CG News: कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
CG News: छत्तीसगढ़ में अब सरकारी संस्थाओं के लिए भी रेत खदान आरक्षित की जा सकेगी। इसके अलावा रेत के अवैध कारोबार को रोकने के लिए सख्ती की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन किया गया है। इसमें खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण पर कड़े दंड का प्रावधान है। इसमें 25 हजार से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब केंद्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी।
इससे रेत के संकट में कमी आएगी। साथ ही रेत आसानी से मिलेगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि करना है। साथ ही अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है। गौण खनिज की ऐसी खदानें जो अकारण बंद रहती हैं अथवा शिथिल रहती है, उनमें अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने के लिए जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है।
कैबिनेट ने औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन को हरी झंडी दी है। इससे सेवा क्षेत्र को आवंटन के लिए स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा तय होगी। लैंड बैंक भूखण्डों के लिए एप्रोच रोड का प्रावधान किया गया है। पीपीपी मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
कैबिनेट ने दुधारू पशु देने की योजना का विस्तार करने का फैसला लिया है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ स्थानों पर ही चलाया जा रहा था। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी।
पशुओं के लिए जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकार हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड कंपनी से पशुओं के टीकों की खरीदी करेगी। यह एक प्रमुख भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनी है, जो राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। इससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि हो सकेगी।
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लंबे समय तक मध्यप्रदेश के बहुत से कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ से पेंशन राशि जारी हो रही थी। छत्तीसगढ़ में पेंशन के बढ़े खर्च को देखते हुए वित्त विभाग ने इसकी पड़ताल की, तो मामले का खुलासा हुआ। इसमें बैंकों की लापरवाही की बात सामने आईं। इससे छत्तीसगढ़ को 10,536 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया था।
इसके बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश से संपर्क किया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के संयुक्त दल ने इसकी जांच की। वित्त विभाग ने मध्यप्रदेश को राशि वापस करने के लिए तैयार किया। मध्यप्रदेश ने वर्ष 2025-26 में 2000 करोड़ रुपए दे दिए हैं। अब शेष 8,536 करोड़ रुपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किस्तों में देने की बात कहीं है। इसे कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।