रायपुर

छत्तीसगढ़ में सीमेंट हुआ महंगा! 80 रुपये तक बढ़ी कीमत, 40 हजार करोड़ के सरकारी कामों पर लगा ब्रेक

Middle East War Impact: सीमेंट, ईंधन और बिटुमिन महंगे होने से 95% सरकारी प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं, वहीं ओपीसी और पीपीसी सीमेंट में 80 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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Apr 16, 2026
मिडिल ईस्ट वार का असर: सीमेंट महंगा, 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट अटके(photo-patrika)

Middle East War Impact: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के नाम पर निर्माण सामग्रियों की कीमतों में कंपनियों की जमकर मुनाफाखोरी जारी है। 95 प्रतिशत सरकारी निर्माण कार्यों पर इसका साफ असर दिखने लगा है। ईंधन, सीमेंट, बिटुमिन के बाद अब सीमेंट की कीमतों ने बाजार में हडक़ंप मचा दिया है। कंट्रक्शन कार्यों में उपयोग होने वाला ओपीसी और पीपीसी सीमेंट में मुनाफाखोरी 80 रुपये पार कर चुकी है।

Middle East War Impact: मिडिल ईस्ट वार का असर

बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के छत्तीसगढ़ चैप्टर ने कहा है कि मिडिल ईस्ट वार के बाद ईंधन, बिटुमिन, स्टील, सीमेंट, इमल्शन सहित अन्य निर्माण सामग्रियों की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। हालात नियंत्रण से बाहर है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रूपेश ङ्क्षसघल ने कहा कि निर्माण सामग्रियों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से प्रदेश में सडक़, बिल्ंडिग से लेकर हित अन्य निर्माण में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।

बढ़ती लागत के कारण ठेकेदारों के लिए तय समय सीमा में काम पूरा करना चुनौती बन गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी सहित विभागीय अनुबंधों में लागत वृद्धि का फार्मूला बढ़ी हुई कीमतों के मुकाबले असंगत है। इस संबंध में एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से राहत पैकेज की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। कांट्रेक्टर्स का कहना है कि कई सामिग्रयों की कीमतों में 100 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है, जबकि लोक निर्माण विभाग के अनुबंध में 10 से 20 प्रतिशत तक ही राहत का प्रावधान है, जो वर्तमान परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं है।

260 से 340 रु. पहुंची सीमेंट की कीमतें

एसोसिएशन के अनुसार प्रदेश में कंस्ट्रक्शन कार्यों में उपयोग होने वाले ओपीसी और पीसीसी सीमेंट की कीमतें पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की तुलना में 70 से 80 रुपये प्रति बैग अधिक हैं। वर्तमान में राज्य में सीमेंट की कीमत करीब 340 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गई है, जो कि पहले 260 रुपये थी। जबकि कच्चा माल प्रदेश में ही उपलब्ध है। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आलोक शिवहरे व कमलप्रीत ङ्क्षसह ओबेराय ने सीमेंट कंपनियों पर कर्टेल बनाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से जांच और हस्तक्षेप की मांग की है।

केंद्रीय मंत्रालयों से लेकर राज्य के विभागों को चिठ्ठी: रायपुर चैप्टर के चेयरमेन सुशील अग्रवाल ने बताया कि बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को चिठ्ठी लिखी है। प्रधानमंत्री कार्यालय सहित वित्त मंत्रालय, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय, सडक़ एवं परिवहन मंत्रालय, कार्पोरेट अफेयर्स, शहरी विकास मंत्रालय, श्रम, जल शक्ति, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, रेलवे, भारी उद्योग मंत्रालय में ई-मेल से ज्ञापन सौंपा है।

Updated on:
16 Apr 2026 11:08 am
Published on:
16 Apr 2026 11:05 am
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