CG Assembly Winter Session: विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रविवार को भले ही प्रश्नकाल नहीं हुआ, लेकिन छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट-2047 पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक ने अपने ही मंत्री पर तंज कसा।
CG Assembly Winter Session: विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रविवार को भले ही प्रश्नकाल नहीं हुआ, लेकिन छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट-2047 पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक ने अपने ही मंत्री पर तंज कसा। विपक्ष पहले ही इसका बहिष्कार कर चुका है और चर्चा में शामिल नहीं हुआ। चर्चा के दौरान एक-दो अवसर ऐसे आए जब सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच ही गरमा-गर्मी का माहौल देखने को मिला।
विधायक अजय चंद्राकर ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी को लेकर एक तंज कसा, तो स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक तरह से नाराजगी जताते हुए आपत्ति जताई और इसे सदन की कार्यवाही से विलोपित करने का अनुरोध किया। इस दौरान दोनों के बीच थोड़ी देर के लिए विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई थी। हालांकि चंद्राकर ने इस पर माफी मांगते हुए इस बात पर आपत्ति जताई कि इसे अलग रंग देने का प्रयास किया गया। विधायक चंद्राकर के एक अन्य बात पर मंत्री रामविचार नेताम ने भी आपत्ति जताते हुए उसे विलोपित करने का आग्रह किया।
मंत्री चौधरी विजन-2047 पर चर्चा कर रहे थे, तभी अचानक बिल्ली की म्याऊं-म्याऊं की आवाज आने लगी। सदन में पहले लगा किसी के फोन की रिंगटोन बज रही है। विधानसभा सचिवालय के अधिकारी आवाज की तरफ देखें तो वो अधिकारी दीर्घा थी। इस बीच मंत्री की भी हंसी छूट गई। सचिवालय के अधिकारियों ने तत्काल बिल्ली को भगाया।
वित्त मंत्री चौधरी ने कांग्रेस के बहिष्कार पर कहा, विपक्ष ने सेंट्रल विस्टा का भी बहिष्कार किया गया। आज प्रदेश का विपक्ष भी यही कर रहा है। अब जनता कांग्रेस का बहिष्कार करेगी। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा, सकारात्मक चर्चा में विपक्ष की गैरमौजूदगी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष ने अपनी मानसिकता का परिचय दे दिया है कि छत्तीसगढ़ के प्रति कांग्रेस की कोई सोच नहीं है। सेंट्रल विस्टा, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा जैसे कार्यक्रमों का बहिष्कार करके कांग्रेस ने यही सिद्ध किया और अब भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के 2047 तक विकास पर हो रही चर्चा का भी बहिष्कार किया है।
इस विशेष सत्र के दौरान भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने विधायक निधि की राशि बढ़ाने की बात भी उठाई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने विधायक निधि बढ़ाए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया वे भी क्रांतिकारी कदम उठाते हुए विधायक निधि में बढ़ोतरी करें। उनका कहना है कि विधायक निधि 10 करोड़ की जाए।