवलपमेंट में नेचर और वाइल्डलाइफ को कोई नुकसान न हो। रायपुर से धनबाद तक की कुल दूरी 707 किलोमीटर है, जिसमें से अकेले 348 किलोमीटर का हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। इस कॉरीडोर के बाद जो सफर पहले 14 घंटे का होता था, वह अब घटकर महज 8 से 9 घंटे का रह जाएगा।
एनएचएआई ने बिलासपुर से पत्थलगांव तक सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2027 तक रखा है। अधिकारियों के मुताबिक उरगा से पत्थलगांव के बीच हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खास एलीफेंट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इससे पहले रायपुर-विशाखापट्टनम प्रोजेक्ट में भी इसी तरह के कॉरिडोर बनाए जा चुके हैं।