नागरिक आपूर्ति घोटाला मामले (Chhattisgarh Civil Supply Scam) में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने चिंतामणि चंद्राकर को हिरासत में लिया है।
रायपुर. नागरिक आपूर्ति घोटाला मामले (Chhattisgarh Civil Supply Scam) में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने चिंतामणि चंद्राकर को हिरासत में लिया है। ईओडब्ल्यू की टीम चिंतामणि चंद्राकर से पूछताछ कर रही है। बीते दिनों ईओडब्ल्यू की टीम ने चिंतामणि चंद्राकर के कांकेर बेंगलुरु और रायपुर स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईओडब्ल्यू को छापे मार कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ था।
नान घोटाले में चिंतामणि चंद्राकर का नाम भी सामने आया था। नागरिक आपूर्ति घोटाले और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओडब्ल्यू की टीम पूछताछ कर रही है। ईओडब्ल्यू के एडीजी जीपी ने चिंतामणि चंद्राकर के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
बतादें कि नान घोटाले में मुख्य आरोपी शिवशंकर भट्ट के नए खुलासों के बाद जांच का एक नया सिरा खुल गया है। घोटाले की जांच कर रहा विशेष जांच दल आरोपों के दायरे में आए चिंतामणि चंद्राकर समेत 5 प्रमुख लोगों से शिवशंकर भट्ट के सामने पूछताछ करने की तैयारी में है।
इसमें चिंतामणि चंद्राकर के अलावा भारतीय वन सेवा अवसर एवं नान के तत्कालीन एमडी कौशलेंद्र सिंह, एमडी के पीए रहे गिरीश शर्मा, शिव शंकर भट्ट के पीए रहे केके बारिक और एक अन्य का नाम शामिल है। कहा जा रहा है, सभी को सम्मन जारी कर एसआईटी दफ्तर में बुलाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस घोटाले में आरोपी बनाए गए सभी 12 लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। उनकी भूमिका की जांच करने के लिए कौशलेन्द्र सिंह, गिरीश शर्मा, चिंतामणि चंद्राकर, केके बारिक के बयान को आधार बनाया जाएगा। बताया जाता है कि 36000 करोड़ के नान घोटाले में इन सभी की भूमिका है। जांच के दौरान इसके दस्तावेज भी ईओडब्ल्यू और एसआईटी को मिल चुके हैं।