अगर रेलवे एनाउंसर या रेडियो जॉकी की फील्ड में आप अपने करियर बनाना चाहते हैं तो यह कोर्सेज फायदेमंद साबित होंगे।
रायपुर. रोजमर्रा जिंदगी में हम रेलवे स्टेशन, रेडियो, टेलीविजन स्टेशन आदि पर काफी सारी अनाउंसमेंट सुना करते हैं। इन अनाउंसमेंट्स में हमारा ध्यान पूरी तरह से आकर्षित करने की ताकत होती है। एनाउंसर की आवाज चाहे नई ही क्यों ना हो फिर भी हमें ऐसा एहसास होता है जैसे हमने पहले कहीं ऐसी आवाज सुनी हो। इसकी वजह यह है कि एनाउंसर की पोजीशन पर बैठे व्यक्ति इस काम के लिए प्रशिक्षित होते हैं। अगर आप भी एक अनाउंसर (Announcer) या फिर रेडियो जॉकी (Radio Jockey) के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना करियर (Career) बनाना चाहते हैं तो ऐसा करने के सर्वोत्तम तरीके इस प्रकार हैं।
रेडियो जॉकी बनने के लिए ये हैं आवश्यक कोर्स
रेडियो जॉकींग विभिन्न प्रकार के कोर्सेज के माध्यम से की जा सकती है। प्रत्येक की अपनी पात्रता (eligibility) और दिशानिर्देश (guidelines) होते हैं। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेज इसकी जानकारी निम्नलिखित है।
• डिप्लोमा इन रेडियो प्रोग्रामिंग एंड ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट (DRPM) [पात्रता: 12वीं पास]
• डिप्लोमा इन रेडियो प्रोडक्शन एंड रेडियो जॉकी (DRJ) [पात्रता: 12वीं पास]
• पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट (PGDRBM) [पात्रता: स्नातक की डिग्री]
• सर्टिफिकेट कोर्स इन रेडियो जॉकी (CRJ) [पात्रता: 12वीं पास]
रेडियो जॉकी या एनाउंसर का कोर्स (RJ Course) करने के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। इसके बाद किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा का कोर्स किया जा सकता है। जिस तरह रेडियो जॉकी बनने के लिए बॉलीवुड की सभी फिल्मों से लेकर गानों की जानकारी होनी चाहिए उसी तरह रेलवे में अनाउंसर बनने के लिए सभी ट्रेनों की जानकारी होने के साथ ही हर भाषा का भी ज्ञान होना चाहिए। हालांकि रेलवे में सीधे तौर पर अनाउंसर की जॉब तो नहीं है। कल्चरर कोटे से यहां तक जरूर पहुंचा जा सकता है।
किसी भी पद का एनाउंसर बनने के लिए ये होनी चाहिए स्किल्स
• शब्दों का उच्चारण अच्छा होना चाहिए।
• स्टोरी टेलिंग की टैक्निक्स होनी चाहिए।
• कम्युनिकेशन स्किल बहुत अच्छी होनी चाहिए
• देखा जाए तो बातें तो सभी कर लेते हैं लेकिन एनाउंसर या आरजे बनने के लिए आपको अपना एक अलग ही अंदाज डेवलप करना होगा।
• फनी मिजाज भी इस जॉब के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।
• इसके अलावा शहर भर के साथ देश-विदेश में हो रहे सभी इवेंट्स की भी जानकारी होनी चाहिए।
• यदि एक अच्छे राइटर हैं तो एनाउंसर या आरजे की फील्ड के लिए काफी फायदेमंद रहता है।
आवाज में क्वालिटी और कॉन्फिडेंस हो
डीआरएम ऑफिस रायपुर की ऑफिस सुप्रीटेंडेंट प्रीती राजवैद्य का कहना है कि सबसे पहले इस बात को जांचें कि जब आप बोल रहे होते हैं तो लोग उसे सुनते हैं या नहीं। यानी आपकी आवाज़ में आकर्षण है या नहीं। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, आजकल तो हर किसी के पास मोबाइल है। ये जरूर है कि आकाशवाणी में स्वर परीक्षण होता है। इसी से आपकी आवाज की ग्रेडिंग होती है और आपको वहां अनाउसर का मौका मिल जाता है। रही बात रेलवे की तो यहां सीधे तौर पर अनाउंसर की नियुक्ति तो नहीं होती लेकिन आप कल्चरर कोटे से पहुंच सकते हैं।