शासन-प्रशासन की पहल और सख्ती की वजह से कवर्धा के हालात कुछ काबू में होते नजर आ रहे हैं। इस प्रयास की सफलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने शनिवार से सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी है।
रायपुर. शासन-प्रशासन की पहल और सख्ती की वजह से कवर्धा (Kawardha) के हालात कुछ काबू में होते नजर आ रहे हैं। कवर्धा में सर्व समाज की ओर से निकाले गए शांति मार्च से आम जनता का भरोसा लौटा है। इस प्रयास की सफलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने शनिवार से सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी है। यह छूट केवल शहर के लोगों के लिए ही रहेगी। इधर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय आपात बैठक की। इसमें कवर्धा की कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि दुर्ग आईजी विवेकानंद सिन्हा को निर्देशित किया है जो भी तथ्य है, उसे आम जनता तक मीडिया के माध्यम से पहुंचाया जाए। घटनाक्रम के लिए कोई भी दोषी या कितना ऊंचा पद रखने वाला व्यक्ति हो, उसका नाम जनता के बीच आना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम हाउस में हुई बैठक में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कवर्धा में बाहर से आने वाले लोगों को चिह्नांकित करना चाहिए। बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी डी.एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कवर्धा जिले के प्रभारी मंत्री टी.एस. सिंहदेव, दुर्ग आईजी विवेकानंद सिन्हा, कवर्धा के कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा और एसपी मोहित गर्ग शामिल हुए।
अशांति फैलाना था मकसद : मंत्री अकबर
कवर्धा के विधायक व वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि यह घटना प्रायोजित और सुनियोजित थी, जिसका मकसद अशांति फैलाने था। जो गिरफ्तारियां हुई हैं, वो वीडियोग्राफी के मुताबिक हुई। भाजपा सबूत दे तो अन्य गिरफ्तारी भी होगी। उन्होंने कहा कि जिस भगवा झंडे को लेकर विवाद हुआ था, उसे मैंने दोबारा लगवाया था। वहीं जो लोग गिरफ्तार हुए हैं, वे कवर्धा के नहीं हैं। पूरे मामले ने जांच चल रही है।
राज्यपाल से मिले भाजपा नेता, न्यायिक जांच की मांग
कवर्धा मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की और मामले की न्यायिक जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि कवर्धा में हिंदुओं के साथ बर्बरता से मारपीट की गई। बिना किसी जांच के एफआईआर दर्ज कर जेल में डाल दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, सांसद सुनील सोनी, सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अन्य शामिल थे। वहीं, इस घटना के विरोध में भाजपा शनिवार को सभी जिलों में प्रदर्शन करेगी।