रायपुर

बसों की लाइव लोकेशन गायब! 2000 यात्री बसों पर परिवहन विभाग की नजर, परमिट हो सकता है रद्द

Passenger Bus GPS: छत्तीसगढ़ में बिना GPS चल रही करीब 2000 यात्री बसों को परिवहन विभाग ने नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बसों का परमिट निरस्त किया जा सकता है।
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Sep 11, 2026
Chhattisgarh Bus News
Chhattisgarh Bus News: 2000 यात्री बसों पर परिवहन विभाग की नजर(photo-patrika)

Chhattisgarh Bus News: छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की चेतावनी के बावजूद छत्तीसगढ़ में करीब 2000 यात्री बसें बिना GPS (VLTD) के सड़कों पर संचालित होती मिली हैं। परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में अभियान चलाकर ऐसी बसों की पहचान की है। इसके बाद संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी कर अपनी सफाई देने का मौका दिया गया है। सुनवाई में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बसों का परमिट निरस्त किया जा सकता है।

राज्य परिवहन प्राधिकार के समक्ष सुनवाई के दौरान बस ऑपरेटरों को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कमर्शियल वाहनों में GPS/VLTD व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और वाहनों की निगरानी के लिए जरूरी है।

Bus News: 12 हजार यात्री बसों में से 2000 बिना GPS मिलीं

परिवहन प्राधिकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में करीब 12 हजार यात्री बसों का संचालन हो रहा है। फिटनेस जांच के दौरान GPS को अनिवार्य किए जाने के बाद बड़ी संख्या में बसों में VLTD लगाया गया। हालांकि, आरोप है कि कुछ बस संचालकों ने GPS लगाने के बाद उसकी वायरिंग निकाल दी या डिवाइस को बंद कर दिया।

अधिकारियों के मुताबिक ऐसा टैक्स चोरी करने, तय रूट से अलग बस चलाने या वाहन की वास्तविक लोकेशन छिपाने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों की जांच के बाद संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।

GPS नहीं लगाने और बंद करने वालों पर होगी कार्रवाई

अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि चेतावनी के बावजूद GPS नहीं लगाने या GPS लगाने के बाद उसे बंद करने वाले बस मालिकों को नोटिस भेजा गया है। इन मामलों की सुनवाई राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा की जाएगी। सुनवाई में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे ट्रेस की गई बिना GPS चल रही बसें

परिवहन विभाग को कुछ बसों के टैक्स चोरी करने और निर्धारित मार्गों पर संचालन नहीं करने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद वाहनों के पंजीयन नंबर और परमिट के आधार पर उनकी निगरानी की गई। जांच के दौरान सामने आया कि कई बसें सड़कों पर चल रही थीं, लेकिन उनकी GPS लोकेशन उपलब्ध नहीं हो रही थी। इसकी जानकारी संबंधित जिलों के RTO, ARTO और उड़नदस्तों को भेजी गई। इसके बाद फील्ड टीमों ने जांच अभियान चलाकर ऐसी बसों की पहचान की और नोटिस जारी किए।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है VLTD

VLTD यानी Vehicle Location Tracking Device यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसमें पैनिक बटन जैसी सुविधा होती है, जिसके जरिए आपात स्थिति में कंट्रोल रूम और सहायता टीमों तक अलर्ट भेजा जा सकता है। इस डिवाइस से वाहन की रियल टाइम लोकेशन, गति और रूट की जानकारी मिलती रहती है। इससे बस के तय मार्ग से भटकने, वाहन के गलत इस्तेमाल या चोरी जैसी स्थिति में निगरानी आसान होती है।

हादसे की स्थिति में भी मिलेगी सटीक लोकेशन

सड़क हादसे की स्थिति में VLTD के जरिए वाहन की लोकेशन का पता लगाने में मदद मिलती है। इससे राहत और बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में आसानी हो सकती है। खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी वाहन की लाइव ट्रैकिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित बस संचालकों की नजर सुनवाई पर है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

Updated on:
11 Sept 2026 08:35 am
Published on:
11 Sept 2026 08:33 am