रायपुर

राजनीति में रामकथा के शूरवीर: छत्तीसगढ़ की रामायण में कौन-कौन हैं महाबली

यूँ तो यह राम रावण का युद्ध नहीं है लेकिन रामायण के सभी प्रमुख पात्रों का अक्स हमें प्रमुख दलों के योद्धाओं में नजर आता है कई ऐसे योद्धा हैं जो कठिन वक्त में संकटमोचक की भूमिका निभाते हैं

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Oct 19, 2018
राजनीति में रामकथा के शूरवीर: छत्तीसगढ़ की रामायण में कौन-कौन हैं महाबली

आवेश तिवारी/रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा के रण की तैयारी चरम पर है। कांग्रेस भाजपा और जनता कांग्रेस समेत सभी छोटे बड़े दलों ने अपने अपने योद्धाओं को रणक्षेत्र में उतरने का आदेश दे दिया है। कांग्रेस ने योद्धाओं की पहली सूची जारी कर दी है।

जिरहबख्त बांध लिए गए हैं। यूँ तो यह राम रावण का युद्ध नहीं है लेकिन रामायण के सभी प्रमुख पात्रों का अक्स हमें प्रमुख दलों के योद्धाओं में नजर आता है कई ऐसे योद्धा हैं जो कठिन वक्त में संकटमोचक की भूमिका निभाते हैं तो कई ऐसे हैं जो वक्त पडऩे पर सुग्रीव अंगद और मेघनाद बन जाते हैं।

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निस्संदेह दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस में विभीषण भी हैं जैसे रामायण में रावण की लंका विभीषण की वजह से ही जल पाई राजनीति के विभीषणों की वजह से कई सीटों पर दोनों ही दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल हम चर्चा करते हैं कि दोनों ही प्रमुख दलों में वो कौन से बलशाली हैं जिनकी कार्यशैली को देखकर रामायण के प्रमुख पात्रों की याद आती है।

हनुमान : हनुमान भगवान राम के सर्वाधिक प्रिय हैं। वह सर्वाधिक बलशाली और बुद्धिमान माने जाते हैं। द्वन्द में रहने वाले का हनुमानजी सहयोग नहीं करते हैं । कहा जाता है भगवान राम की प्राप्ति हनुमान की उपासना से ही संभव है।

मोतीलाल वोरा, कांग्रेस पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष
दिल्ली में रहे पार्टी के संकटमोचक के रूप में मुख्य भूमिका में रहे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के लिए कभी कोई भी समस्या खड़ी हुई हो, चाहे पिछले चुनाव में जोगी की जिद हो या फिर प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भूपेश बघेल का चुनाव या फिर विपक्षी दलों के साथ किसी किस्म के गठबंधन का मामला हो सबकी निगाहें मोतीलाल वोरा की ओर जाती हैं।

बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री
हमेशा पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका में रहते है। जब कभी सदन के भीतर या बाहर भाजपा पर विपक्ष का आक्रमण होता है भाजपा बृजमोहन अग्रवाल को मुकाबले के लिए उतार देती है। आलम यह है कि खुद मुख्यमंत्री भी तमाम जरुरी मुद्दों पर केवल बृजमोहन अग्रवाल पर ही यकींन कर सकते हैं।

अंगद : रावण की लंका को ध्वस्त करने वाली राम सेना के एक प्रमुख योद्धा थे। राम ने उन्हें रावण के पास दूत बनाकर भेजा था। वहां की राजसभा का कोइ भी योद्धा उनका पैर तक नहीं डिगा सका।

सत्यनारायण शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक
2008 को छोडक़र लगातार विजयी रहे हैं। पार्टी को इस बात का इत्मीनान है कि हर कीमत पर उनकी सीट इस बार भी निकल जाएगी। पहले सत्यनारायण शर्मा मंदिर हसौद से विधायक चुने जाते थे 2013 में वह रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। शर्मा, अविभाजित मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में कांगेस सरकार के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के केबिनेट मंत्री भी रहे हैं।

