
CG Indrawati Bhawan ( Photo - DPR Chhattisgarh )
Chhattisgarh Anukampa bharti: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी नगरीय निकायों से कार्यालयवार लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।( Chhattisgarh News ) विभाग के अवर सचिव अजय तिर्की ने जारी पत्र में सभी निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उनके निकायों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों की जानकारी भेजी जाए।
विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी में संबंधित कार्यालय या निकाय का नाम, दिवंगत कर्मचारी का नाम एवं पद, मृत्यु की तिथि, आवेदक का नाम, दिवंगत कर्मचारी से संबंध, आवेदन की तिथि, प्रकरण कितने समय से लंबित है, वर्तमान स्थिति तथा लंबित रहने के कारणों का उल्लेख करना होगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्यभर में विभिन्न नगरीय निकायों में अनुकंपा नियुक्ति के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे मामलों के कारण दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लंबित प्रकरणों की वास्तविक स्थिति जानने और उनके त्वरित निराकरण की दिशा में यह पहल शुरू की है।
अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों में प्रशासनिक देरी को लेकर हाई कोर्ट सख्त हुआ है। राजनांदगांव नगर पालिक निगम के दिवंगत कर्मचारी बीरजू समुन्द्रे की पुत्री अमिशा समुन्द्रे की याचिका को लेकर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को चार महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है। बता दें कि 13 अगस्त 2019 को सेवाकाल के दौरान याचिकाकर्ता अमिशा समुन्द्रे (23) के पिता का निधन हो गया था।
उनके पिता बीरजू समुन्द्रे नगर पालिक निगम राजनांदगांव में कार्यरत थे। इसके बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा। मामले में अधिवक्ता अंकुश सोनी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। याचिका में अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई थी।
परिवार की स्थिति को देखते हुए अमिशा समुन्द्रे ने 26 जुलाई 2022 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। हालांकि, लंबे समय बीतने के बावजूद आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। मामले में अधिवक्ता अंकुश सोनी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। याचिका में अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई थी।
Published on:
14 Jun 2026 11:40 am
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