CG Film: आसपास के राज्यों से तुलना करें तो सबसे ज्यादा रीजनल फिल्में छत्तीसगढ़ में बनी हैं। हालांकि इनमें से दो फिल्में ही ब्लॉकबस्टर रहीं।
CG Film: छत्तीसगढ़ी सिनेमा न सिर्फ स्थापित हो चुका है बल्कि करवटें भी लेने लगा है। यही वजह है कि तकनीकी तौर पर भी सीजी फिल्म इंडस्ट्री स्ट्रॉन्ग हो चुकी है। सोशल मीडिया पर फिल्मकारों से अक्सर पूछा जाता है आप लोग लव स्टोरी के अलावा कुछ और क्यों नहीं बनाते। कुछ मेकर्स ने न्यू टॉपिक पर फिल्में बनाई हैं जो 2025 में देखी जा सकेगी। दंतकथाओं पर आधारित यह फिल्में आपको थोड़ी हंसाएगी तो थोड़ी डराएगी भी। इसमें मनोज वर्मा निर्देशित सुकवा, डॉ. शांतनु पाटनवार निर्देशित दंतेला और भारती वर्मा निर्देशित भभूत शामिल है।
मनोज वर्मा ने बताया, सुकवा छत्तीसगढ़ की दंत कथा पर बेस्ड है। सुकवा तारा को कहते हैं जो सुबह-सुबह दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे सुकवा बेरा भी कहा जाता है। गरिमा दिवाकर, मन और दीक्षा अभिनीत फिल्म का ट्रेलर आ चुका है। ट्रेलर देखकर यह फिल्म हॉरर लग रही है। वर्मा ने कहा कि ये ऐसी हॉरर फिल्म है जिसे देखकर डर नहीं लगेगा बल्कि भूतों से प्यार हो जाएगा।
भारती वर्मा ने बताया, भभूत हॉरर मूवी है जो सच्ची घटना पर आधारित है। यह छत्तीसगढ़ी के अलावा तमिल, तेलुगू और हिंदी में रिलीज होगी। फिल्म में अनिल सिन्हा, आरवी सिन्हा और अंजलि ने मुख्य भुमिका निभाई है। इसके अलावा डार्लिंग प्यार झुकता नहीं-3 भी हॉरर मूवी है।
दंतेला फिल्म की कहानी बलरामपुर जिले के छोटे से गांव चरचरी की है, जहां सिर्फ लाल पानी ही निकलता है। डॉ. शांतनु पाटनवार ने बताया, पौराणिक कथाओं के अनुसार गांव में दंतेला नाम की चुड़ैल रहती थी। मल्टी लैंग्वेज फिल्म में एवरग्रीन विशाल और राया डिंगोरिया दिखाई देंगे। इसका ट्रेलर आ चुका है। शांतनु एक अन्य फिल्म धुरवा भी बना रहे हैं।
2024 में 29 छत्तीसगढ़ी फिल्में रिलीज हुईं। इसमें सबसे बड़ी हिट सतीश जैन निर्देशित मोर छैयां भूईंया-2 रही। इसके बाद अमलेश नागेश निर्देशित हंडा ने सफलता अर्जित की। प्रणव झा निर्देशित बीए फाइनल ईयर को भी सराहा गया। अमलेश स्टारर डार्लिंग प्यार झुकता नहीं-2 भी रिलीज हुई है लेकिन उसके आंकड़ें नहीं मिले हैं।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा में ऐसा पहली बार हुआ जब श्याम टॉकीज देर रात तक चलती रही। अमलेश नागेश निर्देशित और अभिनीत फिल्म हंडा की ओपनिंग इतनी ताबड़तोड़ थी कि रात 11.30 बजे भी इसका शो चला। यह अपने आप में रेकॉर्ड रहा।
12 जनवरी - माटी पुत्र
19 जनवरी - तहीं बनबे मोर दुल्हनिया
26 जनवरी- दूल्हा राजा
8 फरवरी - गांव के जीरो, शहर मा हीरो
16 फरवरी- स्टेशन वाली डार्लिंग
23 फरवरी - ए सजनी
1 मार्च - मांग सजा दे सजना
8 मार्च - सतरंगी 420
15 मार्च - मया के भूख
29 मार्च - चाहत
19 अप्रैल - बी ए फाइनल ईयर
10 मई- माई के लाल रुद्र
24 मई - एमसीबी - 2
5 जुलाई - हंडा
26 जुलाई मोर बाई हाई फाई
15 अगस्त - का यही ल कइथे मया
23 अगस्त - जवानी जिंदाबाद
30 अगस्त - संघर्ष एक जंग
30 अगस्त - ए दद्दा रे
13 सितंबर - आखिरी फैसला
20 सितंबर - तोर मया में सजनी
30 सितंबर- तहि मोर आशिकी
4 अक्तूबर - चंदा मामा
18 अक्टूबर- बाली फूल वेलकम बस्तर दस्तावेज
18 अक्टूबर- दस्तावेज
15 नवंबर - सुन सजना
22 नवंबर - तीजा के लुगरा 2 बेटा
22 नवंबर - बेटा
20 दिसंबर- डार्लिंग प्यार झुकता नहीं 2