अमर अग्रवाल, नगर विकास मंत्री
1998 में विधानसभा के लिए चुनाव के लिए बिलासपुर क्षेत्र से भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था। आज 20 साल बाद भी अमर अग्रवाल की भाजपा में विशेष जगह है । पार्टी की कोई भी जिम्मेदारी लेने से अमर अग्रवाल कभी इनकार नहीं करते। सर्वाधिक विवादों में घिरे स्वास्थय विभाग की भी जिम्मेदारी अमर अग्रवाल ने बखूबी निभाई।

सुग्रीव : सुग्रीव रामायण के एक प्रमुख पात्र है। वह बालि का अनुज है। लंका पर चढ़ाई के लिए सुग्रीव ने ही वानर तथा छीर सेना का प्रबन्ध किया था।

सौदान सिंह, सहसंगठन मंत्री भाजपा
भाजपा में सुग्रीव की भूमिका सौदान सिंह निभा रहे हैं। भाजपा के सह संगठन मंत्री सौदान सिंह की छत्तीसगढ़ की राजनीति में दखल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा की चुनावी रणनीतियों को तैयार करने और टिकट वितरण को अनंतिम तौर पर तय करने की जिम्मेदारी इनकी है। सौदान सिंह पार्टी और आरएसएस के बीच भी सेतु का काम करते हैं ।

पीएल पुनिया, कांग्रेस प्रभारी
पार्टी की रणनीतियों को तय करने के साथ साथ पार्टी में जारी गुटबंदी को दूर करने में भी इनकी प्रमुख भूमिका रही है। हाल के दिनों में दिग्गजों को कांग्रेस पार्टी से जोडऩे का काम भी पुनिया ने किया। उनकी समझदारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों भूपेश पर ऑडियो को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया तो उसे खारिज कर दिया।

सुषेन : जब रावण के पुत्र मेघनाद के साथ हुए भीषण युद्ध में लक्ष्मण घायल होकर मूर्छित हो गये, तब सुषेन ने ही लक्ष्मण की चिकित्सा की थी।

बिसराराम यादव, आरएसएस के प्रांत संघ संचालक
भाजपा कमजोर नजर आती है वहां खुद मोर्चा संभाल लेते हैं। ,आदिवासी इलाकों में भाजपा की मजबूत पकड़ के मूल में भी यहीं हैं। पिछले चुनाव में भाजपा की बस्तर और सरगुजा में स्थिति अच्छी नहीं थी। लेकिन अब स्थिति बदली है।

टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष
पूरी तरह से समर्पित सरगुजा राजपरिवार से है। पार्टी में उनकी राय को महत्व दिया जाता है। विधानसभा के भीतर या फिर चुनाव में जहाँ कही पार्टी कमजोर पड़ती है वहां सिंहदेव की सेवा ली जाती है, टीएस सिंहदेव के कद पार्टी में सबसे ऊपर है।

जामवंत : वह जामवंत ही थे जो हनुमान जी को उनकी शक्ति से अवगत कराते हैं। उनके विचारों का राम हनुमान सभी सम्मान करते हैं

करुणा शुक्ला, पूर्व सांसद
भाजपा छोडक़र कांग्रेस में आई करुणा शुक्ला की पार्टी में अपनी विशेष जगह है। संगठन में भी उनकी राय को विशेष महत्त्व दिया जाता है उनके हिसाब से काम होता है , जब कभी भाजपा से सीधा मोर्चा लेना होता है कांग्रेस उन्हें उतार देती है।

बद्रीधर दीवान, विधानसभा उपाध्यक्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान पार्टी के सबसे बुजुर्ग विधायक है । बेलतरा से विधायक बद्रीधर अविभाजित मध्य प्रदेश में भी विधायक रहे हैं पार्टी में इनकी बात को हमेशा तवज्जों और सम्मान दिया जाता रहा है।

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Published on:
19 Oct 2018 06:10 pm
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